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Middle East Crisis : डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को आखिरी चेतावनी, समझौता नहीं हुआ तो सभ्यता होगी खत्म

Middle East Crisis

Middle East Crisis :  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी गतिरोध के बीच एक बेहद आक्रामक और चौंकाने वाला बयान जारी किया है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर समझौता (डील) नहीं होता है, तो ईरान की पूरी सभ्यता को आज रात ही खत्म किया जा सकता है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए ट्रंप ने लिखा कि वे ऐसा विनाश नहीं चाहते, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बन सकती हैं जिसे कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा। ट्रंप का यह बयान वैश्विक राजनीति में खलबली मचाने वाला है, क्योंकि यह सीधे तौर पर एक राष्ट्र के अस्तित्व पर संकट की ओर इशारा करता है।

Middle East Crisis :  सत्ता परिवर्तन और नए नेतृत्व से उम्मीदें

अपने कड़े तेवरों के बावजूद, ट्रंप ने ईरान में हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने उल्लेख किया कि वर्तमान में ईरान में शासन की कमान अब उन लोगों के हाथ में है जो ‘समझदार’ और ‘कम कट्टरपंथी’ मानसिकता रखते हैं। ट्रंप ने आशा व्यक्त की कि शायद इस संकट के बीच कुछ ‘क्रांतिकारी’ और सकारात्मक निकलकर सामने आए। उन्होंने इसे विश्व इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि ईरान में पिछले 47 वर्षों से चले आ रहे भ्रष्टाचार, दमन और हिंसा के दौर का अंत हो सकता है। ट्रंप ने ईरानी जनता के प्रति अपनी सहानुभूति जताते हुए उन्हें बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं।

Middle East Crisis :  समयसीमा खत्म होने से पहले ही हमलों में तेजी

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को समझौते के लिए मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) तक का समय दिया है। हालांकि, इस डेडलाइन के समाप्त होने से पहले ही युद्ध के मैदान में हलचल तेज हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजराइल ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर अपने हमले और अधिक तेज कर दिए हैं। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यह दबाव ईरान को वार्ता की मेज पर लाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। दबाव इतना अधिक है कि ईरान के पास अब समझौते या विनाश के बीच चुनने के लिए बहुत कम समय बचा है।

जेडी वेंस का बयान: ‘सैन्य उद्देश्य हुए पूरे, अंत करीब है’

इधर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी युद्ध की समाप्ति को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। वेंस ने कहा कि ईरान के खिलाफ छेड़े गए इस सैन्य अभियान के प्राथमिक उद्देश्य अब पूरे हो चुके हैं। अमेरिका ने ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया है, जिनसे प्रमुख समुद्री मार्गों और वैश्विक व्यापार को खतरा पैदा हो रहा था। वेंस के मुताबिक, अब इस संघर्ष का अंत पूरी तरह से ईरानी नेतृत्व और वहां के लोगों के फैसलों पर निर्भर करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बहुत जल्द इस युद्ध पर विराम लग जाएगा और क्षेत्र में शांति बहाली की प्रक्रिया शुरू होगी।

47 साल पुराने संघर्ष का निर्णायक मोड़

ईरान और अमेरिका के बीच दशकों पुराना यह संघर्ष अब अपने सबसे निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। जहां एक ओर ट्रंप की ‘सभ्यता खत्म करने’ की धमकी परमाणु युद्ध या बड़े पैमाने पर तबाही का संकेत दे रही है, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक रास्तों के जरिए सत्ता परिवर्तन को भुनाने की कोशिश भी की जा रही है। पूरी दुनिया की नजरें अब उस समयसीमा पर टिकी हैं, जिसके बाद यह तय होगा कि मध्य-पूर्व में शांति का नया सूर्य उगेगा या फिर इतिहास की सबसे विनाशकारी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।

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