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Rahul Gandhi Manusmriti Row: ‘कुछ नहीं आता…’ राहुल के बयान पर BJP का पलटवार, निशिकांत दुबे ने सुनाए श्लोक

Rahul Gandhi Manusmriti Row

Rahul Gandhi Manusmriti Row : लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से महिलाओं की स्वतंत्रता और मनुस्मृति को लेकर दिए गए बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनके ज्ञान और भारतीय धार्मिक ग्रंथों की समझ पर सवाल उठाए। उन्होंने राहुल गांधी को मनुस्मृति पढ़ने, समझने और उसके संदर्भ को जानने की सलाह दी।

निशिकांत दुबे ने एक्स पर किया पलटवार

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने शनिवार, 22 अगस्त 2026 को एक्स पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने अपने संदेश में राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मनुस्मृति को समझने के लिए उसके श्लोकों को पढ़ना और उनका अर्थ जानना जरूरी है। दुबे ने आरोप लगाया कि अंग्रेजी भाषा के प्रभाव के कारण राहुल गांधी को भारत के वेद, पुराण, ग्रंथ, रामायण और महाभारत की पर्याप्त जानकारी नहीं है।

मनुस्मृति के श्लोक का दिया हवाला

निशिकांत दुबे ने अपने पोस्ट में मनुस्मृति के एक प्रसिद्ध श्लोक का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि इसमें कहा गया है, “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता”, यानी जहां महिलाओं का सम्मान और पूजन होता है, वहां देवताओं का वास माना जाता है। इसके साथ उन्होंने अगले श्लोक का भी हवाला दिया, जिसमें महिलाओं का सम्मान नहीं होने पर किए गए कार्यों और शुभ कर्मों के निष्फल होने की बात कही गई है।

राहुल गांधी ने महिलाओं की स्वतंत्रता पर रखी बात

दरअसल, राहुल गांधी ने शनिवार को महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं की स्वतंत्रता और सामाजिक स्थिति पर बात की थी। इस दौरान उन्होंने मनुस्मृति का संदर्भ देते हुए उसमें महिलाओं को लेकर बताए गए विचारों की आलोचना की। राहुल गांधी ने कहा कि मनुस्मृति में महिलाओं को स्वतंत्र नहीं रखने की सोच दिखाई देती है, जबकि उनका मानना है कि महिलाओं को पूरी तरह स्वतंत्र होना चाहिए।

महिलाओं को किसी के अधीन नहीं होना चाहिए

राहुल गांधी ने कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं और युवतियों से कहा कि महिला का अपने पिता, भाई, पति या बेटे के साथ पारिवारिक रिश्ता हो सकता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि वह किसी के अधीन रहे। उन्होंने महिलाओं से अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने और अपनी पहचान बनाने का आह्वान किया। राहुल गांधी ने कहा कि महिला के जीवन की दिशा और उसके भविष्य की डोर उसके अपने हाथों में होनी चाहिए।

पुणे कार्यक्रम में महिलाओं के मुद्दों पर चर्चा

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने महिलाओं से जुड़े कई सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, अधिकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और छात्राओं से सीधे संवाद करना था, जिसमें प्रतिभागियों को अपनी समस्याएं और अनुभव सामने रखने का अवसर मिला।

मनुस्मृति पर राजनीतिक बहस फिर तेज

राहुल गांधी के बयान के बाद मनुस्मृति को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस नेता जहां महिलाओं की समानता और स्वतंत्रता के मुद्दे को प्रमुखता दे रहे हैं, वहीं भाजपा नेता उनके बयान को भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की अधूरी समझ से जोड़कर निशाना साध रहे हैं। निशिकांत दुबे की प्रतिक्रिया इसी राजनीतिक विवाद की अगली कड़ी मानी जा रही है।

बीजेपी-कांग्रेस के बीच बयानबाजी जारी

राहुल गांधी के बयान और भाजपा की प्रतिक्रिया ने महिलाओं की स्वतंत्रता, सामाजिक व्यवस्था और भारतीय ग्रंथों की व्याख्या को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के नेताओं की ओर से और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है। फिलहाल, राहुल गांधी की मनुस्मृति संबंधी टिप्पणी पर भाजपा का हमला राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।

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