Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नादिया में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित किया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने कांग्रेस और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार पर कड़े प्रहार किए। शाह ने सुरक्षा के मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि मोदी सरकार ने आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। उन्होंने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे प्रधानमंत्री मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए आतंकियों को करारा जवाब दिया। शाह ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि एक वह दौर था जब कांग्रेस और ममता समर्थित सरकारें आतंकवादियों को बिरयानी खिलाती थीं, लेकिन आज की सरकार आतंकियों को उनके घर में घुसकर मारती है।
Bengal Election 2026 : सर्जिकल स्ट्राइक से एयरस्ट्राइक तक: मोदी सरकार की आतंकवाद विरोधी उपलब्धियां
अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की तुलना पिछली सरकारों से करते हुए कहा कि 2014 के बाद भारत की रक्षा नीति में आमूलचूल परिवर्तन आया है। उन्होंने याद दिलाया कि उरी हमले के बाद भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की और पुलवामा का बदला लेने के लिए एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया। गृहमंत्री ने कहा, “पहलगाम में जब हमला हुआ, तो हमने पाकिस्तान की सीमा के भीतर घुसकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया और आतंकियों को मिट्टी में मिला दिया।” उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी ने देश को न केवल आतंकवाद बल्कि नक्सलवाद के दंश से भी काफी हद तक मुक्त कराया है, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत हुई है।
Bengal Election 2026 : घुसपैठियों पर बड़ी घोषणा: वोटर लिस्ट से नाम हटाने और निर्वासन की तैयारी
बंगाल की सबसे बड़ी समस्या ‘घुसपैठ’ पर बोलते हुए अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधे चुनौती दी। उन्होंने कहा कि ममता दीदी अक्सर घुसपैठियों का बचाव करती हैं और उनके खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर सवाल उठाती हैं। शाह ने घोषणा की कि 4 तारीख को चुनाव परिणाम आने के बाद जब बंगाल में भाजपा का मुख्यमंत्री पदभार संभालेगा, तो सबसे पहले वोटर लिस्ट की छंटनी की जाएगी। उन्होंने संकल्प लिया कि भाजपा सरकार न केवल मतदाता सूची से घुसपैठियों के नाम हटाएगी, बल्कि उन्हें चुन-चुनकर बंगाल की पवित्र धरती से बाहर निकालने का काम भी करेगी।
ममता सरकार पर पीएम मोदी का भी निशाना: मां, माटी और मानुष का अपमान
गृहमंत्री से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चुनावी रैलियों में ममता सरकार के ‘पापों’ का कच्चा चिट्ठा खोला था। पीएम मोदी ने कहा था कि जिस ‘मां, माटी और मानुष’ के नारे के दम पर टीएमसी 15 साल पहले सत्ता में आई थी, आज वह उसे भूल चुकी है। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि टीएमसी की निर्ममता ने बंगाल की मां को आंसू दिए हैं, यहां की माटी को सिंडिकेट और घुसपैठियों के हवाले कर दिया है और यहां के मानुष (इंसान) को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने पर मजबूर कर दिया है। मोदी के अनुसार, टीएमसी अब इन शब्दों का जिक्र करने से भी डरती है क्योंकि ऐसा करने पर उनके भ्रष्टाचार की पोल खुल जाएगी।
नंबर वन बंगाल का सपना: नेताजी के नारे के साथ वोट की अपील
अमित शाह और पीएम मोदी दोनों ने बंगाल के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए इसे फिर से देश का नंबर वन राज्य बनाने का वादा किया। प्रधानमंत्री ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के ऐतिहासिक नारे “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” का उल्लेख करते हुए जनता से अपील की कि आज देश को आपके खून की नहीं, बल्कि आपके एक वोट की जरूरत है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भाजपा को दिया गया एक-एक वोट बंगाल को टीएमसी के ‘महाजंगलराज’ से आजादी दिलाएगा। भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि बंगाल के पास विकास की अपार संभावनाएं हैं और डबल इंजन सरकार ही इसे पुनः विकास की पटरी पर ला सकती है।
