Headline
Manjalpur Bypoll Result
Manjalpur Bypoll Result: BJP की बड़ी जीत, सतीश पटेल ने 30 हजार+ वोटों से मारी बाजी
RSS Gen Z Outreach
RSS Gen Z Outreach: 100+ शहरों में युवाओं से संवाद करेंगे मोहन भागवत, बड़ा अभियान तैयार
Brij Bhushan Singh Case
Brij Bhushan Singh Case: बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत, कोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में किया बरी
CWG 2026
CWG 2026: भारत के 39 मेडल पर PM मोदी का संदेश, खिलाड़ियों की मेहनत को सलाम
US-Iran Talks
US-Iran Talks: ट्रंप बोले- समझौता हुआ तो बचेगी कई लोगों की जान, आज से शुरू होगी वार्ता
Vitamin C in Monsoon
Vitamin C in Monsoon: सर्दी-जुकाम से बचाएगा Vitamin C, मानसून में डॉक्टरों की ये सलाह जरूर मानें हर दिन
Sawan 2026
Sawan 2026: सावन में अगर दिखें ये सपने, तो समझिए भोलेनाथ की कृपा बरसने वाली है
NEET UG Counselling 2026
NEET UG Counselling 2026: काउंसलिंग डेट घोषित, 8 सितंबर से शुरू होगा नया मेडिकल सत्र
World Breastfeeding Week
World Breastfeeding Week: स्तनपान से मां और बच्चे दोनों को फायदे, जानें मिथक और सच

US-Iran War Update : ट्रंप ने टाला हमला, पर ईरान ने बातचीत से किया इनकार; क्या टल गया महायुद्ध?

US-Iran War Update

US-Iran War Update: अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष के 24वें दिन एक नाटकीय मोड़ सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उन्होंने अपने युद्ध विभाग को अगले 5 दिनों तक ईरान पर किसी भी तरह का हमला न करने का निर्देश दिया है। ट्रंप का यह बयान उनके पिछले आक्रामक रुख से बिल्कुल अलग है। राष्ट्रपति ने दावा किया कि पिछले दो दिनों में तेहरान के साथ पर्दे के पीछे सकारात्मक बातचीत हुई है, जिसके चलते उन्होंने कूटनीति को एक मौका देने के लिए सैन्य अभियानों को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है।

US-Iran War Update: ईरान का पलटवार: ट्रंप के बातचीत के दावों को बताया ‘झूठ’

एक तरफ जहाँ डोनाल्ड ट्रंप शांति और वार्ता की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान ने उनके इन दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान ने साफ तौर पर कहा है कि उनकी ट्रंप प्रशासन के साथ किसी भी तरह की कोई गुप्त या प्रत्यक्ष बातचीत नहीं हुई है। ईरान का तर्क है कि ट्रंप किसी कूटनीतिक सफलता के कारण नहीं, बल्कि ईरान की ‘भीषण जवाबी कार्रवाई’ की चेतावनी से डरकर पीछे हटे हैं। तेहरान ने स्पष्ट किया कि जब ट्रंप ने उनकी शक्ति और इरादों को भांप लिया, तो उन्होंने अपने अल्टीमेटम से पीछे हटना ही बेहतर समझा।

US-Iran War Update: 48 घंटे का अल्टीमेटम और ‘पावर ग्रिड’ युद्ध की धमकी

इस पूरे विवाद की जड़ वह 48 घंटे का अल्टीमेटम था, जो ट्रंप ने हाल ही में ईरान को दिया था। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान अगले 48 घंटों के भीतर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति के लिए नहीं खोलता है, तो अमेरिकी वायुसेना ईरान के पावर ग्रिड और बिजली संयंत्रों को तबाह कर देगी। इस धमकी ने वैश्विक स्तर पर हड़कंप मचा दिया था, क्योंकि बिजली संयंत्रों पर हमले का मतलब पूरे देश को अंधेरे में धकेलना था।

तेहरान की चेतावनी: “अमेरिका का पूरा नेटवर्क होगा ध्वस्त”

ट्रंप की धमकी के जवाब में ईरान ने भी बेहद आक्रामक रुख अपनाया था। ईरान ने दो टूक शब्दों में कहा था कि यदि अमेरिका उनके बिजली संयंत्रों को निशाना बनाता है, तो तेहरान पूरे मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उनके बिजली नेटवर्क को मलबे में तब्दील कर देगा। ईरान की इस ‘ईंट का जवाब पत्थर से’ देने वाली नीति ने शायद व्हाइट हाउस को अपनी रणनीति पर दोबारा सोचने को मजबूर कर दिया। ईरानी विशेषज्ञों का मानना है कि इसी संभावित तबाही के डर ने ट्रंप को ‘युद्धविराम’ का ऐलान करने पर मजबूर किया है।

ट्रंप का भविष्य का प्लान: क्या 5 दिन बाद थमेगी जंग?

अपने ताजा ऐलान में ट्रंप ने कहा कि अगले 5 दिनों तक गहन वार्ता का दौर चलेगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इन 5 दिनों के परिणामों के आधार पर ही तय होगा कि आगे क्या करना है। हालांकि, कूटनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि क्या यह वास्तव में शांति की पहल है या केवल अपनी सेना को पुनर्गठित करने का एक बहाना? फिलहाल, ईरान की ओर से कोई आधिकारिक सरकारी बयान तो नहीं आया है, लेकिन वहां के मीडिया ने ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

अनिश्चितता के साये में वैश्विक ऊर्जा बाजार

दोनों देशों के बीच जारी इस ‘दावे और वादे’ की जंग ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को भारी अनिश्चितता में डाल दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अभी भी प्रभावी रूप से बंद है और तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। अगर अगले 5 दिनों में कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष एक और भीषण रूप अख्तियार कर सकता है। पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह 5 दिन का विराम वास्तव में शांति का मार्ग प्रशस्त करेगा या यह किसी बड़े तूफान से पहले की शांति है।

Read More:  Superstition and Power: आस्था या अंधविश्वास? रसूख की आड़ में फल-फूल रहा है ढोंग का काला साम्राज्य

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
पहले सावन सोमवार की पूजा ऐसे करें सफल कहां से आया फ्रेंडशिप डे का विचार? तवे पर बार-बार चिपक रहा डोसा? नमक बरसात में क्यों पकड़ लेता है नमी? इन छोटे बदलावों से सिंपल ब्लाउज बनेगा डिजाइनर पीस