LPG Supply Ban: अगर आप इस आने वाले वीकेंड पर परिवार के साथ बाहर जाकर किसी अच्छे रेस्टोरेंट में डिनर करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको अपनी प्लानिंग पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में छिड़ी भीषण जंग का असर अब सात समंदर पार भारत की रसोई और खान-पान उद्योग तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने के कारण भारत सरकार ने एलपीजी (LPG) वितरण को लेकर बेहद सख्त कदम उठाए हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि व्यावसायिक सिलेंडरों की किल्लत के चलते कई शहरों के होटलों पर ताला लगने की नौबत आ गई है। सरकार ने गैस की बर्बादी रोकने और जरूरी सेवाओं को चालू रखने के लिए वितरण की प्राथमिकताएं पूरी तरह बदल दी हैं।
LPG Supply Ban:नया सरकारी आदेश: सिर्फ अस्पतालों और स्कूलों को मिलेगी प्राथमिकता
तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने सरकार के निर्देशानुसार गैस वितरण की एक नई रणनीति लागू की है। इस नए आदेश के तहत, अब कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति केवल आपातकालीन और अनिवार्य सेवाओं तक ही सीमित कर दी गई है। फिलहाल उपलब्ध स्टॉक का उपयोग केवल अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों (स्कूलों एवं कॉलेजों) की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। दूसरी ओर, होटलों, रेस्टोरेंटों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए सिलेंडरों की नई सप्लाई को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। डिस्ट्रीब्यूटर्स को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे स्टॉक का उपयोग केवल आरक्षित श्रेणियों के लिए ही करें।
LPG Supply Ban: घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बदले नियम: अब 25 दिन बाद होगी बुकिंग
इस संकट का प्रभाव केवल होटल इंडस्ट्री तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आपके घर की रसोई भी इससे अछूती नहीं रही है। सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रिफिल नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है। पहले जहां उपभोक्ता अपना दूसरा सिलेंडर 21 दिनों के अंतराल पर बुक कर सकते थे, अब उस समय सीमा को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब आम नागरिकों को अपने घर का गैस सिलेंडर बहुत ही सोच-समझकर खर्च करना होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि गैस के भंडार को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके और किसी भी तरह की ‘पैनिक बुकिंग’ से बचा जा सके।
होटल इंडस्ट्री में हड़कंप: बेंगलुरु और अन्य शहरों में बंदी की चेतावनी
कमर्शियल गैस की सप्लाई ठप होने से देश भर के होटल व्यवसायी गहरे संकट में हैं। ‘बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन’ ने चेतावनी जारी की है कि यदि अगले कुछ दिनों में सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो शहर के अधिकांश होटलों को अपनी सेवाएं बंद करनी पड़ेंगी। डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि बॉटलिंग प्लांट्स में कमर्शियल सिलेंडरों की लोडिंग और बिलिंग पूरी तरह से बंद है। कई बड़े शहरों में रेस्टोरेंट मालिक अब वैकल्पिक ईंधन की तलाश कर रहे हैं, लेकिन अचानक इतनी बड़ी मांग को पूरा करना संभव नहीं हो पा रहा है। इस स्थिति ने न केवल व्यापार को प्रभावित किया है, बल्कि बाहर खाने वाले लोगों की जेब पर भी असर डाला है।
धैर्य रखने की अपील: सरकार को अगले शिपमेंट का इंतजार
केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, यह एक अस्थायी संकट है जो मुख्य रूप से आयात (Import) में आने वाले व्यवधानों की वजह से उत्पन्न हुआ है। अधिकारी अगले गैस शिपमेंट के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। डिस्ट्रीब्यूटर्स को कहा गया है कि वे अपने ग्राहकों को भरोसे में लें और उन्हें समझाएं कि यह स्थिति कुछ ही समय के लिए है। सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और अनावश्यक रूप से गैस की बर्बादी न करें। आने वाले हफ्तों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
