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Shashi Tharoor : प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ पर घिरे शशि थरूर, कांग्रेस का बड़ा बयान, जो नहीं कहा वह सुना

Shashi Tharoor

Shashi Tharoor : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर और उनकी अपनी ही पार्टी के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं। हाल ही में जी-7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारतीय नाविकों की सुरक्षा के मुद्दे को मजबूती से उठाए जाने की प्रशंसा करना थरूर को भारी पड़ गया। उनके इस रुख के बाद कांग्रेस के भीतर तीखी बहस शुरू हो गई है। थरूर ने सार्वजनिक मंच से स्वीकार किया कि पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई अपनी मुलाकातों में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा बेहद स्पष्टता और मजबूती के साथ रखा था। पार्टी के भीतर कई नेताओं को थरूर का यह प्रशंसात्मक रवैया रास नहीं आया है।

पवन खेड़ा का तंज और थरूर का पलटवार

पार्टी की ओर से कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने थरूर के बयान पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि थरूर की पीएम मोदी के प्रति प्रशंसा शायद अब इतनी बढ़ चुकी है कि उन्हें वे बातें भी सुनाई देने लगी हैं, जो प्रधानमंत्री ने कही ही नहीं। खेड़ा का तर्क था कि थरूर ने जिस सख्त कूटनीति का जिक्र किया, वह आधिकारिक रिकॉर्ड में कहीं मौजूद नहीं है। इस पर शशि थरूर ने भी कड़ा जवाब देते हुए कहा कि वह मात्र मीडिया में आई रिपोर्टों का उल्लेख कर रहे थे। थरूर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा नहीं है, बल्कि अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने हमेशा सत्य और प्रमाणिकता का पालन किया है। वे अपने बयान पर पूरी तरह कायम हैं।

नाविकों की सुरक्षा पर राजनीति से थरूर की नाराजगी

शशि थरूर ने नाविकों की सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषय के राजनीतिकरण पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हालिया अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में तीन भारतीय नागरिकों की दुखद मौत हुई है, और उनकी एकमात्र चिंता उन भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना थी, जो युद्ध क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर कार्यरत हैं। थरूर ने जोर देकर कहा कि नागरिक नाविकों को किसी भी सैन्य कार्रवाई का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने उन लोगों की मानसिकता पर सवाल उठाए जो इस गंभीर मानवीय मुद्दे को उठाकर उस पर राजनीति करने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। उनके अनुसार, यह मुद्दा दलगत राजनीति से ऊपर होना चाहिए था।

भाजपा ने उठाया कांग्रेस के भीतर के अंतर्विरोध का लाभ

थरूर के बयान का उपयोग करते हुए भाजपा ने कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि शशि थरूर के बयानों ने राहुल गांधी की राजनीति को बेनकाब कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि जब देश के राष्ट्रीय हितों और विदेश नीति की बात आती है, तो कांग्रेस के नेता स्वयं प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता और कूटनीतिक कौशल का लोहा मान रहे हैं। भाजपा ने इसे प्रधानमंत्री मोदी की ‘भारत प्रथम’ की नीति की जीत बताया है, जबकि कांग्रेस के अन्य नेता इसके विपरीत रुख अपनाते रहे हैं।

बढ़ती दूरियों के संकेत: ऑपरेशन सिंदूर और उससे परे

शशि थरूर और कांग्रेस नेतृत्व के बीच दूरियां कोई नई बात नहीं हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी यह खाई स्पष्ट दिखी थी, जब केंद्र सरकार ने थरूर को दुनिया के सामने भारत का पक्ष रखने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए चुना था। विशेष बात यह थी कि थरूर कांग्रेस द्वारा सुझाए गए नामों में शामिल नहीं थे, फिर भी उन्होंने विदेश जाकर देश का प्रतिनिधित्व किया। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि पार्टी लाइन और थरूर की अपनी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय समझ के बीच एक बढ़ता हुआ वैचारिक फासला है, जो भविष्य में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

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