Ram Rahim Parole Update: हरियाणा के रोहतक जिले से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। विभिन्न गंभीर आपराधिक मामलों में सजा काट रहे सिरसा के डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को सरकार की तरफ से एक बार फिर से पैरोल दे दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार, इस बार डेरा प्रमुख को पूरे 30 दिनों की लंबी पैरोल की मंजूरी मिली है। जैसे ही पैरोल की कागजी प्रक्रिया पूरी हुई, राम रहीम को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल परिसर से बाहर ले जाने की तैयारी शुरू कर दी गई। कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
सुनारिया जेल से कड़ी सुरक्षा में रवानगी: सिरसा डेरे के लिए रवाना हुआ काफिला
रोहतक की अति-सुरक्षित सुनारिया जेल में बंद राम रहीम को आज सुबह ठीक 6:30 बजे जेल से रिहा किया गया। जेल के मुख्य द्वार से निकलते ही राम रहीम को भारी-भरकम पुलिस सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। हरियाणा पुलिस की कई गाड़ियों का एक बड़ा सुरक्षा काफिला डेरा प्रमुख को लेकर सीधे उनके मुख्य मुख्यालय, सिरसा डेरे के लिए रवाना हो चुका है। इस दौरान जेल परिसर और उसके आसपास के रास्तों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि डेरा समर्थकों की भीड़ को अनियंत्रित होने से रोका जा सके और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
क्या हैं पैरोल मिलने के मायने और नियम? प्रशासन की पैनी नजर
राम रहीम को मिलने वाली इस 30 दिनों की पैरोल के दौरान प्रशासन ने कई तरह की कड़ी शर्तें और नियम लागू किए हैं। पैरोल की अवधि के दौरान डेरा प्रमुख की हर एक गतिविधि पर स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों की पैनी नजर रहेगी। गौरतलब है कि राम रहीम को इससे पहले भी कई बार अस्थाई तौर पर पैरोल और फरलो मिल चुकी है, जिसे लेकर हर बार देश के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में काफी चर्चाएं और विवाद होते रहे हैं। इस बार भी 30 दिनों की इस बड़ी पैरोल को लेकर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों के बीच अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं।
सिरसा डेरे में सुरक्षा चाक-चौबंद: समर्थकों में भारी उत्साह का माहौल
जैसे ही राम रहीम को 30 दिनों की पैरोल मिलने और उनके सुनारिया जेल से सिरसा के लिए रवाना होने की खबर आम हुई, वैसे ही सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में हलचल काफी तेज हो गई है। डेरा समर्थकों के बीच अपने गुरु के वापस आने को लेकर भारी उत्साह और खुशी का माहौल देखा जा रहा है। हालांकि, स्थानीय जिला प्रशासन और पुलिस विभाग किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। सिरसा डेरे के मुख्य द्वारों और शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर और सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है, ताकि शांति व्यवस्था पूरी तरह बनी रहे।
राम रहीम के खिलाफ चल रहे मामले और अब तक की पैरोल का इतिहास
गुरमीत राम रहीम सिंह को दो साध्वियों के यौन उत्पीड़न के मामले में और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में कोर्ट द्वारा दोषी करार देते हुए 20 साल से अधिक की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। वह लंबे समय से रोहतक की सुनारिया जेल में अपनी इस सजा को काट रहे हैं। कानूनी जानकारों के अनुसार, जेल मैन्युअल के तहत कैदियों को उनके अच्छे आचरण और विशेष परिस्थितियों के आधार पर समय-समय पर पैरोल पाने का संवैधानिक अधिकार होता है। राम रहीम को इस साल और इससे पिछले सालों में भी मिली बार-बार की पैरोल ने अदालती न्याय प्रणाली और जेल नियमों की व्याख्या पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। अब देखना यह होगा कि 30 दिनों की यह पैरोल अवधि बिना किसी नए विवाद के कैसे पूरी होती है।
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