कुल्हड़ को दोबारा इस्तेमाल करने की गलती न करें, जानें एक्सपर्ट वाली वजह

कुल्हड़ की मिट्टी में छोटे-छोटे छिद्र होते हैं।

चाय या दूध की नमी इन छिद्रों में रह सकती है।

ठीक से सफाई न होने पर बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं।

नम और गंदी सतह से कंटैमिनेशन का खतरा रहता है।

दोबारा इस्तेमाल से पेट दर्द और दस्त हो सकते हैं।

कुछ मामलों में फूड पॉइजनिंग का खतरा भी रहता है।

खुले में रखे कुल्हड़ धूल-मिट्टी से दूषित हो सकते हैं।

रीयूजेबल कप के लिए स्टील या सिरेमिक बेहतर विकल्प हैं।