NEET 2026 Paper Leak : NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामले में केंद्र सरकार के निर्देश पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कमान संभालते ही अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सीबीआई ने इस संवेदनशील मामले में पहली बड़ी सफलता हासिल करते हुए राजस्थान के जमवारामगढ़ से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि पकड़े गए व्यक्ति के दोनों बेटे पेशे से डॉक्टर हैं। इसके साथ ही महाराष्ट्र के नासिक से भी एक मेडिकल छात्र को दबोचा गया है, जिससे इस नेटवर्क के देशव्यापी होने की पुष्टि हो रही है।
BNS की गंभीर धाराओं में FIR: CBI ने संभाली जांच की कमान
शिक्षा मंत्रालय की लिखित शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने आधिकारिक तौर पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, चोरी और सबूतों को मिटाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इसके अलावा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और हाल ही में लागू हुए ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024’ के कड़े प्रावधानों को भी इस केस में जोड़ा गया है। सीबीआई अब इस पूरे रैकेट की जड़ तक पहुंचने के लिए कानूनी शिकंजा कस रही है।
जमवारामगढ़ में छापेमारी: डॉक्टर पुत्रों के पिता से पूछताछ
सीबीआई की टीम ने राजस्थान के जयपुर जिले के जमवारामगढ़ इलाके में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। यहां से जिस व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, उस पर पेपर लीक सिंडिकेट को स्थानीय स्तर पर मदद पहुंचाने का संदेह है। जांच एजेंसी इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या उसके बेटों (जो डॉक्टर हैं) का भी इस अनियमितता में कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हाथ है। सीबीआई की टीमें अब स्थानीय नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की तलाश में राजस्थान के विभिन्न ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
नासिक कनेक्शन: BAMS छात्र शुभम खैरनार की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप
इस मामले में एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब जांच एजेंसियों ने नासिक से डॉ. शुभम खैरनार को हिरासत में लिया। शुभम खुद एक मेडिकल छात्र है और भोपाल के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से BAMS (आयुर्वेदिक चिकित्सा) के अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। शुभम की गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि पेपर लीक का यह नेटवर्क कितना पेशेवर और संगठित है, जिसमें चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोग ही शामिल हैं। सीबीआई अब शुभम के मोबाइल डेटा और संपर्कों के जरिए मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
परीक्षा की पवित्रता पर सवाल: NTA को मिले थे शुरुआती इनपुट
शिकायत के अनुसार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई 2026 को आयोजित की गई परीक्षा से पहले ही कुछ गोपनीय दस्तावेजों के अनधिकृत प्रसार की खबरें आई थीं। NTA को प्राप्त इनपुट और तकनीकी जांच के बाद यह आशंका जताई गई कि परीक्षा की निष्पक्षता और पवित्रता के साथ खिलवाड़ किया गया है। सीबीआई अब इस बात की जांच कर रही है कि पेपर प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ या फिर परिवहन के दौरान इसमें सेंध लगाई गई। जांच का दायरा देशभर के कई राज्यों तक फैला हुआ है।
विशेष टीमों का गठन: अपराधियों की पहचान के लिए CBI का मेगा ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई मुख्यालय ने विशेष टीमों का गठन किया है, जिनमें साइबर एक्सपर्ट्स और अनुभवी जांच अधिकारी शामिल हैं। ये टीमें संदिग्धों के बैंक खातों, कॉल रिकॉर्ड्स और डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाल रही हैं। सीबीआई का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस पेपर लीक के पीछे कौन-सा बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है और इसमें किन-किन संस्थाओं की मिलीभगत है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
