Headline
Manjalpur Bypoll Result
Manjalpur Bypoll Result: BJP की बड़ी जीत, सतीश पटेल ने 30 हजार+ वोटों से मारी बाजी
RSS Gen Z Outreach
RSS Gen Z Outreach: 100+ शहरों में युवाओं से संवाद करेंगे मोहन भागवत, बड़ा अभियान तैयार
Brij Bhushan Singh Case
Brij Bhushan Singh Case: बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत, कोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में किया बरी
CWG 2026
CWG 2026: भारत के 39 मेडल पर PM मोदी का संदेश, खिलाड़ियों की मेहनत को सलाम
US-Iran Talks
US-Iran Talks: ट्रंप बोले- समझौता हुआ तो बचेगी कई लोगों की जान, आज से शुरू होगी वार्ता
Vitamin C in Monsoon
Vitamin C in Monsoon: सर्दी-जुकाम से बचाएगा Vitamin C, मानसून में डॉक्टरों की ये सलाह जरूर मानें हर दिन
Sawan 2026
Sawan 2026: सावन में अगर दिखें ये सपने, तो समझिए भोलेनाथ की कृपा बरसने वाली है
NEET UG Counselling 2026
NEET UG Counselling 2026: काउंसलिंग डेट घोषित, 8 सितंबर से शुरू होगा नया मेडिकल सत्र
World Breastfeeding Week
World Breastfeeding Week: स्तनपान से मां और बच्चे दोनों को फायदे, जानें मिथक और सच

Nishikant Dubey Statement: नेहरू बयान पर कायम, परीक्षा विधेयक बहस में संसद का माहौल गरम

Nishikant Dubey Statement

Nishikant Dubey Statement: लोकसभा में मंगलवार को ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा के बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान से सदन का माहौल गरमा गया। मामला इतना बढ़ गया कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अपने पुराने बयान का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को लेकर की गई टिप्पणी पर फिर से अपना पक्ष रखा।

प्रियंका गांधी के बयान से शुरू हुआ विवाद

चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की परीक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है। उन्होंने छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन जैसी कार्रवाई की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर छात्रों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई का आदेश किसने दिया था।इसी दौरान प्रियंका गांधी ने नवनियुक्त शिक्षा मंत्री को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी है, जिसने एक मामले में यौन उत्पीड़न के आरोपियों के समर्थन से जुड़ी टिप्पणी की थी। उनके इस बयान के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।

भाजपा नेताओं ने प्रियंका गांधी से मांगा जवाब

प्रियंका गांधी के बयान पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आपत्ति जताई। उन्होंने कांग्रेस सांसद से अपने आरोपों के समर्थन में प्रमाण पेश करने की मांग की। सत्ता पक्ष ने कहा कि किसी भी मंत्री या सांसद के खिलाफ बिना तथ्यों के आरोप लगाना उचित नहीं है।किरेन रिजिजू ने कहा कि यदि लगाए गए आरोप साबित नहीं किए जा सकते तो उन्हें वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने इसे किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बयान बताया और सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की।

केसी वेणुगोपाल ने उठाया पुराने बयानों का मुद्दा

विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल भी बहस में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि संसद में पहले भी कई नेताओं को लेकर टिप्पणियां की गई हैं, जिन्हें रिकॉर्ड से नहीं हटाया गया। उन्होंने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के पुराने बयानों का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भी पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी को लेकर कई टिप्पणियां की थीं।वेणुगोपाल ने तर्क दिया कि यदि पुराने विवादित बयान रिकॉर्ड में मौजूद हैं, तो फिर वर्तमान मामले में अलग नियम नहीं अपनाया जाना चाहिए।

निशikांत दुबे ने दोहराई पुरानी टिप्पणी

केसी वेणुगोपाल के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अपने पुराने बयान को लेकर कहा कि वह आज भी अपनी बात पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो टिप्पणी की थी, वह कुछ पुस्तकों के आधार पर की गई थी और वह उसे प्रमाणित करने के लिए तैयार हैं।

निशिकांत दुबे के इस बयान के बाद सदन में माहौल और गर्म हो गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

पहले भी विवादों में रहा था निशिकांत दुबे का बयान

गौरतलब है कि निशिकांत दुबे इससे पहले भी जवाहरलाल नेहरू और गांधी परिवार को लेकर दिए गए बयानों के कारण विवादों में रह चुके हैं। बजट सत्र के दौरान पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब को लेकर संसद में चर्चा के दौरान उन्होंने कुछ पुस्तकों का हवाला देते हुए नेहरू को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।उन्होंने उस समय पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू के निजी सचिव रहे एम.ओ. मथाई की पुस्तक का भी उल्लेख किया था। उनके बयान को लेकर तब भी संसद में काफी हंगामा हुआ था और विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया था।

पेपर लीक मुद्दे पर जारी है राजनीतिक घमासान

लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान जहां सरकार इसे परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे सरकार की नाकामियों से जोड़कर सवाल उठा रहा है।पेपर लीक, छात्रों के प्रदर्शन और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। संसद में हुई इस बहस ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को केंद्र में ला दिया है।

Read More : Leg Pain Warning: पैर दर्द को हल्के में न लें, जानें कब हार्ट और कब स्पाइन विशेषज्ञ से मिलें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
पहले सावन सोमवार की पूजा ऐसे करें सफल कहां से आया फ्रेंडशिप डे का विचार? तवे पर बार-बार चिपक रहा डोसा? नमक बरसात में क्यों पकड़ लेता है नमी? इन छोटे बदलावों से सिंपल ब्लाउज बनेगा डिजाइनर पीस