सभी सनातनियों को जानकर ख़ुशी होगी की आपके लिए प्रातः वंदन का मंत्र उन सभी के लिए जिसकी वजह से यह प्रथ्वी पर जीवन संभव है ,करना चाहिए! अपने बच्चों को भी सिखाना चाहिए!यह एक प्रकार से धन्यावाद करना है !निम्न मंत्र को याद कर लें !
समुद्र वसने देवी पर्वत स्तन मंडिते !
विष्णु पत्नी नमसतुभ्यम पाद स्पर्शं क्षमश्व्मेव !!
