Chirag Tyagi Murder : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद आपराधिक घटना सामने आई है, जिसने खेल जगत और स्थानीय इलाके में हड़कंप मचा दिया है। दिल्ली में रहकर खेलों की तैयारी करने वाले 24 वर्षीय नेशनल पैरा-एथलीट चिराग त्यागी का शव गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ‘साई उपवन’ परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया है। पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच और मुआयने के दौरान मृतक खिलाड़ी की पीठ पर एक गहरा छेद पाया गया था। शव को तुरंत कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि यह पूरी तरह साफ हो सके कि मौत गोली लगने से हुई थी या किसी अन्य धारदार हथियार के वार से।
दिल्ली हॉस्टल से पैतृक गांव के लिए निकले थे चिराग: फोरेंसिक जांच में जुटे अधिकारी
पारिवारिक और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गोल्ड मेडलिस्ट पैरा एथलीट चिराग त्यागी सुबह दिल्ली स्थित अपने स्पोर्ट्स हॉस्टल से गाजियाबाद के मुरादनगर में स्थित अपने पैतृक गांव बसंतपुर सैतली जाने के लिए निकले थे। लेकिन रास्ते में ही वे इस भयानक साजिश का शिकार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीमें मौके पर पहुंच गईं। खोजी कुत्तों और आधुनिक उपकरणों की मदद से साई उपवन और उसके आस-पास के तमाम रास्तों से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, ताकि हत्या की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके।
सीसीटीवी फुटेज से खुला हत्या का राज: पुलिस हिरासत में आरोपी यश खटीक
इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा करने के लिए गाजियाबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके के तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया। पुलिस जांच में एक संदिग्ध युवक की आवाजाही पर शक हुआ, जिसके आधार पर पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। इस पूरे मामले पर गाजियाबाद के पुलिस उपायुक्त (DCP) धवल जायसवाल ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपी का नाम यश खटीक है। कड़ाई से की गई पूछताछ के दौरान आरोपी यश खटीक ने पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या करने की बात कबूल कर ली है।
दस्तावेज सत्यापन की रंजिश बनी मौत का कारण: क्वालिफिकेशन रद्द होने से नाराज था साथी खिलाड़ी
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी यश खटीक और मृतक चिराग त्यागी पुराने परिचित थे और दोनों एक साथ ही खेल का अभ्यास किया करते थे। हैरान करने वाली बात यह है कि दोनों ही खिलाड़ी खेल प्रतियोगिताओं में ‘दृष्टिहीन’ (ब्लाइंड) वर्ग के तहत देश का प्रतिनिधित्व करते थे। आरोपी यश ने खुलासा किया कि कुछ समय पहले खेल के लिए हुए एक महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (दस्तावेज सत्यापन) के दौरान चिराग त्यागी ने खेल अधिकारियों से उसकी लिखित शिकायत कर दी थी। इस शिकायत के आधार पर यश खटीक का क्वालिफिकेशन रद्द कर दिया गया था, जिससे उसका करियर दांव पर लग गया था। इसी बात का बदला लेने के लिए उसने अवैध पिस्तौल से गोली मारकर चिराग को मौत के घाट उतार दिया।
अवैध पिस्तौल की बरामदगी के प्रयास तेज: अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच
हत्या की बात कुबूल होने के बाद पुलिस प्रशासन अब वारदात में इस्तेमाल किए गए मुख्य हथियार को बरामद करने की कानूनी प्रक्रिया में जुट गया है। आरोपी यश खटीक की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त अवैध पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद करने के लिए पुलिस की एक विशेष टीम को संबंधित ठिकानों पर भेजा गया है। इसके साथ ही, पुलिस इस पहलू की भी बारीकी से तफ्तीश कर रही है कि क्या इस पूरी हत्या की साजिश और रेकी करने में यश खटीक के साथ कोई अन्य सह-आरोपी भी शामिल था या उसने अकेले ही इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
त्यागी परिवार में पसरा मातम: एक फोन कॉल ने उजाड़ दीं घर की खुशियां
चिराग त्यागी की असामयिक और दर्दनाक मौत की खबर जैसे ही उनके गांव बसंतपुर सैतली पहुंची, पूरे परिवार और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के चचेरे भाई आशीष त्यागी ने रोते हुए बताया, “मुझे अचानक गाजियाबाद पुलिस का एक फोन आया। उन्होंने मुझसे मेरी पहचान पूछी और कहा कि चिराग को गंभीर चोट आई है, इसलिए आप तुरंत एमएमसी (अस्पताल) पहुंच जाइए। जब मैं आनन-फानन में अस्पताल के मोर्चरी वॉर्ड में पहुंचा, तो मुझे पता चला कि मेरे भाई की तो अस्पताल लाने से पहले ही मौत हो चुकी थी।” चिराग की मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।

