Headline
Manjalpur Bypoll Result
Manjalpur Bypoll Result: BJP की बड़ी जीत, सतीश पटेल ने 30 हजार+ वोटों से मारी बाजी
RSS Gen Z Outreach
RSS Gen Z Outreach: 100+ शहरों में युवाओं से संवाद करेंगे मोहन भागवत, बड़ा अभियान तैयार
Brij Bhushan Singh Case
Brij Bhushan Singh Case: बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत, कोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में किया बरी
CWG 2026
CWG 2026: भारत के 39 मेडल पर PM मोदी का संदेश, खिलाड़ियों की मेहनत को सलाम
US-Iran Talks
US-Iran Talks: ट्रंप बोले- समझौता हुआ तो बचेगी कई लोगों की जान, आज से शुरू होगी वार्ता
Vitamin C in Monsoon
Vitamin C in Monsoon: सर्दी-जुकाम से बचाएगा Vitamin C, मानसून में डॉक्टरों की ये सलाह जरूर मानें हर दिन
Sawan 2026
Sawan 2026: सावन में अगर दिखें ये सपने, तो समझिए भोलेनाथ की कृपा बरसने वाली है
NEET UG Counselling 2026
NEET UG Counselling 2026: काउंसलिंग डेट घोषित, 8 सितंबर से शुरू होगा नया मेडिकल सत्र
World Breastfeeding Week
World Breastfeeding Week: स्तनपान से मां और बच्चे दोनों को फायदे, जानें मिथक और सच

Tamil Nadu Politics : विजय का खौफ या मजबूरी? क्यों एक साथ आ सकते हैं धुर विरोधी डीएमके-एआईएडीएमके?

Tamil Nadu Politics

Tamil Nadu Politics : तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव परिणाम आए तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन नई सरकार के गठन को लेकर बना सस्पेंस खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) ने 108 सीटों पर जीत हासिल कर राज्य की राजनीति में शानदार आगाज तो किया है, लेकिन वे बहुमत के जादूई आंकड़े से अभी भी दूर हैं। शुरुआती कयास थे कि विजय कांग्रेस के सशर्त समर्थन से सत्ता की कमान संभालेंगे, लेकिन राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर फिलहाल आश्वस्त नहीं हैं। विजय ने पिछले तीन दिनों में दो बार राज्यपाल से मुलाकात की है, पर पर्याप्त संख्या बल न होने के कारण उन्हें सरकार बनाने का न्योता नहीं मिला है।

Tamil Nadu Politics : 50 साल पुरानी दुश्मनी भुलाकर साथ आएंगे द्रविड़ दल? यूपी जैसा नया समीकरण

इस अनिश्चितता के बीच तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक और अकल्पनीय मोड़ की चर्चा तेज हो गई है। ऐसी खबरें हैं कि धुर विरोधी द्रविड़ दल—DMK और AIADMK—विजय को सत्ता से दूर रखने के लिए एक साथ आ सकते हैं। यदि ये दोनों दल 50 साल पुराना विरोध भुलाकर हाथ मिलाते हैं, तो यह जनादेश के साथ एक बड़ा प्रयोग होगा। यह स्थिति 1993 के उत्तर प्रदेश की याद दिलाती है, जब मुलायम सिंह यादव और कांशीराम ने भाजपा को रोकने के लिए गठबंधन किया था। हालांकि, तमिलनाडु में इन दोनों दलों का अस्तित्व ही एक-दूसरे के विरोध पर टिका है, ऐसे में इनका गठबंधन यूपी के ‘बुआ-बबुआ’ की तरह अस्थाई होगा या स्थाई, यह भविष्य के गर्भ में है।

Tamil Nadu Politics : एडप्पादी के. पलानीस्वामी का बड़ा दावा: “अगली सरकार AIADMK की ही होगी”

तमिलनाडु में मची इस खींचतान के बीच AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) ने एक बड़ा बयान देकर खलबली मचा दी है। पलानीस्वामी ने अपने विधायकों को संबोधित करते हुए पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा है कि तमिलनाडु में अगली सरकार AIADMK ही बनाएगी। हालांकि, चुनाव नतीजों के लिहाज से उनकी पार्टी काफी पीछे है, लेकिन उनके इस दावे ने राज्य में ‘ऑपरेशन लोटस’ या किसी बड़े सियासी उलटफेर की अटकलों को हवा दे दी है। किसी भी दल को पूर्ण बहुमत न मिलने की स्थिति का फायदा उठाने के लिए पलानीस्वामी ने अपनी रणनीतियां तेज कर दी हैं।

रिसॉर्ट पॉलिटिक्स की वापसी: पुडुचेरी के आलीशान रिसॉर्ट में ठहरे विधायक

सियासी सेंधमारी और हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) के डर से तमिलनाडु में ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ फिर से लौट आई है। AIADMK ने अपने 28 विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए पड़ोसी राज्य पुडुचेरी के एक आलीशान रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया है। गुरुवार देर रात पलानीस्वामी ने इस रिसॉर्ट में अपने विधायकों के साथ मैराथन बैठक की। सूत्रों के अनुसार, बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया है और सभी विधायकों ने अपना समर्थन पत्र उन्हें सौंप दिया है। पलानीस्वामी ने अपने विधायकों से ‘धैर्य बनाए रखने’ को कहा है, जिससे संकेत मिलता है कि पर्दे के पीछे कोई बड़ी खिचड़ी पक रही है।

बहुमत का गणित और आगे की राह: क्या होगा तमिलनाडु का भविष्य?

वर्तमान स्थिति में विजय की पार्टी TVK को सरकार बनाने के लिए कम से कम 10 और विधायकों के समर्थन की दरकार है। दूसरी ओर, DMK और AIADMK की संभावित नजदीकियों ने विजय के लिए राह कठिन कर दी है। राज्यपाल भी ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में हैं और वे तभी किसी को आमंत्रित करेंगे जब संख्या बल का पुख्ता प्रमाण पेश किया जाएगा। अगले कुछ दिन तमिलनाडु की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक होने वाले हैं। क्या राज्य को विजय के रूप में एक नया मुख्यमंत्री मिलेगा या फिर पुरानी द्रविड़ प्रतिद्वंद्विता एक नए गठबंधन में तब्दील होकर सत्ता पर काबिज होगी, यह देखना दिलचस्प होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
पहले सावन सोमवार की पूजा ऐसे करें सफल कहां से आया फ्रेंडशिप डे का विचार? तवे पर बार-बार चिपक रहा डोसा? नमक बरसात में क्यों पकड़ लेता है नमी? इन छोटे बदलावों से सिंपल ब्लाउज बनेगा डिजाइनर पीस