Headline
Houthi Attack: सऊदी अरब में हूती हमलों से बढ़ा खतरा, 9 देशों में STEP अलर्ट; अमेरिका की एडवाइजरी
Varanasi News: यूपी ATS के साथ मुठभेड़ में 30 लाख का इनामी नक्सली कमांडर बृजेश गंझू ढेर
Kiren Rijiju Reaction : हामिद अंसारी के बयान पर भड़के किरेन रिजिजू, अलगाववादियों को लेकर पूछा बड़ा सवाल
Asian Games 2026
Asian Games 2026: भारत ने खोला मेडल खाता, महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम ने जीता सिल्वर
Sleep Deprivation
Sleep Deprivation: 6–8 घंटे से कम सोने पर शरीर और दिमाग में क्या होता है? जानिए डॉक्टर की सलाह
Ancestors in Dream
Ancestors in Dream : सपने में पूर्वजों का दिखना शुभ या अशुभ, जानिए स्वप्न शास्त्र के संकेत और मतलब
DUSU Result 2026 : DUSU चुनाव में ABVP का परचम, किरेन रिजिजू ने विजेताओं को दी बधाई
Amit Shah Health
Amit Shah Health : अमित शाह की बिगड़ी तबीयत, हुबली कार्यक्रम से रहे दूर, प्रह्लाद जोशी ने दिया अपडेट
NGT Conference
NGT Conference : भारत के कार्बन उत्सर्जन पर PM मोदी का बड़ा बयान, विकसित देशों का आंकड़ा चौंकाएगा

Sonam Raghuvanshi Case: सुप्रीम कोर्ट की सख्त चेतावनी, सरेंडर करो वरना जमानत होगी रद्द

Sonam Raghuvanshi Case

Sonam Raghuvanshi Case:  राजा रघुवंशी की कथित हत्या से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान संकेत दिया कि यदि सोनम स्वेच्छा से आत्मसमर्पण नहीं करती हैं, तो उनकी जमानत पर पुनर्विचार किया जा सकता है। अदालत ने कहा कि मामले में निचली अदालत में गवाहों के बयान दर्ज होने की प्रक्रिया चल रही है, इसलिए इस दौरान उनका आत्मसमर्पण उचित विकल्प हो सकता है। सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इस कदम के बाद उनकी जमानत पर दोबारा विचार किया जा सकता है।

मेघालय सरकार की याचिका पर हुई सुनवाई

यह मामला मेघालय हाईकोर्ट द्वारा सोनम रघुवंशी को दी गई राहत के खिलाफ राज्य सरकार की याचिका से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आत्मसमर्पण करना एक व्यावहारिक विकल्प हो सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो बाद में जमानत के मुद्दे पर फिर से विचार किया जाएगा।

अदालत ने दिए दो संभावित विकल्प

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी के वकील के सामने दो विकल्प रखे। पहला, अदालत उपलब्ध तथ्यों और कानूनी पहलुओं के आधार पर जमानत पर निर्णय सुनाए। दूसरा, सोनम अंतरिम अवधि के लिए आत्मसमर्पण करें और निचली अदालत में गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद उनकी जमानत पर पुनः विचार किया जाए। अदालत ने टिप्पणी की कि दूसरा विकल्प उनके लिए अधिक उपयुक्त हो सकता है। साथ ही यह भी कहा कि न्यायालय किसी पक्ष को अचानक निर्णय देकर चौंकाना नहीं चाहता।

गुरुवार तक मांगा गया जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को गुरुवार तक यह बताने का समय दिया है कि वे आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार हैं या नहीं। अदालत ने कहा कि यदि पक्षकार आगे भी विस्तृत बहस करना चाहते हैं, तो न्यायालय उनकी दलीलें सुनने के लिए तैयार है। हालांकि, पीठ ने यह भी टिप्पणी की कि इस विषय पर अत्यधिक बहस की आवश्यकता नहीं है और उचित कानूनी रुख अपनाना सभी पक्षों के हित में होगा।

वकील ने जमानत की शर्तों का किया उल्लेख

सुनवाई के दौरान सोनम रघुवंशी के वकील ने अदालत को बताया कि निचली अदालत ने जमानत देते समय कई कड़ी शर्तें लगाई हैं। इनमें शिलांग में रहने और प्रतिदिन अदालत की कार्यवाही में उपस्थित रहने जैसी शर्तें शामिल हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इन सभी तथ्यों और शर्तों को अपने अंतिम निर्णय में ध्यान में रखेगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत से जुड़े सभी पहलुओं का समग्र मूल्यांकन किया जाएगा।

अभियोजन पक्ष ने रखा अपना पक्ष

राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि सोनम रघुवंशी को अपनी गिरफ्तारी के कारणों की पूरी जानकारी थी। उन्होंने तर्क दिया कि यह मामला केवल जमानत रद्द करने का नहीं, बल्कि जमानत दिए जाने की वैधता का भी है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, जांच में यह आरोप सामने आया है कि सोनम ने कथित रूप से अपने परिचितों के साथ मिलकर मेघालय में हनीमून के दौरान राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।

टाइपिंग त्रुटि का भी हुआ उल्लेख

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा कि केस डायरी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के स्थान पर गलती से धारा 403 दर्ज हो गई थी। उनके अनुसार यह केवल टाइपिंग संबंधी त्रुटि थी, जिसका लाभ जमानत की कार्यवाही के दौरान मिला। उन्होंने यह भी दलील दी कि सोनम ने प्रारंभिक चरण में गिरफ्तारी के कारणों को लेकर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी और यह मुद्दा बाद की याचिकाओं में उठाया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत से इन तथ्यों को भी ध्यान में रखने का अनुरोध किया।

अब सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश पर नजर

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सोनम रघुवंशी को आत्मसमर्पण के संबंध में अपना निर्णय बताने के लिए समय दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई और अदालत के आगामी आदेश पर सभी की नजरें टिकी हैं। यह स्पष्ट किया गया है कि जमानत, आत्मसमर्पण और अन्य कानूनी पहलुओं पर अंतिम निर्णय न्यायालय उपलब्ध साक्ष्यों, दोनों पक्षों की दलीलों और लागू कानून के आधार पर करेगा।

Read More : JP Nadda RML Hospital Visit: घायलों से मिले स्वास्थ्य मंत्री, डॉक्टरों संग की अहम समीक्षा बैठक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
फेस्टिव सीजन में छाना है तो शहनाज गिल का ये सूट लुक जरूर देखें रसीली नाशपाती के ये फायदे नहीं जानते होंगे आप, डाइट में करें शामिल कॉफी पीने का सही तरीका क्या है? जानिए दिन में कितने कप हैं सुरक्षित दूध से घर पर तैयार करें अलग-अलग तरह के चीज़, अपनाएं ये आसान तरीके क्या आप सही, तरीके से करते हैं चेहरे पर ब्लीच? जानिए आसान टिप्स