Headline
Rajya Sabha Election
Rajya Sabha Election 2026: यूपी की 10 समेत 12 सीटों पर चुनाव का ऐलान, 16 अक्टूबर को वोटिंग
India UNSC Permanent Seat
India UNSC Permanent Seat: चार यूरोपीय देशों ने किया भारत का समर्थन, मांग को मिला नया बल
Trump TV Launch
Trump TV Launch : ट्रंप ने लॉन्च किया Trump TV, 24 घंटे चलेगा प्लेटफॉर्म, नवंबर में अमेरिकी मिडटर्म चुनाव
Weight Loss Tips
Weight Loss Tips: सिर्फ कम खाना नहीं, कैलोरी और न्यूट्रिएंट्स का अंतर समझकर घटाएं वजन
Anant Chaturdashi 2026 : 25 सितंबर को ही क्यों होगा गणपति विसर्जन, अनंत चतुर्दशी से क्या है संबंध
Baba Bageshwar
Baba Bageshwar: धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा ऐलान, हिंदू राष्ट्र के लिए नवरात्रि में निकालेंगे रथयात्रा
Asian Games 2026: हिमांशु ढिल्लों ने जीता सिल्वर, रुद्राक्ष पाटिल ने ब्रॉन्ज मेडल जीता, 10वें स्थान पर पहुंचा भारत
Insulin Resistance
Insulin Resistance : ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा कैसे करें कम, इंसुलिन रेजिस्टेंस सुधारने के तरीके जानें
Pitru Paksha 2026
Pitru Paksha 2026: कौआ श्राद्ध का भोजन न खाए तो क्या करें? जानें पितरों को प्रसन्न करने के उपाय

Parliament News : अमित शाह जवाब देंगे तो विपक्ष सुन नहीं पाएगा, विपक्ष के हंगामे पर किरेन रिजिजू का पलटवार

Parliament News

Parliament News : संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। इस बार विवाद का केंद्र केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में कथित गैरमौजूदगी बन गया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में उपस्थित होकर जवाब देने से बच रहे हैं। विपक्ष ने विशेष रूप से छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई, पैलेट गन के इस्तेमाल और आंसू गैस छोड़े जाने के मामले पर गृह मंत्री से सदन में बयान देने की मांग की। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर और सदन के भीतर विरोध प्रदर्शन भी किया।

केसी वेणुगोपाल ने तख्तियां दिखाकर उठाए सवाल

कांग्रेस के संगठन महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान गृह मंत्री की अनुपस्थिति को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान तख्तियां भी प्रदर्शित कीं और कहा कि यह केवल विपक्ष का नहीं बल्कि पूरे देश का सवाल है। उनके मुताबिक, छात्र और देश की जनता जानना चाहती है कि छात्रों के खिलाफ पुलिस बल प्रयोग का आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को स्वयं संसद में आकर जवाब देना चाहिए और पूरे मामले की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।

‘गृह मंत्री संसद से क्यों बच रहे हैं?’

केसी वेणुगोपाल ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और सरकार की जवाबदेही यहीं तय होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर गृह मंत्री लोकसभा और राज्यसभा में आकर इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी बात रखने से क्यों बच रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा है और केवल कुछ दिन ही शेष हैं, तब गृह मंत्री का सदन में उपस्थित होकर विपक्ष और जनता के सवालों का जवाब देना लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा होना चाहिए।

स्पीकर से हस्तक्षेप की भी की गई मांग

कांग्रेस सांसद ने बताया कि विपक्ष ने इस पूरे मामले को लेकर लोकसभा अध्यक्ष से भी हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने स्पीकर से आग्रह किया है कि वे संसदीय कार्य मंत्री को आवश्यक निर्देश दें ताकि गृह मंत्री सदन में आकर अपना पक्ष रखें। विपक्ष का कहना है कि संसद के मौजूदा सत्र में अब केवल चार दिन बचे हैं और ऐसे में सरकार को जवाबदेही से बचना नहीं चाहिए।

किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों को बताया राजनीतिक ड्रामा

वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल जानबूझकर संसद की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोकसभा में एमएसएमई (MSME) विधेयक पारित हो चुका है और संसद का कामकाज लगातार जारी है। उनके अनुसार यह कहना गलत है कि सदन नहीं चल रहा है। उन्होंने कहा कि संसद में विधेयक पारित हो रहे हैं, चर्चाएं हो रही हैं और राज्यसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसद विभिन्न विषयों पर अपने विचार रख रहे हैं।

‘विपक्ष के हंगामे से कम हुई चर्चा’

किरेन रिजिजू ने कहा कि यदि संसद में बहस सीमित रही है तो इसका एकमात्र कारण विपक्ष द्वारा किया गया लगातार हंगामा और नारेबाजी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दल व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं, जिससे महत्वपूर्ण विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सदन चलाने और विधायी कार्य पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन विपक्ष के रवैये के कारण बहस का समय कम हो गया।

विशेष सत्र की मांग पर भी दिया जवाब

संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष द्वारा विशेष सत्र बुलाने की मांग पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब संसद का मानसून सत्र पहले से जारी है, तब उसी अवधि में अलग से विशेष सत्र बुलाने का कोई औचित्य नहीं बनता। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार के सामने फिलहाल विशेष सत्र बुलाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि संसद की नियमित कार्यवाही जारी है और सरकार तय एजेंडे के अनुसार काम कर रही है।

‘अमित शाह जवाब देंगे तो विपक्ष सुन नहीं पाएगा’

रिजिजू ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सुबह से देर रात तक संसद परिसर में मौजूद रहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष जिस तरह से इस मुद्दे पर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है, वह केवल “ड्रामा” है। उन्होंने यह भी कहा कि जब गृह मंत्री सदन में अपनी बात रखेंगे, तब विपक्ष को शांत होकर उनकी बात सुननी होगी। रिजिजू ने आरोप लगाया कि यदि विपक्ष उस समय वॉकआउट करता है या सुनने से इनकार करता है, तो उसे अब तक सदन में व्यवधान पैदा करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।

नए सांसदों के अवसर छिनने का लगाया आरोप

किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर यह आरोप भी लगाया कि उनके वरिष्ठ नेता लगातार हंगामा करते हैं, जिसकी वजह से विपक्ष के नए सांसदों को सदन में बोलने का अवसर नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हर सांसद को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन लगातार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन से सबसे अधिक नुकसान विपक्ष के अपने नए सांसदों का ही हो रहा है। उन्होंने विपक्ष से रचनात्मक बहस में भाग लेने की अपील की।

राज्यसभा में भी उठा गृह मंत्री के बयान का मुद्दा

यह मामला केवल लोकसभा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्यसभा में भी विपक्ष ने गृह मंत्री के बयान की मांग जोर-शोर से उठाई। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई नेताओं ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर सरकार को सदन में स्पष्ट जवाब देना चाहिए। विपक्ष का कहना है कि छात्रों से जुड़े घटनाक्रम और पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए ताकि पूरे देश के सामने सरकार का पक्ष स्पष्ट हो सके।

सभापति ने रिजिजू से पहुंचाने को कहा विपक्ष का संदेश

राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने भी इस विषय पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से विपक्ष की भावनाएं गृह मंत्री तक पहुंचाने का अनुरोध किया। सभापति ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि वे विपक्ष की मांग से गृह मंत्री को अवगत कराएं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सदन में बयान देना या न देना पूरी तरह गृह मंत्री का अधिकार और निर्णय होगा। संसदीय परंपरा के अनुसार इसे आसन की ओर से सरकार को दिया गया एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

सत्र के अंतिम दिनों में बढ़ सकती है राजनीतिक गर्मी

मानसून सत्र के समापन में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में गृह मंत्री की उपस्थिति, विपक्ष की मांग और सरकार की रणनीति को लेकर राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म होने की संभावना है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार का कहना है कि संसद का कामकाज सुचारु रूप से चल रहा है और विपक्ष अनावश्यक हंगामा कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या गृह मंत्री सदन में बयान देते हैं या यह विवाद सत्र समाप्त होने तक राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना रहता है।

Read More :  PM Modi News: पीएम मोदी का NDA सांसदों को भरोसा, बोले- किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
सिगरेट छोड़ने का बना लिया है मन? इन बातों का रखें ध्यान मोमोज के साथ चाहिए परफेक्ट लाल चटनी, इस आसान तरीके से बनाएं घर पर फेस्टिव सीजन में छाना है तो शहनाज गिल का ये सूट लुक जरूर देखें रसीली नाशपाती के ये फायदे नहीं जानते होंगे आप, डाइट में करें शामिल कॉफी पीने का सही तरीका क्या है? जानिए दिन में कितने कप हैं सुरक्षित