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ED Attack Kerala : केरल में ED टीम पर हमला, विजयन समर्थकों ने अधिकारियों की गाड़ी पर किया पथराव

ED Attack Kerala

ED Attack Kerala : केरल के राजनीतिक गलियारे से एक बेहद चौंकाने वाली और तनावपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री पी विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने एक बड़ी छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया है। 12 सदस्यीय केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम आज सुबह विजयन के बेकरी जंक्शन स्थित आवास सहित उनके कई अन्य ठिकानों पर पहुंची। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान वहां का माहौल बेहद हिंसक हो गया। जैसे ही ईडी की छापेमारी की खबर फैली, पूर्व मुख्यमंत्री के भारी संख्या में समर्थक उनके घर के बाहर इकट्ठा हो गए। उग्र समर्थकों ने केंद्रीय एजेंसी की टीम पर सीधा हमला बोल दिया, जिससे इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मुख्यमंत्री की बेटी की आईटी कंपनी ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ पर गंभीर आरोप

प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई यह अचानक छापेमारी कोई सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री पी विजयन की बेटी टी. वीणा से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित है। जांच एजेंसियों के निशाने पर टी. वीणा की आईटी कंपनी ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ (Exalogic Solutions) है। आरोप है कि इस कंपनी के जरिए करोड़ों रुपये के अवैध वित्तीय लेनदेन किए गए हैं। यह पूरा मामला कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) नाम की कंपनी से जुड़ा हुआ है। ईडी इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इन संदिग्ध लेनदेनों के पीछे का असली मकसद क्या था और इस अवैध धन का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया।

केरल हाईकोर्ट से झटका लगते ही हरकत में आई केंद्रीय जांच एजेंसी

इस बड़ी छापेमारी की पृष्ठभूमि केरल हाईकोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले से जुड़ी हुई है। दरअसल, इस कार्रवाई के ठीक एक दिन पहले यानी मंगलवार को केरल उच्च न्यायालय ने कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) की उस याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया था, जिसमें कंपनी ने ईडी की जांच पर रोक लगाने या उसे रद्द करने की गुहार लगाई थी। अदालत से कंपनी को कोई राहत नहीं मिली, जिसके तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय ने आक्रामक रुख अपनाते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दिया। आपको बता दें कि ईडी ने इस पूरे वित्तीय घोटाले के संबंध में साल 2024 में ही प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया था।

बिना किसी सर्विस के 1.72 करोड़ रुपये के फर्जी भुगतान का सनसनीखेज खुलासा

इस पूरे विवाद की जड़ में साल 2018-19 के दौरान हुआ एक संदिग्ध वित्तीय लेनदेन है। जांच के मुताबिक, सीएमआरएल (CMRL) नामक निजी कंपनी ने पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी टी. वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को कुल 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। आरोप बेहद गंभीर हैं कि यह भुगतान किसी भी प्रकार की सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट या आईटी सेवाएं प्रदान किए बिना ही किया गया था। वित्तीय दस्तावेजों में इसे फर्जी खर्च के रूप में दिखाया गया था। इसी सनसनीखेज खुलासे के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने पीएमएलए के तहत मामला दर्ज कर जांच की कमान अपने हाथों में ली थी।

2024 में दर्ज हुआ था PMLA केस, SFIO भी कर रही है समानांतर जांच

साल 2024 में दर्ज हुआ यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला वर्तमान में विजयन सरकार और उनके राजनीतिक दल के लिए सबसे बड़ा और संवेदनशील राजनीतिक संकट बन चुका है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर लगातार सरकार पर हमलावर है। इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल प्रवर्तन निदेशालय (ED) ही नहीं, बल्कि कारपोरेट मामलों के मंत्रालय की देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी ‘सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस’ (SFIO) भी इस पूरे घोटाले की समानांतर जांच कर रही है। दोनों ही एजेंसियां मिलकर इस बात का पता लगा रही हैं कि इस वीआईपी वित्तीय अनियमितता के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।

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