CWC 2027: आईसीसी वनडे विश्व कप 2027 के आयोजन में अभी समय शेष है, लेकिन इस महाकुंभ का हिस्सा बनने के लिए क्रिकेट जगत में सरगर्मी तेज हो गई है। नियमों के अनुसार, आईसीसी वनडे रैंकिंग की शीर्ष 8 टीमों को टूर्नामेंट में सीधा प्रवेश मिलेगा। हालांकि, शेष स्थानों को भरने के लिए इस वक्त आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 खेली जा रही है। इस टूर्नामेंट के जरिए छोटी टीमें विश्व कप के मुख्य क्वालीफायर में जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस बार मेजबान देश ही संकट में फंसा हुआ नजर आ रहा है, जिससे क्वालीफिकेशन की रेस और भी रोमांचक हो गई है।
CWC 2027 : मेजबान होने के बावजूद नामीबिया को क्यों नहीं मिली सीधी एंट्री?
सामान्यतः विश्व कप के मेजबान देशों को टूर्नामेंट में सीधे प्रवेश की सुविधा मिलती है, जैसा कि दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे के साथ हुआ है। लेकिन नामीबिया के साथ स्थिति अलग है। नामीबिया आईसीसी का पूर्ण सदस्य (Full Member) नहीं है, बल्कि एक एसोसिएट सदस्य है। आईसीसी के नियमों के मुताबिक, एसोसिएट मेजबान को अपनी योग्यता मैदान पर साबित करनी होती है। यही कारण है कि नामीबिया को लीग 2 के कठिन दौर से गुजरना पड़ रहा है। वर्तमान प्रदर्शन को देखते हुए नामीबिया की डगर बेहद मुश्किल नजर आ रही है और उनके प्रशंसकों के बीच डर बना हुआ है कि कहीं मेजबान देश ही मुख्य आयोजन से बाहर न हो जाए।
CWC 2027 :लीग 2 पॉइंट्स टेबल का ताजा हाल: कौन है शीर्ष पर?
अंक तालिका पर नजर डालें तो इस वक्त अमेरिका (USA) का दबदबा कायम है। यूएसए 36 अंकों के साथ पहले स्थान पर मजबूती से जमा हुआ है। स्कॉटलैंड की टीम 32 अंकों के साथ दूसरे पायदान पर है और अगले दौर के लिए अपनी जगह लगभग पक्की कर चुकी है। तीसरे स्थान पर ओमान है, जिसके पास 29 अंक हैं, जबकि नीदरलैंड्स 28 अंकों के साथ चौथे नंबर पर संघर्ष कर रहा है। दुर्भाग्यवश, मेजबान नामीबिया इस वक्त आठ टीमों की सूची में छठे स्थान पर खिसक गया है। नामीबिया के पास केवल 20 अंक हैं, जो उनकी विश्व कप की उम्मीदों को करारा झटका दे रहे हैं।
यूएसए और स्कॉटलैंड की राह आसान, ओमान ने बढ़ाई मुसीबत
यूएसए और स्कॉटलैंड जिस लय में खेल रहे हैं, उनका अगले राउंड में जाना तय माना जा रहा है। असली घमासान तीसरे और चौथे स्थान के लिए है। ओमान ने हाल के मैचों में शानदार प्रदर्शन करते हुए नामीबिया को लगातार दो बार पटखनी दी है और स्कॉटलैंड जैसी मजबूत टीम को भी हराया है। नामीबिया को अभी 10 मैच और खेलने हैं। यदि वे अपने सभी मैच जीत भी जाते हैं, तब भी उनके अधिकतम 40 अंक ही हो पाएंगे। अगर ओमान अपने शेष मैचों में से 4-5 मैच जीत लेता है, तो नामीबिया के लिए टॉप 4 के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो सकते हैं।
नामीबिया के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति और आगामी चुनौतियां
अब नामीबिया के पास गलती की कोई गुंजाइश नहीं बची है। आगामी 10 अप्रैल को उनका सामना ओमान से होगा और 12 अप्रैल को वे स्कॉटलैंड से भिड़ेंगे। यदि नामीबिया इन दो मैचों में हार जाता है, तो टॉप 4 में पहुंचने का उनका सपना पूरी तरह से टूट जाएगा। हालांकि, टॉप 4 से बाहर होने पर भी उनके पास एक अंतिम मौका ‘क्वालीफायर प्लेऑफ’ के रूप में रहेगा। लेकिन वह रास्ता और भी ज्यादा कांटों भरा होगा, क्योंकि वहां अन्य मजबूत टीमें भी मुकाबले में होंगी। कुल मिलाकर, नामीबिया के लिए अगले दो मैच उनके क्रिकेट इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण मैच साबित होने वाले हैं।
