Mann Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें संस्करण में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा–घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किया। राज्य में पोषण जागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित इस पहल को राष्ट्रीय मंच पर जगह मिलने से अभियान से जुड़े लोगों में उत्साह का माहौल है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दिल्ली प्रवास के दौरान एयरपोर्ट पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुना।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने पीएम मोदी का जताया आभार
प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ की पहल का उल्लेख किए जाने पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ जैसे राष्ट्रीय मंच पर प्रदेश के अभियान का उल्लेख होना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री ने स्थानीय संसाधनों और जनभागीदारी के माध्यम से पोषण को मजबूत करने के प्रयास को देश के सामने रखा है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मातृशक्ति का भी जताया आभार
मंत्री ने कहा कि इस पहल को सफल बनाने में प्रदेश की माताओं, बहनों, किशोरियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और अभियान से जुड़े अन्य लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति इन सभी की ओर से आभार व्यक्त किया। मंत्री के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर अभियान का उल्लेख होने से जमीनी स्तर पर काम कर रहे लोगों का उत्साह और बढ़ा है।
तीजा-पोरा पर मुख्यमंत्री निवास से शुरू हुआ अभियान
लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में तीजा-पोरा के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास से ‘हर घर मुनगा–घर-घर मुनगा’ अभियान का राज्यव्यापी शुभारंभ किया गया था। इस पहल के तहत मुनगा के पौधों को घर-घर तक पहुंचाने के साथ लोगों को इसके पोषण संबंधी महत्व के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है।
52,553 आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ने की योजना
मंत्री ने बताया कि अभियान को प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, पोषण वाटिकाओं और ग्रामीण परिवारों की बाड़ियों से जोड़ा जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 52,553 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से करीब 7.88 लाख परिवारों को अभियान से जोड़ने की योजना है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मुनगा को परिवारों के भोजन और पोषण से जोड़ना है।
माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष जोर
अभियान के माध्यम से माताओं, किशोरी बालिकाओं और बच्चों के पोषण को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुनगा के पौधे को घर के आसपास लगाने और उसके उपयोग को भोजन से जोड़ने के जरिए परिवारों में पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान में सरकारी संस्थानों के साथ समुदाय की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना गया है।
सिर्फ पौधरोपण नहीं, पोषण जागरूकता का अभियान
लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि ‘हर घर मुनगा–घर-घर मुनगा’ केवल पौधरोपण तक सीमित पहल नहीं है। इसका उद्देश्य पोषण जागरूकता को परिवारों की दैनिक जीवनशैली से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय रूप से उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके परिवार अपने भोजन में पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकते हैं और स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
पीएम मोदी के उल्लेख से बढ़ा अभियान से जुड़े लोगों का उत्साह
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अभियान का उल्लेख किए जाने से प्रदेशभर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, माताओं, बहनों और किशोरी बालिकाओं सहित इससे जुड़े सभी लोगों का उत्साह बढ़ा है। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ में चल रहे पोषण जागरूकता प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण प्रोत्साहन बताया।
प्रदेशवासियों से मुनगा लगाने की अपील
लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने घर, बाड़ी या आसपास उपलब्ध स्थान पर मुनगा का पौधा लगाएं और उसकी नियमित देखभाल करें। उन्होंने परिवार के भोजन में मुनगा को शामिल करने के साथ-साथ इसके पोषण संबंधी संदेश को अन्य लोगों तक पहुंचाने का भी आह्वान किया।
जनभागीदारी से सुपोषित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य
अभियान का संदेश ‘हर घर मुनगा, घर-घर सुपोषण’ रखा गया है। इसका लक्ष्य स्थानीय संसाधनों, सामुदायिक भागीदारी और पोषण जागरूकता के जरिए परिवारों को स्वस्थ एवं सुपोषित जीवन की दिशा में प्रेरित करना है। प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ में उल्लेख के बाद इस अभियान को राज्य स्तर पर नई पहचान और अतिरिक्त जनभागीदारी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
Read More : Gujarat Railway Projects: अमित शाह ने दी 1542 करोड़ से ज्यादा की सौगात, WAG-12 से Kavach तक कई परियोजनाएं

