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US-Iran Peace Talks: इस्लामाबाद में कूटनीति की अग्निपरीक्षा, क्या जेडी वेंस दिला पाएंगे मिडिल ईस्ट को युद्ध से मुक्ति?

US-Iran Peace Talks

US-Iran Peace Talks: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव के बीच आज का दिन वैश्विक कूटनीति के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूरी दुनिया की निगाहें इस समय पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पर टिकी हैं, जहाँ दशकों पुराने दुश्मन—अमेरिका और ईरान—शांति की राह तलाशने के लिए मेज पर एक साथ बैठे हैं। इस ऐतिहासिक ‘पीस टॉक’ की सफलता न केवल खाड़ी देशों में शांति बहाल कर सकती है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी बड़ी राहत दे सकती है।

US-Iran Peace Talks:पाकिस्तान की मध्यस्थता और दो हफ्ते का सीजफायर

इस बड़ी वार्ता की पृष्ठभूमि बुधवार को तैयार हुई, जब अमेरिका और ईरान ने अचानक दो सप्ताह के लिए संघर्ष विराम (सीजफायर) का ऐलान कर सबको चौंका दिया। इस शांति पहल के पीछे पाकिस्तान ने एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाई है। खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते में पाकिस्तान के सकारात्मक योगदान का जिक्र किया था। अब इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक में ईरान के 6, अमेरिका के 4 और मेजबान पाकिस्तान के 4 मुख्य प्रतिनिधि शामिल होकर भविष्य की रणनीति तय करेंगे।

US-Iran Peace Talks:ईरानी प्रतिनिधिमंडल: ‘मीनाब 168’ के साथ पहुंची 70 सदस्यों की टीम

ईरान ने इस वार्ता को बहुत गंभीरता से लिया है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ कर रहे हैं, उनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी मौजूद हैं। दिलचस्प बात यह है कि गालिबाफ ने अपने डेलीगेशन को ‘मीनाब 168’ नाम दिया है। यह नाम ईरान के मीनाब शहर के उस स्कूल की याद दिलाता है जहाँ एक हमले में 168 बच्चों की जान चली गई थी। इस नाम के जरिए ईरान शांति की मेज पर मानवीय संवेदनाओं और मासूमों की सुरक्षा का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठा रहा है। इस टीम में सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और राजनीति के तकनीकी विशेषज्ञों सहित कुल 70 सदस्य शामिल हैं।

ईरान के अन्य दिग्गज चेहरे और रणनीतिकार

ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, वार्ता में सर्वोच्च राष्ट्रीय रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदीन और केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती भी शामिल हैं। हेम्मती की मौजूदगी यह दर्शाती है कि ईरान अपनी आर्थिक संपत्तियों की रिहाई और प्रतिबंधों पर ठोस चर्चा चाहता है। इसके अलावा अनुभवी राजनयिक मजीद तख्त रखांची और सुरक्षा विशेषज्ञ मोहम्मद बागेर जोल्घाद्र भी चर्चा का हिस्सा बनेंगे, जो तकनीकी बारीकियों पर अपना पक्ष रखेंगे।

अमेरिकी टीम का नेतृत्व करेंगे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस

अमेरिका की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सबसे भरोसेमंद सिपहसालारों को मैदान में उतारा है। इस शांति वार्ता का नेतृत्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। उनके साथ ट्रंप के दामाद और पूर्व सलाहकार जारेड कुशनर भी शामिल हैं, जिन्हें पश्चिम एशिया की राजनीति का गहरा अनुभव है। इसके अलावा, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और सैन्य रणनीतियों के जानकार वाइस एडमिरल ब्रैड कूपर भी अमेरिकी दल का हिस्सा हैं। यह टीम सुरक्षा गारंटी और परमाणु कार्यक्रमों से जुड़े मुद्दों पर अमेरिका का पक्ष रखेगी।

मेजबान पाकिस्तान: प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख की सक्रियता

पाकिस्तान इस पूरी बातचीत का केंद्र बना हुआ है और इसे सफल बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ खुद इस वार्ता को होस्ट कर रहे हैं। उनके साथ थल सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर, विदेश मंत्री इशाक डार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोहम्मद असीम मलिक मौजूद हैं। पाकिस्तान के लिए यह न केवल क्षेत्रीय शांति का मामला है, बल्कि अपनी अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक छवि को सुधारने का एक बड़ा अवसर भी है।

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