Headline
Jantar Mantar Terror Plot
Jantar Mantar Terror Plot: जंतर-मंतर आतंकी हमले की साजिश नाकाम, ISI मॉड्यूल का खुलासा, 9 आरोपी गिरफ्तार
RBI Repo Rate Update
RBI Repo Rate Update: RBI ने Repo Rate 5.25% पर रखा स्थिर, लोन EMI में राहत नहीं
Article 370
Article 370: आर्टिकल 370 हटाने से पहले का सीक्रेट मिशन, इन 7 चेहरों ने निभाई अहम भूमिका
Food Cravings
Food Cravings: चॉकलेट और मीठा खाने का मन क्यों करता है? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
Shravan Amavasya 2026
Shravan Amavasya 2026: सावन अमावस्या कब है? जानें तिथि, मुहूर्त और पूजा के नियम
Mangal Milan Meeting
BJP Mangal Milan Meeting: मांडविया ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां, UPA पर साधा निशाना
Amit Shah Big Statement
Amit Shah Big Statement: 7 साल में 36 देशों से लौटे 275 भगोड़े अपराधी, शाह ने गिनाईं उपलब्धियां
Lok Sabha
Lok Sabha: ध्वनिमत से पास हुआ विनियोग विधेयक 2026, विपक्ष ने चर्चा का किया बहिष्कार
Bypoll Results
Bypoll Results : उपचुनाव नतीजों पर BJP में मंथन, नितिन नवीन बोले- नई ऊर्जा और संकल्प के साथ जनता के बीच जाएंगे

RSS Chief Partition 1947 : मोहन भागवत का नया नैरेटिव, विभाजन के बाद आने वाले लोग थे संघर्ष के असली योद्धा

RSS Chief Partition

RSS Chief Partition 1947 : नागपुर में सिंधु एजुकेशन सोसाइटी के 75वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने देश के विभाजन के दौरान विस्थापित हुए लोगों के प्रति एक नई दृष्टि प्रस्तुत की है। उन्होंने कहा कि 1947 में पाकिस्तान से भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं थे, बल्कि वे अपने धर्म और मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले ‘योद्धा’ थे। भागवत के अनुसार, इन लोगों ने पीढ़ियों की मेहनत से अर्जित की गई अपनी संपत्ति, कारोबार और अपने घरबार को पीछे छोड़ने का कठिन निर्णय लिया था। उनका भारत आना किसी मजबूरी का परिणाम नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और धर्म को सुरक्षित रखने का एक सचेत और गौरवपूर्ण विकल्प था।

धर्म और राष्ट्र के लिए सब कुछ त्यागने का साहस

संघ प्रमुख ने रेखांकित किया कि इन विस्थापितों ने उस दौर में न तो धन-संपत्ति को प्राथमिकता दी और न ही व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं को। उन्होंने केवल भारत को अपनी मातृभूमि मानकर इसे चुना, ताकि वे बिना किसी भय के अपने धर्म का पालन कर सकें। मोहन भागवत ने स्पष्ट किया कि विभाजन के समय जो लोग संघर्ष की उस लड़ाई में हारे, वह किसी व्यक्तिगत गलती का परिणाम नहीं था, बल्कि वह पूरे राष्ट्र की सामूहिक हार थी। इस कठिन समय में इन लोगों ने राष्ट्र और धर्म के प्रति जो निष्ठा दिखाई, वह उन्हें सामान्य विस्थापितों की श्रेणी से अलग खड़ा करती है। उन्होंने कहा कि इन लोगों का संघर्ष हमें यह सिखाता है कि प्रतिकूल परिस्थितियों में हार मानना किसी समस्या का हल नहीं है।

प्रतिकूल परिस्थितियों में साहस और पुनरुत्थान की सीख

मोहन भागवत ने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन की कठिन परिस्थितियों के आगे झुकना या भाग्य को कोसना कायरता है। जो व्यक्ति मुश्किलों से पलायन करता है, वह वास्तव में संघर्ष शुरू होने से पहले ही हार मान चुका होता है। इसके विपरीत, जो व्यक्ति हर ठोकर खाने के बाद पुनः उठकर नई ऊर्जा के साथ प्रयास करता है, वही अंततः सफलता के शिखर तक पहुंचता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हमें अपने इतिहास के दर्द से उबरकर भविष्य निर्माण के लिए निरंतर सक्रिय रहना चाहिए। यह मानसिकता ही किसी भी समाज को कठिन कालखंड से बाहर निकालने में सक्षम बनाती है।

शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य: मूल्य आधारित संस्कार का निर्माण

शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए संघ प्रमुख ने स्पष्ट किया कि डिग्री हासिल करना और नौकरी पाना शिक्षा का एक छोटा हिस्सा तो हो सकता है, लेकिन यह उसका एकमात्र उद्देश्य नहीं है। उन्होंने मूल्य-आधारित शिक्षा की वकालत करते हुए कहा कि आज के समय में सही और गलत के बीच भेद करने की क्षमता विकसित करना सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए; वास्तविक शिक्षा तो शिक्षक के आदर्श व्यवहार और विद्यार्थियों में डाले गए संस्कारों से ही मिलती है। अंत में उन्होंने कहा कि शिक्षा का परम ध्येय एक ऐसे नागरिक का निर्माण करना है, जो न केवल स्वयं का विकास करे, बल्कि समाज के कल्याण और उत्थान के लिए सदैव तत्पर और जागरूक रहे।

Read More  :  Ram Mandir Donation Scam : राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपियों की संपत्ति होगी ज़ब्त, बैंक खातों में भारी ट्रांजैक्शन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
घर की सूनी दीवार को बनाएं हराभरा ग्रीन साड़ी में रॉयल और ट्रेंडी दिखने के लिए अपनाएं ये तरीके पिंपल्स वाली स्किन के लिए मेकअप के आसान टिप्स पहले सावन सोमवार की पूजा ऐसे करें सफल कहां से आया फ्रेंडशिप डे का विचार?