ADR Report: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने राज्यसभा सांसदों की पृष्ठभूमि और उनकी आर्थिक स्थिति को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है। 19 मार्च, 2026 को सामने आई इस रिपोर्ट में 233 में से 229 मौजूदा सांसदों के चुनावी हलफनामों का गहन विश्लेषण किया गया है। विश्लेषण में हाल ही में निर्वाचित हुए 37 नए सदस्य भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, देश के उच्च सदन में बैठने वाले लगभग 32 प्रतिशत सांसदों ने अपने विरुद्ध आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जबकि 14 प्रतिशत सांसद ‘अरबपति’ की श्रेणी में आते हैं। यह डेटा भारतीय राजनीति में धनबल और बाहुबल के बढ़ते प्रभाव की ओर इशारा करता है।
ADR Report: राज्यसभा के 73 सांसदों पर दाग: हत्या और महिला अपराध के गंभीर आरोप
एडीआर के विश्लेषण के अनुसार, 229 सांसदों में से 73 सदस्यों (32%) के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज हैं। इनमें से 36 सांसदों (16%) पर बेहद गंभीर आरोप हैं। रिपोर्ट के सबसे चिंताजनक पहलू के अनुसार, एक सांसद ने स्वयं पर हत्या का मामला घोषित किया है, जबकि चार सांसदों पर हत्या के प्रयास और तीन पर महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले दर्ज हैं। पार्टीवार आंकड़ों को देखें तो बीजेपी के 99 सांसदों में से 27, कांग्रेस के 28 में से 12, और आम आदमी पार्टी व टीएमसी के 4-4 सांसदों ने अपने हलफनामों में आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी दी है।
ADR Report: अमीरी का आलम: 14% सांसद अरबपति, औसत संपत्ति 120 करोड़ के पार
भारतीय संसद का ऊपरी सदन धनकुबेरों का भी केंद्र बनता जा रहा है। रिपोर्ट में पाया गया कि 31 सांसदों की कुल संपत्ति अरबों रुपये में है। राज्यसभा सांसद की औसत संपत्ति 120.69 करोड़ रुपये आंकी गई है। दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस के सांसदों की औसत संपत्ति (128.61 करोड़) भाजपा (28.29 करोड़) की तुलना में कहीं अधिक है। आम आदमी पार्टी के सांसदों की औसत संपत्ति सबसे अधिक 574.09 करोड़ रुपये दर्ज की गई है, जबकि वाईएसआरसीपी के मामले में यह आंकड़ा 522.63 करोड़ रुपये है।
सबसे अमीर सांसद: बंडी पार्थ सारथी के पास 5,300 करोड़ की दौलत
संपत्ति के मामले में बीआरएस के सांसद बंडी पार्थ सारथी देश के सबसे अमीर राज्यसभा सदस्य बनकर उभरे हैं, जिन्होंने लगभग 5,300 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। सूची में दूसरे स्थान पर आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा के सहयोगी राजेंद्र गुप्ता हैं, जिनकी संपत्ति 5,053 करोड़ रुपये है। तीसरे स्थान पर वाईएसआरसीपी के अयोध्या रामी रेड्डी आला हैं, जिनके पास 2,577 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है। बीजेपी और कांग्रेस के क्रमशः 6 और 5 सांसद भी इस अरबपति क्लब का हिस्सा हैं।
सदन के सबसे गरीब सदस्य: 3 लाख की संपत्ति वाले सांसद भी मौजूद
जहाँ एक तरफ हजारों करोड़ के मालिक सदन की शोभा बढ़ा रहे हैं, वहीं कुछ ऐसे भी सदस्य हैं जिनकी संपत्ति बेहद मामूली है। आम आदमी पार्टी के सांसद संत बलबीर सिंह राज्यसभा के सबसे गरीब सदस्य हैं, जिनकी कुल संपत्ति मात्र 3 लाख रुपये के करीब है। उनके बाद मणिपुर के महाराजा सनाजाओबा लीशेम्बा का स्थान है, जिनके पास लगभग 5 लाख रुपये की संपत्ति है। तृणमूल कांग्रेस के प्रकाश चिक बराइक भी सबसे कम संपत्ति (9 लाख रुपये) वाले शीर्ष तीन सांसदों में शामिल हैं।
क्या बदल रहा है लोकतंत्र का स्वरूप?
एडीआर की यह रिपोर्ट भारतीय चुनावी व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के चयन की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जब देश के नीति-निर्धारक संस्थानों में आपराधिक छवि और अत्यधिक धनवान लोगों की संख्या बढ़ती है, तो सामान्य नागरिक के मुद्दों की अनदेखी होने का खतरा बढ़ जाता है। पार्टियों द्वारा ‘विनेबिलिटी’ (जीतने की क्षमता) के नाम पर दागी और अमीर उम्मीदवारों को प्राथमिकता देना लोकतंत्र की शुचिता के लिए एक चुनौती बना हुआ है।
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