सिटी मॉन्टेसरी स्कूल: जब भी बात आती है दुनिया के सबसे बड़े स्कूल की, तो ज्यादातर लोग अमेरिका, चीन या जापान जैसे देशों की कल्पना करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल भारत में स्थित है? जी हां, लखनऊ स्थित सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा यह खिताब प्राप्त है। इस स्कूल की विशेषताएं केवल इसके विशाल आकार तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, शांति और संस्कृति पर भी आधारित हैं। आइए जानते हैं CMS के बारे में 6 रोचक और प्रेरणादायक बातें।
स्कूल का नाम और स्थान
सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (City Montessori School) की स्थापना वर्ष 1959 में डॉ. जगदीश गांधी और भारती गांधी ने लखनऊ, उत्तर प्रदेश में की थी। यह स्कूल लखनऊ के विभिन्न हिस्सों में फैला हुआ है और इसके कुल 21 शाखाएं हैं। CMS ने शिक्षा के क्षेत्र में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं और इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दुनिया के सबसे बड़े स्कूल के रूप में दर्ज किया गया है। इसकी विशेषता यह है कि यह न केवल विद्यार्थियों की संख्या में सबसे बड़ा है, बल्कि गुणवत्ता, संस्कृति और नैतिक शिक्षा के क्षेत्र में भी अग्रणी है।
छात्र संख्या और स्टाफ की जानकारी
CMS में लगभग 58,000 से अधिक छात्र पढ़ते हैं, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल बनाते हैं। इसके अलावा, स्कूल में करीब 4500 शिक्षक, स्टाफ और सहायक कर्मचारी कार्यरत हैं। इतने बड़े पैमाने पर संचालन के लिए तकनीक, प्रबंधन और अनुशासन का उच्चतम स्तर बनाए रखना आवश्यक होता है। इस छात्र संख्या के साथ CMS ने शैक्षिक ढांचे को बहुत ही व्यवस्थित रूप से विभाजित किया है ताकि हर छात्र को व्यक्तिगत ध्यान मिल सके। यह संख्या हर साल बढ़ती जा रही है, जिससे यह स्कूल शिक्षा की वैश्विक महाशक्ति बन चुका है।
शिक्षा प्रणाली और पाठ्यक्रम
CMS का शैक्षणिक दृष्टिकोण मानवता, नैतिकता और वैश्विक दृष्टिकोण पर आधारित है। स्कूल में ICSE और ISC बोर्ड के अंतर्गत शिक्षा प्रदान की जाती है, जिसमें विज्ञान, वाणिज्य, और कला सभी धाराएं उपलब्ध हैं। यहां अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई होती है लेकिन नैतिक शिक्षा, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि नेतृत्व, संवाद कला, और सामूहिक कार्य प्रणाली भी सिखाई जाती है। CMS का उद्देश्य बच्चों को सिर्फ ‘विद्वान’ नहीं, बल्कि ‘सद्गुणी नागरिक’ बनाना है।
अंतरराष्ट्रीय पहचान और सम्मान
CMS अंतरराष्ट्रीय मंच पर विश्व शांति, वैश्विक नागरिकता और संयुक्त राष्ट्र मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रसिद्ध है। स्कूल को UNESCO और UNICEF से कई बार सराहना मिली है। यह स्कूल अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, मूट कोर्ट, ओलंपियाड, और Model United Nations (MUN) जैसे आयोजनों की मेजबानी करता है। स्कूल के छात्रों ने वैश्विक प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और पुरस्कार जीते हैं। CMS वास्तव में भारतीय शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऊँचाई देने वाला संस्थान बन चुका है।
स्कूल की मुख्य विशेषताएं
CMS अपने छात्रों को नैतिकता, आध्यात्मिकता और सार्वभौमिक भाईचारे का पाठ पढ़ाता है। यहाँ नियमित रूप से प्रार्थना सभाएं, नैतिक संवाद, योग और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। स्कूल में अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब्स, विज्ञान प्रयोगशालाएं, खेल परिसर और लाइब्रेरी उपलब्ध हैं। छात्रों को हर क्षेत्र में सर्वांगीण विकास का अवसर मिलता है-शिक्षा, खेल, संस्कृति और सामाजिक सेवा में। CMS का हर कैंपस एक मिनी विश्वविद्यालय जैसा अनुभव देता है।
समाज में योगदान और उद्देश्य
CMS का मुख्य उद्देश्य “वर्ल्ड यूनिटी एंड वर्ल्ड पीस” को बढ़ावा देना है। यह स्कूल हर बच्चे को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना से जोड़ता है, यानी पूरी दुनिया एक परिवार है। CMS छात्रों को समाजसेवा, पर्यावरण रक्षा और वैश्विक जागरूकता के लिए प्रेरित करता है। स्कूल में CSR और सामाजिक परियोजनाओं पर भी कार्य किया जाता है जैसे-‘ग्रीन स्कूल’ अभियान, हेल्थ चेकअप कैंप, आदि। इसका सपना है-एक ऐसा संसार, जहां शिक्षा सिर्फ सफलता नहीं, शांति और सेवा का माध्यम हो।
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