Headline
Ram Mandir Chadhawa Chori: ट्रस्ट अधिकारियों को क्लीन चिट, चंपत राय-अनिल मिश्रा-गोपाल राव बने गवाह
Greater Noida Bus Fire
Greater Noida Bus Fire: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में भीषण आग, 9 यात्रियों की मौत
PM Modi Seva Yatra
PM Modi Seva Yatra: वडनगर से वाराणसी निकलीं 10 बाइक टीमें, आज बाइकरों से संवाद करेंगे PM मोदी
PM Modi Chintan Shivir
PM Modi Chintan Shivir : PM मोदी ने मंत्रियों के साथ किया मंथन, विकसित भारत को लेकर दिए संदेश?
Methi Leaves Benefits
Methi Leaves Benefits: मेथी के पत्ते क्यों हैं सेहत का खजाना? डायबिटीज से पाचन तक जानें डॉक्टर के बताए फायदे
Anant Chaturdashi 2026
Anant Chaturdashi 2026 : पूजा में चाहिए ये सामग्री, यहां देखें पूरी लिस्ट और नियम
ECI SIR Row
ECI SIR Row : SIR विवाद पर BJP का पलटवार, संबित पात्रा बोले- विपक्ष कर रहा चुनाव आयोग पर हमला
ECI SIR Controversy : SIR पर उठे सवालों के बीच ECI ने जारी किया बयान, जानिए आयोग ने क्या कहा
BJP State Incharge : चुनावी अभियान से पहले BJP का बड़ा फैसला, इन 77 नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी

Anant Chaturdashi 2026 : पूजा में चाहिए ये सामग्री, यहां देखें पूरी लिस्ट और नियम

Anant Chaturdashi 2026

Anant Chaturdashi 2026 : भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करने की परंपरा है। वर्ष 2026 में अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखकर विधि-विधान से भगवान अनंत की आराधना करने से सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। इसी दिन दस दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव का भी समापन होता है।

25 सितंबर को होगी अनंत चतुर्दशी की पूजा

पंचांग के अनुसार, 25 सितंबर 2026 को भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी के अवसर पर अनंत चतुर्दशी मनाई जाएगी। इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और अनंत सूत्र धारण करते हैं। वहीं गणेश भक्तों के लिए भी यह तिथि विशेष होती है, क्योंकि कई स्थानों पर इसी दिन गणपति बप्पा का मुख्य विसर्जन किया जाता है। इस तरह एक ही दिन भगवान विष्णु की आराधना और गणेशोत्सव के समापन की धार्मिक परंपराएं जुड़ी हुई हैं।

अनंत चतुर्दशी पूजा की सामग्री पहले से करें तैयार

अनंत चतुर्दशी की पूजा के लिए सामग्री पहले से जुटा लेना बेहतर माना जाता है, ताकि पूजा के समय किसी वस्तु की कमी न हो। पूजा सामग्री में भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर, 14 गांठों वाला अनंत सूत्र, पीला वस्त्र, कलश, आम के पत्ते और नारियल शामिल किए जाते हैं। इसके अलावा रोली, अक्षत, चंदन, पीले फूल, पंचामृत, तुलसी दल, फल, पान, सुपारी, घी का दीपक, धूप, कपूर और गंगाजल भी पूजा में रखा जाता है।

भोग के लिए रखें 14 पूरी और 14 पुए

अनंत चतुर्दशी की पूजा में भोग का भी विशेष महत्व बताया जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान विष्णु को भोग लगाने के लिए 14 पूरी और 14 पुए तैयार किए जाते हैं। इसके साथ मौसमी फल और अन्य प्रसाद भी अर्पित किए जा सकते हैं। पूजा सामग्री और भोग की संख्या से जुड़ी परंपराएं परिवार तथा क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकती हैं, इसलिए अपनी मान्यता के अनुसार भी पूजा की जा सकती है।

14 गांठों वाले अनंत सूत्र का महत्व

अनंत चतुर्दशी की पूजा में अनंत सूत्र को महत्वपूर्ण माना जाता है। इस सूत्र में 14 गांठें लगाई जाती हैं। धार्मिक मान्यता में इन गांठों का संबंध भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप और 14 लोकों से जोड़ा जाता है। पूजा के दौरान भगवान अनंत की आराधना करने के बाद अनंत सूत्र धारण करने की परंपरा है। आमतौर पर पुरुष इसे दाहिने हाथ और महिलाएं बाएं हाथ में बांधती हैं।

14 पूरी और 14 पुए क्यों होते हैं खास?

पूजा में 14 पूरी और 14 पुए रखने की परंपरा भी अनंत चतुर्दशी से जुड़ी मान्यताओं का हिस्सा है। संख्या 14 को इस पर्व के धार्मिक स्वरूप से जोड़ा जाता है। भगवान विष्णु को भोग अर्पित करने के बाद प्रसाद का वितरण श्रद्धालुओं के बीच किया जाता है। इसके अलावा पूजा में फल, पंचामृत और अन्य सात्विक प्रसाद भी शामिल किए जाते हैं।

कलश स्थापना की पूजा में क्या भूमिका है?

अनंत चतुर्दशी की पूजा में कलश स्थापना को भी शुभ माना जाता है। कलश में स्वच्छ जल भरकर उसके ऊपर आम के पत्ते और नारियल रखा जाता है। इसे पूजा स्थल पर स्थापित करने के बाद उसके समीप भगवान विष्णु की तस्वीर या प्रतिमा रखी जाती है। इसके बाद रोली, अक्षत, चंदन और फूल अर्पित करके विधि-विधान से पूजा की जाती है।

पंचामृत और तुलसी से पूरी करें पूजा

भगवान विष्णु की पूजा में पंचामृत का इस्तेमाल भी किया जाता है। पंचामृत दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से तैयार किया जाता है। पूजा के दौरान भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में तुलसी को भगवान विष्णु से विशेष रूप से जुड़ा माना गया है। अंत में धूप-दीप और कपूर से आरती कर भगवान अनंत से परिवार की सुख-शांति और मंगल की प्रार्थना की जाती है।

Read More  : हुरुन रिच लिस्ट में बॉलीवुड का दबदबा, शाहरुख सबसे आगे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
हुरुन रिच लिस्ट में बॉलीवुड का दबदबा, शाहरुख सबसे आगे बप्पा के भोग में बनाएं खास सूजी-केला शीरा, स्वाद होगा लाजवाब स्पिरुलिना पाउडर क्यों है खास? सेवन से जुड़े 8 संभावित फायदे सिगरेट छोड़ने का बना लिया है मन? इन बातों का रखें ध्यान मोमोज के साथ चाहिए परफेक्ट लाल चटनी, इस आसान तरीके से बनाएं घर पर