Uttar Pradesh Politics : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को आगरा दौरे के दौरान मीडिया कर्मियों से मुखातिब होते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार पर चौतरफा हमला बोला. अयोध्या के राम मंदिर में हुए कथित दान चोरी के मामले को लेकर सरकार को घेरते हुए सपा सुप्रीमो ने तीखा तंज कसा. अखिलेश यादव ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब प्रशासनिक अधिकारी हमारे भगवान के पुजारियों की जांच करेंगे, जो कि सीधे तौर पर सनातन धर्म और उसकी परंपराओं का घोर अपमान है.
मौजूदा सरकार की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हो चुकी है और अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए अब पूजनीय पुजारियों को भी जांच के दायरे में लाकर घेरा जा रहा है.
आर्थिक मोर्चे पर विफलता, स्मार्ट मीटर और मंत्रियों के भ्रष्टाचार पर घेरा
केंद्र और राज्य की आर्थिक तथा प्रशासनिक नीतियों की आलोचना करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार रसातल में गिरता जा रहा है. देश की अर्थव्यवस्था की बदहाली को आसान शब्दों में समझाते हुए उन्होंने कहा कि डॉलर की कीमत बढ़ने का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा और चाय जैसी बुनियादी चीजें भी बेहद महंगी हो जाएंगी. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने जनता से देश को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने का झूठा वादा किया था, उन्होंने शहरों को स्मार्ट बनाने के बजाय घरों में ‘स्मार्ट मीटर’ लगा दिए.
हालांकि, उन्होंने उन साहसी किसानों की सराहना की जिन्होंने इन मीटरों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाई और उन्हें उखाड़कर फेंक दिया. योगी सरकार पर निशाना साधते हुए सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में महंगाई और भ्रष्टाचार चरम पर हैं और उनके अपने मंत्री ही बेईमानी में लिप्त हैं. हालिया प्रशासनिक फेरबदल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के भीतर ही एक कद्दावर मंत्री का कामकाज और भूमिका आधी कर दी गई है, जिससे साफ है कि सरकार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है. उन्होंने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी के कई मौजूदा विधायकों के टिकट कटना तय है.
INDIA गठबंधन की मजबूती और 403 सीटों पर चुनावी रणनीति का खुलासा
गठबंधन की राजनीति और विपक्षी एकजुटता से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने बेहद सधे हुए अंदाज में अपनी रणनीति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि वे इस समय INDIA गठबंधन या कांग्रेस के साथ किसी भी तरह की व्यर्थ बहस में नहीं उलझना चाहते. देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति का सच यही है कि बीजेपी की जनविरोधी नीतियों को केवल तभी शिकस्त दी जा सकती है जब INDIA गठबंधन पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ चुनावी मैदान में उतरे. उन्होंने कहा कि बीजेपी राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारियां कर रही है, और समाजवादी पार्टी भी उतनी ही मुस्तैदी से सभी सीटों पर काम कर रही है. इसका सीधा और साफ मतलब यह है कि INDIA गठबंधन धरातल पर बीजेपी के मुकाबले ‘दोहरी’ और अधिक प्रभावी तैयारी कर रहा है.
राजनीतिक मर्यादा के पतन और बीजेपी की अभद्र भाषा पर गंभीर चिंता
देश के राजनीतिक परिदृश्य में आ रही गिरावट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अखिलेश यादव ने लोकतांत्रिक मूल्यों की बात की. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और उन्होंने खुद व्यक्तिगत जीवन में हमेशा राजनीतिक संयम बरतने, शिष्टाचार बनाए रखने और सार्वजनिक मंचों से बेहद सोच-समझकर शब्दों का चयन करने का प्रयास किया है. इसके विपरीत, बीजेपी के भीतर नेताओं की एक ऐसी लंबी फौज खड़ी हो गई है जिन्हें लोकतंत्र की मर्यादाओं की कोई परवाह नहीं है और न ही वे विपक्ष के नेताओं की गरिमा का सम्मान करना जानते हैं.
बीजेपी नेता सार्वजनिक बहसों में ऐसी अभद्र और अमर्यादित भाषा का धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं, जिसकी एक सभ्य समाज में कल्पना भी नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति के इतिहास में उन्होंने कभी भी ऐसा अमर्यादित व्यवहार और राजनीतिक मर्यादाओं का ऐसा पतन नहीं देखा, जैसा माहौल बीजेपी ने देश में पैदा कर दिया है.
‘चेले-चपाटे’ वाले बयान पर पलटवार और सीएम योगी की छवि पर सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पूर्व में दिए गए ‘चेले-चपाटे’ वाले बयान पर तीखा पलटवार करते हुए अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज पूरे उत्तर प्रदेश में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और गांजा जब्त किया जा रहा है. पहले इस तरह की अवैध गतिविधियां और जब्ती मुख्य रूप से गोरखपुर तक सीमित थीं, लेकिन अब यह पूरे राज्य में फैल चुकी हैं.
सीएम योगी के बयान का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “दूसरों पर टिप्पणी करने वाले पहले यह बताएं कि उनके अपने गुरुओं को कौन संभालेगा? मैं फिलहाल उस विवादित विषय को ज्यादा नहीं छेड़ना चाहता.” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि बीजेपी ने देश में हमेशा नकारात्मक और प्रतिशोध की राजनीति को बढ़ावा दिया है. विपक्ष के नेताओं की छवि को धूमिल करने के लिए बीजेपी आईटी सेल और विज्ञापनों पर हजारों करोड़ रुपये पानी की तरह बहाती है. उन्होंने तंज किया कि साल 2017 में मुख्यमंत्री बनने से पहले देश और प्रदेश की राजनीति में योगी आदित्यनाथ की कोई बड़ी पहचान नहीं थी और आम लोग उन्हें ठीक से जानते भी नहीं थे.
विमान विवाद, कमजोर विदेश नीति और ‘विश्व गुरु’ बनने का अवसर गंवाने का आरोप
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे अमेरिका-इजराइल और ईरान के युद्ध जैसे संवेदनशील भू-राजनीतिक मामलों पर भी अखिलेश यादव ने देश की विदेश नीति को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने भारत को वास्तविक मायने में ‘विश्व गुरु’ स्थापित करने का एक ऐतिहासिक और बहुत बड़ा मौका अपने हाथों से गंवा दिया. उन्होंने तर्क दिया कि यदि संकट के समय विमान को इजराइल की भूमि पर उतारने के बजाय ईरान में सुरक्षित उतारा गया होता—ठीक उसी तरह जैसे पूर्व में उन्होंने पाकिस्तान में विमान उतारा था—तो शायद इस विनाशकारी युद्ध को टाला जा सकता था. उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि विमान से यात्रा कर रहे बेकसूर लोग मारे गए और इसके लिए केंद्र सरकार की ढुलमुल और कमजोर राजनयिक नीति पूरी तरह जिम्मेदार है.
ममता बनर्जी पर कानूनी कार्रवाई और विपक्षी मुख्यमंत्रियों के उत्पीड़न पर आक्रोश
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ दर्ज हुए कानूनी मामलों को लेकर अखिलेश यादव का गुस्सा भड़क उठा. उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल के चुनावों के दौरान और उसके बाद भी हमने देखा कि कैसे ममता दीदी जैसी जननेता के खिलाफ जबरन केस दर्ज किए गए. इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश में खुद बीजेपी के मुख्यमंत्री अपने ऊपर लगे तमाम गंभीर और आपराधिक आरोपों वाले मुकदमों को खुद ही वापस ले लेते हैं. उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि चुनाव हारने के डर से एक बेहद लोकप्रिय और लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई महिला मुख्यमंत्री के खिलाफ इस तरह की दमनकारी कार्रवाई करना बेहद निंदनीय है. लोकतंत्र के भविष्य के लिए इससे ज्यादा खतरनाक, तानाशाही पूर्ण और आत्मघाती बात और कुछ नहीं हो सकती.
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