Headline
NGT Conference
NGT Conference : भारत के कार्बन उत्सर्जन पर PM मोदी का बड़ा बयान, विकसित देशों का आंकड़ा चौंकाएगा
Disha Salian Case : दिशा सालियान केस में CCTV पर बड़ा दावा, फडणवीस गवाह और वकील के कई खुलासे
Dengue Vaccine 2027
Dengue Vaccine 2027 : भारत में 2027 में आएगी पहली डेंगू वैक्सीन QDENGA, बच्चों और वयस्कों को लगेगी
Vitamin Timing
Vitamin Timing : कैल्शियम और जिंक साथ लें या अलग, जानें सप्लीमेंट लेने के जरूरी नियम और तरीका
Tulsi Mala and Rudraksha
Tulsi Mala and Rudraksha: क्या दोनों एक साथ पहनना सही है? जानें धार्मिक मान्यताएं और जरूरी नियम
Moody's GDP Forecast
Moody’s GDP Forecast : मूडीज ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर किया 7 फीसदी, IMF-RBI से आगे
Mohan Bhagwat on Gen Z
Mohan Bhagwat on Gen Z: Gen Z से मोहन भागवत ने धर्म पर क्यों पूछा सवाल, जानिए उन्होंने क्या कहा
JSCB Scam
JSCB Scam : JSCB घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, झारखंड-ओडिशा के सात ठिकानों पर छापेमारी
Nitin Nabin Mahakal
Nitin Nabin Mahakal : उज्जैन में महाकाल के दर पहुंचे नितिन नवीन, भस्म आरती में लिया हिस्सा

RAKSHA Document : राजनाथ सिंह ने जारी किया RAKSHA दस्तावेज, रक्षा कूटनीति का 10 साल का रोडमैप तैयार

RAKSHA Document

RAKSHA Document : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 3 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में रक्षा कूटनीति पर तैयार किए गए ‘रक्षा’ दस्तावेज का विमोचन किया। यह व्यापक दस्तावेज आने वाले 10 वर्षों के लिए भारत की वैश्विक रक्षा साझेदारियों की रणनीतिक दिशा और दृष्टिकोण को सामने रखता है। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं को सक्रिय अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जोड़ने पर जोर दिया गया है। दस्तावेज का व्यापक उद्देश्य दीर्घकालिक शांति, स्थिरता और पारस्परिक विकास के लिए भारत की भूमिका को मजबूत करना है।

बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल के बीच रणनीतिक रोडमैप

‘रक्षा’ दस्तावेज भारत की रक्षा कूटनीति को लेकर दीर्घकालिक सोच को दर्शाता है। वैश्विक स्तर पर तेजी से बदल रहे सुरक्षा समीकरणों के बीच भारत अपनी रक्षा साझेदारियों को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाना चाहता है। दस्तावेज में राष्ट्रीय हितों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा तय की गई है।

द्विपक्षीय और बहुपक्षीय रक्षा सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

दस्तावेज में मित्र और साझेदार देशों के साथ द्विपक्षीय तथा बहुपक्षीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना प्रमुख प्राथमिकता के रूप में शामिल किया गया है। भारत साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए विभिन्न देशों के साथ रक्षा संबंधों को और व्यापक बनाने की दिशा में काम करेगा। इसके जरिए रणनीतिक साझेदारियों को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाने का लक्ष्य है।

संयुक्त सैन्य अभ्यास और प्रशिक्षण पर विशेष जोर

रक्षा कूटनीति के तहत क्षमता विकास को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। ‘रक्षा’ दस्तावेज में मित्र देशों के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ाने की बात कही गई है। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में सर्वोत्तम तौर-तरीकों और अनुभवों को साझा करने पर भी जोर दिया गया है। इससे विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल और परिचालन क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

स्वदेशी रक्षा उत्पादों के निर्यात को मिलेगी नई दिशा

भारत के स्वदेशी रक्षा विनिर्माण और रक्षा निर्यात को भी इस रणनीतिक दस्तावेज में अहम प्राथमिकता दी गई है। भारत में निर्मित रक्षा प्लेटफॉर्म और प्रणालियों को वैश्विक बाजार में बढ़ावा देने की योजना है। इसका उद्देश्य भारत को एक विश्वसनीय वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इससे घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूती मिलने के साथ अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

हिंद महासागर में भारत की भूमिका होगी और मजबूत

समुद्री सुरक्षा को ‘रक्षा’ दस्तावेज के प्रमुख स्तंभों में शामिल किया गया है। इसके तहत हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की ‘नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर’ और प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में भूमिका को मजबूत करने पर जोर है। भारत समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और मानवीय सहायता से जुड़े अभियानों में अपनी सक्रिय भागीदारी को आगे बढ़ाएगा।

रक्षा कूटनीति को विदेश नीति का अहम आधार बताया

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रक्षा कूटनीति भारत की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। ऐसे में ‘रक्षा’ दस्तावेज अगले 10 वर्षों के लिए भारत की रणनीतिक प्राथमिकताओं को स्पष्ट और व्यावहारिक रूप से सामने रखता है। इसका लक्ष्य बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत को शांति, स्थिरता और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के मजबूत समर्थक के रूप में स्थापित करना है।

विमोचन कार्यक्रम में शीर्ष अधिकारी रहे मौजूद

‘रक्षा’ दस्तावेज के विमोचन कार्यक्रम में देश के शीर्ष सैन्य और रक्षा अधिकारी मौजूद रहे। इनमें सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार और विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्वी) रुद्रेंद्र टंडन शामिल थे। इसके अलावा वायु सेना उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, नौसेना उप प्रमुख वाइस एडमिरल अजय कोचर और चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष एवं एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख एयर मार्शल तेजिंदर सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी विमोचन समारोह में हिस्सा लिया।

Read More : PM Modi Kalidas Shloka: सही अवसर से निखरती है प्रतिभा, जानें श्लोक का अर्थ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
कॉफी पीने का सही तरीका क्या है? जानिए दिन में कितने कप हैं सुरक्षित दूध से घर पर तैयार करें अलग-अलग तरह के चीज़, अपनाएं ये आसान तरीके क्या आप सही, तरीके से करते हैं चेहरे पर ब्लीच? जानिए आसान टिप्स वडनगर की गलियों से देश की सर्वोच्च सत्ता तक, पीएम मोदी की खास राजनीतिक यात्रा विश्वकर्मा पूजा की तैयारी कर रहे हैं? जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आसान पूजन विधि