Gagandeep Randhawa Suicide: पंजाब के अमृतसर में वेयरहाउस डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में पंजाब की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में मुख्य आरोपी और आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अमृतसर के डीसीपी रविंदर पाल ने पुष्टि की कि फतेहगढ़ साहब पुलिस की सहायता से भुल्लर को मंडी गोबिंदगढ़ से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। हालांकि, भुल्लर ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्होंने सरेंडर किया है, जबकि पुलिस इसे गिरफ्तारी बता रही है।
Gagandeep Randhawa Suicide: CCTV फुटेज में कैद हुआ खौफनाक मंजर: सल्फास खाकर बनाया था वीडियो
घटना से संबंधित एक हृदयविदारक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें 21 मार्च की सुबह गगनदीप रंधावा अपने घर के आंगन में टहलते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह काफी तनाव में और कुछ सोचते हुए नजर आ रहे हैं। अचानक वह रुकते हैं और सल्फास की गोलियां खाकर पानी पी लेते हैं। जहर खाने के बाद रंधावा ने अपने मोबाइल से एक सुसाइड नोट वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “दोस्तों, मैंने लालजीत भुल्लर से तंग आकर सल्फास खा ली है, अब मैं नहीं बचूंगा।” इस बयान ने पूर्व मंत्री की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
Gagandeep Randhawa Suicide: लोकसभा में गूंजा मुद्दा: अमित शाह ने कहा- पत्र मिलते ही CBI को सौंपेंगे जांच
रंधावा सुसाइड केस की गूंज अब देश की संसद तक पहुंच गई है। कांग्रेस सांसद गुरजीत औजला ने लोकसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, जिस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ा रुख अपनाया। शाह ने कहा कि चूंकि यह राज्य का मामला है, यदि पंजाब के सांसद उन्हें लिखित अनुरोध देते हैं, तो वह तुरंत इस केस की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप देंगे। इसके बाद कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, गुरजीत औजला, डॉ. धर्मवीर गांधी और अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री को हस्ताक्षरित पत्र भेज दिया है।
परिवार का अल्टीमेटम और पत्नी की मांग: “न्याय मिलने तक नहीं होगा अंतिम संस्कार”
गगनदीप की पत्नी उपिंदर कौर ने प्रशासन के सामने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कर दिया था कि जब तक मंत्री लालजीत भुल्लर और उनके पिता सुखदेव भुल्लर की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे शव का पोस्टमॉर्टम या अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उन्होंने अपनी दो बेटियों और एक बेटे के साथ सड़क पर बैठने का अल्टीमेटम दिया था। डीसीपी द्वारा बंद कमरे में लंबी बातचीत और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब परिवार पोस्टमॉर्टम के लिए राजी हुआ है। हालांकि, पत्नी ने अभी भी स्थानीय पुलिस के बजाय सीबीआई जांच पर अपना भरोसा जताया है।
सबूतों के लिए मोबाइल पर रार: परिवार ने पुलिस को फोन देने से किया इनकार
जांच प्रक्रिया के दौरान पुलिस और रंधावा के परिवार के बीच मोबाइल फोन को लेकर खींचतान देखी गई। डीसीपी रविंदर पाल गगनदीप का मोबाइल फोन जब्त करना चाहते थे ताकि उसमें मौजूद डिजिटल सबूतों और कॉल रिकॉर्ड्स की जांच की जा सके। लेकिन परिवार ने पुलिस को फोन देने से साफ इनकार कर दिया। परिजनों को डर है कि स्थानीय पुलिस सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकती है, इसलिए वे चाहते हैं कि यह फोन सीधे केंद्रीय जांच एजेंसी के हवाले किया जाए।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की कार्रवाई: पहले लिया इस्तीफा, फिर दर्ज हुआ केस
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तुरंत एक्शन लेते हुए लालजीत भुल्लर से परिवहन मंत्री के पद से इस्तीफा ले लिया था। इसके बाद देर रात पुलिस ने भुल्लर, उनके पिता सुखदेव भुल्लर और उनके पीए दिलबाग सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया। फिलहाल पुलिस भुल्लर को अमृतसर ले गई है, जहाँ उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। पंजाब की सियासत में यह मामला भ्रष्टाचार और राजनीतिक दबाव के आरोपों के बीच एक बड़ा मुद्दा बन चुका है।
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