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India-UAE Relations : रक्षा से AI और अंतरिक्ष तक, मोदी-यूएई क्राउन प्रिंस के बीच हुई अहम चर्चा

India-UAE Relations

India-UAE Relations : नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच शनिवार को द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की। बातचीत में खासतौर पर अमीराती संस्थाओं की ओर से भारत में निवेश बढ़ाने के नए अवसरों पर चर्चा हुई।

यूएई का प्रतिनिधित्व करने भारत पहुंचे थे क्राउन प्रिंस

क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के उत्तराधिकारी हैं। राष्ट्रपति के जर्मनी दौरे पर होने के कारण उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित BRICS सम्मेलन में यूएई का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद क्राउन प्रिंस शनिवार को ही यूएई लौट गए। उनकी यह यात्रा भारत-यूएई संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण रही।

पश्चिम एशिया तनाव के बीच हुई अहम मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी और क्राउन प्रिंस खालिद की यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बना हुआ है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव का असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और ऊर्जा व्यवस्था पर पड़ रहा है। ऐसे माहौल में भारत के लिए यूएई एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग के लिहाज से अहम माने जाते हैं।

रक्षा और एआई से लेकर ऊर्जा तक सहयोग पर चर्चा

बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए बातचीत की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने से दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

रणनीतिक ऊर्जा और IMEC में निवेश की संभावनाएं

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रणनीतिक ऊर्जा बुनियादी ढांचे और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे यानी IMEC कनेक्टिविटी में निवेश की नई संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने भारत और यूएई के रिश्तों को पश्चिम एशिया में अनिश्चितता के दौर में स्थिरता, समृद्धि और शांति का प्रतीक बताया। पीएम मोदी के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों में बड़ा बदलाव आया है और अब दोनों पक्ष पहले से अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय ने निवेश को लेकर दी जानकारी

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में भी बैठक से जुड़ी अहम जानकारी साझा की गई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी को गहरा करने में यूएई के नए सॉवरेन निवेश फंड L’Imad की भूमिका को स्वीकार किया। इसके अलावा, यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी की ओर से ओडिशा में एक इंटीग्रेटेड ग्रीनफील्ड एल्युमीनियम परियोजना में 11.5 अरब डॉलर निवेश की घोषणा का भी उल्लेख किया गया।

ओडिशा में बनेगा बड़ा एल्युमीनियम प्रोजेक्ट

इंटरनेशनल रिसोर्सेज होल्डिंग और अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने जुलाई में ओडिशा सरकार के साथ एल्युमीनियम परियोजना को लेकर शुरुआती समझौता किया था। प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम में दोनों कंपनियों की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। इस परियोजना को ओडिशा को वैश्विक एल्युमीनियम विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

रक्षा और परमाणु ऊर्जा पर भी बढ़ेगा सहयोग

विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और क्राउन प्रिंस खालिद ने रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, तकनीक और इनोवेशन जैसे रणनीतिक एवं उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। दोनों देशों के बीच इन क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने से भविष्य में निवेश और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं।

भारतीय समुदाय की सुरक्षा भी अहम मुद्दा

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत यूएई के शीर्ष नेतृत्व के साथ संपर्क बनाए हुए है। इसका एक प्रमुख उद्देश्य ऊर्जा की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना और यूएई में रहने वाले 40 लाख से अधिक भारतीयों की सुरक्षा एवं भलाई से जुड़े हितों को ध्यान में रखना है। भारत के लिए यूएई ऊर्जा, व्यापार और भारतीय प्रवासी समुदाय के कारण बेहद महत्वपूर्ण साझेदार है।

मोदी और यूएई नेतृत्व की लगातार बढ़ रही नजदीकी

शेख मोहम्मद बिन जायद ने जनवरी में भारत का दौरा किया था, जबकि इसके बाद मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूएई पहुंचे थे। लगातार उच्चस्तरीय यात्राओं और बैठकों से दोनों देशों के संबंधों में बढ़ती नजदीकी स्पष्ट होती है। पीएम मोदी ने भारत की अध्यक्षता में आयोजित BRICS में यूएई की सक्रिय भागीदारी की भी सराहना की।

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