ECI SIR Row : इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और अधिकारियों के बीच कथित मतभेद को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस समेत विपक्ष के नेताओं ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने आयोग का बचाव करते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।
संबित पात्रा ने विपक्ष के आरोपों को बताया गलत
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 2014 के बाद से विपक्षी दलों को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा है। उनके मुताबिक, इसी वजह से विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहा है। पात्रा ने कहा कि चुनाव आयोग पर सुबह से विपक्ष की ओर से लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं, जो उचित नहीं हैं।
चुनाव आयुक्तों के बीच संवाद को लेकर बीजेपी का तर्क
संबित पात्रा ने कहा कि चुनाव आयोग के तीनों अधिकारियों के बीच संवाद और पत्राचार लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि तीनों चुनाव आयुक्तों के बीच 14 बार पत्राचार हुआ है। बीजेपी सांसद के अनुसार, किसी संवैधानिक संस्था में अधिकारियों के बीच चर्चा, विचार-विमर्श और नोटिंग होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दर्शाता है।
‘अगर संवाद नहीं हो तो विपक्ष सवाल उठाता है’
पात्रा ने विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर चुनाव आयुक्तों के बीच बातचीत नहीं होती, तो विपक्ष इसे अलग तरीके से देखता। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में अलग-अलग राय और आपसी संवाद होना स्वाभाविक है। बीजेपी सांसद ने विपक्ष से पूछा कि जब अधिकारी अपने विचार रखते हैं और उनके बीच पत्राचार होता है, तो इसे लोकतंत्र के खिलाफ क्यों बताया जा रहा है।
SIR को लेकर पश्चिम बंगाल का उदाहरण
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उठ रहे सवालों के बीच संबित पात्रा ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण दिया। उन्होंने दावा किया कि जिन 20 विधानसभा सीटों पर SIR के दौरान सबसे अधिक नाम हटाए गए, उनमें से 13 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार विजयी हुए। उनके अनुसार, इन सीटों में कांग्रेस ने एक सीट जीती, जबकि बीजेपी के खाते में छह सीटें गईं।
बीजेपी ने वोट चोरी के आरोपों को बताया भ्रामक
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। इस पर पात्रा ने कहा कि बीजेपी 2014 से लगातार चुनाव जीत रही है और चुनाव प्रक्रिया लंबे समय से जारी है। उन्होंने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ संबंधी आरोपों को भ्रामक नैरेटिव बताया और कहा कि बीजेपी इस दावे का जवाब जनता के बीच देगी।
कांग्रेस के आरोपों पर भी बीजेपी का जवाब
कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग और बीजेपी के बीच कथित मिलीभगत जैसे आरोप लगाए गए हैं। पात्रा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष का मौजूदा विरोध बेवजह है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लोकतांत्रिक और संस्थागत व्यवस्था के तहत संचालित बताया।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी चुनाव आयोग को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में मतदान से जुड़ी कथित अनियमितताओं को भारतीय जनता और संविधान के खिलाफ बताया। राहुल गांधी ने बीजेपी, आरएसएस और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में न्याय होना चाहिए।
राहुल गांधी ने कार्रवाई की चेतावनी दी
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट के साथ साझा वीडियो में चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके अनुसार जो कुछ किया जा रहा है, वह गलत है। उन्होंने चुनाव आयोग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि समय आने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। हालांकि, चुनाव आयोग और बीजेपी की ओर से विपक्ष के आरोपों को लेकर अलग पक्ष सामने रखा गया है।
SIR और चुनाव प्रक्रिया पर बढ़ा राजनीतिक विवाद
चुनाव आयोग की भूमिका, SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। बीजेपी जहां आयोग की प्रक्रिया और अधिकारियों के बीच संवाद को लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बता रही है, वहीं विपक्ष चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठा रहा है। ऐसे में यह विवाद आने वाले दिनों में और राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है।
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