Headline
NEET UG 2026 Re-exam
NEET UG 2026 Re-exam : नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की तारीख घोषित, 21 जून को फिर होगी परीक्षा, पेपर लीक के बाद बड़ा फैसला
Petrol-Diesel Price
Petrol-Diesel Price : आम आदमी को लगा बड़ा झटका, रातों-रात बदल गए पेट्रोल और डीजल के दाम
Women Health :
Women Health : PCOS का नाम बदलकर हुआ PMOS, अब इस नए नाम से जानी जाएगी महिलाओं की यह बीमारी
Vastu Tips for Salt
Vastu Tips for Salt : क्या आप भी दूसरों से मांगते हैं नमक? जानिए इससे जुड़ा डरावना वास्तु दोष
Cuba Energy Crisis 2026
Cuba Energy Crisis 2026 : क्यूबा में ऊर्जा का महासंकट, ईंधन खत्म होने से अंधेरे में डूबा पूरा देश
NEET Paper Leak Case
NEET Paper Leak Case : NEET पेपर लीक मामले में तीन राज्यों से 7 गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका
Keralam CM News 2026
Keralam CM News 2026: कौन हैं केरल के नए मुख्यमंत्री सतीशन, जिन्होंने रेस में वेणुगोपाल को पीछे छोड़ा
Chandranath Rath Murder Case
Chandranath Rath Murder Case : सीबीआई जांच में 70 लाख की सुपारी का खुलासा, सिग्नल ऐप से रची गई साजिश
SIR Phase 3 India
SIR Phase 3 India : देशभर में शुरू होगा SIR का तीसरा चरण, 16 राज्यों में होगा स्वास्थ्य सर्वे

Blue Moon May 2026 : मई में दिखेगा ‘ब्लू मून’ का जादू, 1 और 31 तारीख को चमकेगा पूरा चाँद

Blue Moon May 2026

Blue Moon May 2026 : धार्मिक और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, साल 2026 का मई महीना अपने आप में एक बेहद दुर्लभ और पवित्र संयोग लेकर आ रहा है। इस महीने की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी शुरुआत भी पूर्णिमा तिथि से हो रही है और इसका समापन भी पूर्णिमा के साथ ही होगा। 1 मई को वैशाख पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा) के साथ महीने का आगाज होगा, जबकि 31 मई को ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा के साथ इस महीने की विदाई होगी। ज्योतिषविदों का मानना है कि ऐसा संयोग दशकों में कभी-कभार ही बनता है, जो साधकों के लिए पुण्य कमाने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है।

Blue Moon May 2026 : महीने का शुभारंभ: 1 मई को वैशाख बुद्ध पूर्णिमा का पावन पर्व

मई महीने की पहली तारीख को ही वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि पड़ रही है। इसे ‘बुद्ध पूर्णिमा’ के रूप में पूरे विश्व में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। हिंदू धर्म में वैशाख पूर्णिमा को अत्यंत फलदायी माना गया है, क्योंकि यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। वहीं, बौद्ध अनुयायियों के लिए यह त्रिविध पावन दिवस है, क्योंकि इसी दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ, उन्हें बोधगया में ज्ञान की प्राप्ति हुई और इसी तिथि को उनका महापरिनिर्वाण भी हुआ था। इस दिन स्नान-दान से मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।

Blue Moon May 2026 : पूर्णिमा का धार्मिक महत्व: अक्षय पुण्य और जल दान की महिमा

शास्त्रों में वर्णित है कि वैशाख पूर्णिमा के दिन जो व्यक्ति पवित्र नदियों में स्नान करता है और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करता है, उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन विशेष रूप से जल से भरे पात्र, घड़े और प्याऊ लगवाने का महत्व है। माना जाता है कि गर्मी के इस मौसम में राहगीरों को जल पिलाने से पितृ दोषों से मुक्ति मिलती है और जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। स्नान और तप के लिए यह दिन सर्वोत्तम माना गया है।

महीने का समापन: 31 मई को ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा का विशेष फल

मई महीने का अंत भी एक विशेष तिथि ‘ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा’ के साथ होने जा रहा है। 31 मई को पड़ने वाली यह पूर्णिमा इसलिए खास है क्योंकि यह अधिक मास (मलमास) के अंतर्गत आती है। अधिक मास की पूर्णिमा लगभग ढाई से तीन साल के अंतराल में एक बार आती है, जिसे ‘पुरुषोत्तम मास’ की पूर्णिमा भी कहा जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु को अति प्रिय है और इस दिन की गई साधना का फल अन्य सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक प्राप्त होता है।

शास्त्रों की दृष्टि में महत्व: सर्व सिद्धिदायिनी है यह तिथि

स्कंद पुराण, पद्म पुराण और नारद पुराण जैसे प्रतिष्ठित ग्रंथों में अधिक मास की पूर्णिमा को ‘सर्व सिद्धिदायिनी’ कहा गया है। इसका अर्थ है कि यह तिथि साधक की सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली और कार्यों में सफलता प्रदान करने वाली होती है। भविष्य पुराण के अनुसार, इस दिन श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करने से दरिद्रता का नाश होता है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। यह तिथि नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर जीवन में सकारात्मकता का संचार करती है।

पुण्य फल प्राप्ति के उपाय: व्रत, दान और सत्यनारायण कथा

इस दुर्लभ संयोग का लाभ उठाने के लिए भक्तों को कुछ विशेष कार्य करने की सलाह दी जाती है। इन दोनों पूर्णिमा तिथियों पर व्रत रखना और सत्यनारायण भगवान की कथा सुनना अत्यंत कल्याणकारी होता है। पवित्र नदियों में स्नान संभव न हो तो घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें। क्षमता अनुसार अन्न, वस्त्र और शीतल फलों का दान करना चाहिए। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करने से जातक को मानसिक क्लेशों से मुक्ति मिलती है और पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।

Read More : UAE Leaves OPEC 2026 : 60 साल पुराना साथ खत्म, ओपेक से बाहर हुआ UAE; कच्चे तेल के बाजार में भारी उथल-पुथल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top