Headline
Himanta Biswa Sarma
Himanta Biswa Sarma: ‘समय आ गया राहुल गांधी भारत की जनता से माफी मांगें’, CM हिमंत का तीखा हमला
Mann Ki Baat
Mann Ki Baat: PM मोदी ने सराहा लक्ष्मी राजवाड़े का ‘हर घर मुनगा’ अभियान, छत्तीसगढ़ की पहल का किया जिक्र
Gujarat Railway Projects
Gujarat Railway Projects: अमित शाह ने दी 1542 करोड़ से ज्यादा की सौगात, WAG-12 से Kavach तक कई परियोजनाएं
UNGA 2026
UNGA 2026 : UNSC में भारत को रूस का खुला समर्थन, लावरोव ने भारत-ब्राजील की स्थायी सीट की वकालत की
Asian Games 2026
Asian Games 2026 : एशियाई खेलों में भारत का जलवा, PM मोदी ने मेडल विजेताओं को दी बधाई
Heart Health
Heart Health : बैड कोलेस्ट्रॉल के अलावा दिल को नुकसान पहुंचा सकते हैं ये 6 कारण, जानें बचाव के तरीके
Vastu Tips For Kitchen
Vastu Tips For Kitchen: किचन का चूल्हा किस दिशा में होना चाहिए? जानें वास्तु का सही नियम
ECI Row
ECI Row: चुनाव आयोग की सफाई के बाद BJP का राहुल गांधी पर हमला, सत्ता की राजनीति का लगाया आरोप
Amit Shah Kerala Visit
Amit Shah Kerala Visit: अम्मा की करुणा को बताया समाज जोड़ने वाली शक्ति, यूथ कांग्रेस ने दिखाए काले झंडे

Himanta Biswa Sarma: ‘समय आ गया राहुल गांधी भारत की जनता से माफी मांगें’, CM हिमंत का तीखा हमला

Himanta Biswa Sarma

Himanta Biswa Sarma : चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से यह स्पष्ट किए जाने के बाद कि SIR से जुड़े फैसले आयोग ने सर्वसम्मति से लिए हैं, राहुल गांधी और कांग्रेस को जनता से माफी मांगनी चाहिए।

हिमंता ने राहुल गांधी से माफी की मांग की

हिमंता बिस्वा सरमा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने लगातार चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर सवाल खड़े किए और मुख्य चुनाव आयुक्त पर एकतरफा निर्णय लेने के आरोप लगाए। उनके मुताबिक, आयोग की हालिया बैठक और उसके बाद जारी स्पष्टीकरण में कहा गया कि SIR से जुड़े निर्णय पूर्ण आयोग की मंजूरी से लिए गए थे। हालांकि, कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवाल और आरोप राजनीतिक बहस का हिस्सा बने हुए हैं।

चुनाव हारने के बाद आरोप लगाने का लगाया आरोप

असम के मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर चुनावी हार के बाद संस्थाओं को लेकर सवाल उठाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि बंगाल, असम या किसी अन्य राज्य में चुनावी परिणाम आने के बाद राहुल गांधी की ओर से इसी तरह के आरोप लगाए जाते हैं। हिमंता ने सवाल किया कि चुनाव आयोग को लेकर लोगों के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश क्यों की गई और इसके पीछे आधार क्या था।

राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर लगाए आरोप

दूसरी ओर, कांग्रेस लगातार SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला कर रही है। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर चुनावी प्रक्रिया में कथित हेरफेर से जुड़े आरोप लगाए और CEC पर भी सवाल उठाए। इन आरोपों को बीजेपी ने खारिज किया है और कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है।

चुनाव आयोग की पूर्ण बैठक से अटकलों पर विराम

विवाद के बीच 26 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में पूर्ण चुनाव आयोग की बैठक हुई। इसमें चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी भी शामिल हुए। बैठक के बाद आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया और कहा कि संबंधित निर्णय पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग ने यह भी कहा कि आंतरिक विचार-विमर्श में टिप्पणियां और सुझाव संस्थागत प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं।

वोटरों की परेशानी दूर करने के लिए कई फैसले

बैठक में SIR के दौरान नोटिस पाने वाले मतदाताओं की परेशानियां कम करने के लिए कई कदम उठाए गए। आयोग के अनुसार, ‘अनमैप्ड’ या ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ के कारण नोटिस पाने वाले लोगों के घर BLO जाकर दस्तावेज जुटा सकेंगे। ऐसे मतदाताओं को सामान्य परिस्थितियों में ERO या AERO कार्यालय में सुनवाई के लिए बुलाने की जरूरत नहीं होगी। जरूरत पड़ने पर सुनवाई ऑनलाइन कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।

ECINET और मतदाता सहायता को लेकर भी निर्णय

चुनाव आयोग ने ECINET सिस्टम की समीक्षा के लिए समिति बनाने का निर्णय भी लिया है। इसके अलावा जरूरतमंद मतदाताओं, श्रमिकों, बेघर लोगों और रैन बसेरों में रहने वालों के लिए हेल्प डेस्क तथा विशेष शिविर आयोजित करने की बात कही गई है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे नए आईटी मॉड्यूल और पोर्टल से जुड़े प्रस्तावों पर संबंधित अधिकारियों के स्तर पर चर्चा के बाद ही आयोग की मंजूरी ली जाएगी।

SIR पर राजनीतिक टकराव आगे भी जारी रहने के संकेत

चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बावजूद SIR को लेकर राजनीतिक विवाद समाप्त नहीं हुआ है। बीजेपी जहां आयोग के सर्वसम्मति वाले बयान को विपक्ष के आरोपों के संदर्भ में पेश कर रही है, वहीं कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया और आयोग के कामकाज को लेकर अपने सवाल उठा रही है। ऐसे में SIR आने वाले दिनों में भी चुनावी पारदर्शिता, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बना रह सकता है।

Read More : Mann Ki Baat: PM मोदी ने सराहा लक्ष्मी राजवाड़े का ‘हर घर मुनगा’ अभियान, छत्तीसगढ़ की पहल का किया जिक्र

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
कुल्हड़ को दोबारा इस्तेमाल करने की गलती न करें, जानें एक्सपर्ट वाली वजह पहला शो कैसे मिला? मौनी रॉय की कहानी सुनकर रह जाएंगे हैरान हर दिन की ये 8 आदतें रख सकती हैं आपके दिल का खास ख्याल मीठा छोड़ते ही क्यों बढ़ जाती है उसकी तलब? किस पितर का श्राद्ध कब करें? पितृपक्ष शुरू होने से पहले जान लें ये नियम