Marco Rubio Delhi visit : अमेरिका के नवनियुक्त विदेश मंत्री मार्को रूबियो अपने चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर भारत की राजधानी नई दिल्ली पहुंचे हैं। इस बेहद महत्वपूर्ण यात्रा के पहले ही दिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी विदेश मंत्री से मुलाकात की और दोनों नेताओं के बीच बेहद गर्मजोशी भरे माहौल में बातचीत हुई। पीएम मोदी ने इस मुलाकात की विशेष तस्वीरें अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भी साझा कीं। उन्होंने मार्को रूबियो का भारत में स्वागत करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की और इस बैठक को दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच भविष्य के मजबूत रिश्तों की नींव बताया।
वैश्विक शांति, सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी पर गहन चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उच्च स्तरीय बैठक के मुख्य एजेंडे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बातचीत के दौरान भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की गई। दोनों नेताओं ने रक्षा, सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के साथ-साथ वैश्विक शांति से जुड़े विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। पीएम मोदी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारत और अमेरिका की यह मजबूत जुगलबंदी केवल दोनों देशों के हित में ही नहीं है, बल्कि यह वैश्विक भलाई और मानवता के कल्याण के लिए भी लगातार मिलकर काम करती रहेगी।
भारतीय विदेश मंत्री और एनएसए अजीत डोभाल भी रहे मौजूद
इस अत्यंत महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक के दौरान दोनों पक्षों के कई शीर्ष अधिकारी और नीति निर्माता भी मेज पर मौजूद रहे। भारतीय दल की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और विदेश मंत्रालय के कई अन्य वरिष्ठ राजनयिकों ने हिस्सा लिया। बातचीत के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक लीडरशिप की सराहना की और उन्हें जल्द से जल्द अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया, जिसे भारत ने सहर्ष स्वीकार किया।
सुरक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग गहरा करने पर बनी सहमति
प्रधानमंत्री के साथ हुई इस सफल बैठक के बाद भारत में नियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर मीटिंग की कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं। उन्होंने बैठक के संदर्भ में जानकारी देते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ शामिल होना उनके लिए बेहद गौरवशाली क्षण था। अमेरिकी राजदूत ने बताया कि दोनों देशों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा, व्यापार संवर्धन और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी (महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों) में आपसी सहयोग को और अधिक गहरा करने को लेकर बेहद सार्थक और सकारात्मक बातचीत हुई है।
भारत और अमेरिका को वैश्विक स्तर पर मजबूत करेंगे ये साझा क्षेत्र
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दोनों देशों के रिश्तों की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा कि सुरक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग ऐसे बुनियादी क्षेत्र हैं, जो वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत और अमेरिका दोनों को आंतरिक व बाहरी रूप से अत्यधिक मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आज के दौर में भारत और अमेरिका एक-दूसरे के बेहद महत्वपूर्ण और अपरिहार्य साझेदार बन चुके हैं। यह साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र (इंडो-पैसिफिक) सहित पूरी दुनिया में एक संतुलित और सुरक्षित माहौल तैयार करने में गेमचेंजर साबित होगी।
हैदराबाद हाउस में एस जयशंकर संग बैठक सहित आगे का पूरा शेड्यूल
विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी किए गए आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो अपने इस चार दिवसीय दौरे के दौरान कई अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद, रूबियो 24 मई को सुबह 11:30 बजे भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के साथ दिल्ली के ऐतिहासिक हैदराबाद हाउस में एक विस्तृत द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस बैठक के बाद दोनों नेता साझा बयान भी जारी कर सकते हैं। इसके बाद, उसी शाम 6:20 बजे रूबियो अमेरिकी दूतावास द्वारा आयोजित किए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे।
Read more : Venezuela Crude Oil : अमेरिका के एक फैसले से भारत की खुली लॉटरी, तेल बाजार में भारी उलटफेर

