Headline
ECI SIR Row : हार की समीक्षा के बजाय EC पर हमला, कांग्रेस पर स्मृति ईरानी ने किया पलटवार
MLC Election
MLC Election: BJP ने यूपी-बिहार के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की, यहां देखें पूरी लिस्ट
Myanmar Airstrike
Myanmar Airstrike: रखाइन के बाजार पर हवाई हमला, शुरुआती रिपोर्ट में 33 मौतें और 36 घायल
Extradition Portal
Extradition Portal : 36 देशों से 288 भगोड़े भारत लौटे, अमित शाह ने लॉन्च किया नया प्रत्यर्पण पोर्टल
Sleep Deprivation
Sleep Deprivation: लगातार कम सोने से दिमाग पर क्या असर पड़ता है? जानें एक्सपर्ट की राय
After Death Rules
After Death Rules: परिवार में मृत्यु के बाद 1 साल तक क्या नहीं करना चाहिए? जानें हिंदू धार्मिक नियम
SIR Controversy
SIR Controversy : वोटर लिस्ट विवाद में नड्डा का बड़ा बयान, विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप, जानिए पूरा मामला
Sixth Generation Fighter Jet
Sixth Generation Fighter Jet: राजनाथ सिंह ने बताया भारत का बड़ा रक्षा लक्ष्य, 6th Gen फाइटर जेट पर काम जारी
PM Modi on Ashok Singhal
PM Modi on Ashok Singhal : अशोक सिंघल को पीएम मोदी ने किया याद, बोले – राम मंदिर आंदोलन को मिली दिशा

ECI SIR Row : हार की समीक्षा के बजाय EC पर हमला, कांग्रेस पर स्मृति ईरानी ने किया पलटवार

ECI SIR Row : चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने प्रतिक्रिया दी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने चुनाव आयोग को भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने वाली संवैधानिक संस्था बताया और कांग्रेस के आरोपों पर सवाल खड़े किए।

भारतीय चुनाव व्यवस्था की वैश्विक स्वीकार्यता का किया जिक्र

स्मृति ईरानी ने कहा कि भारत की चुनावी व्यवस्था की दुनिया के कई देशों ने सराहना की है और इसे सम्मान की नजर से देखा जाता है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि चुनावी राजनीति में अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने के बाद पार्टी अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है।

गैर-BJP राज्यों को लेकर कांग्रेस से पूछा सवाल

बीजेपी नेता ने कांग्रेस से यह भी सवाल किया कि जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार नहीं है, वहां चुनाव आयोग को लेकर पार्टी का रुख क्या है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों का उल्लेख करते हुए पूछा कि क्या कांग्रेस नेतृत्व इन राज्यों में भी चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है।

चुनाव आयोग पर आरोपों का आधार बताने की मांग

स्मृति ईरानी ने कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि उसे किन राज्यों में आपत्ति है और उसके आरोपों का आधार क्या है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर राजनीतिक दलों को तथ्यों और प्रमाणों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।

मतदाता सूची में डुप्लीकेट और मृत नामों पर सवाल

मतदाता सूची में नामों को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों पर भी स्मृति ईरानी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने 13 करोड़ 30 लाख नामों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव आयोग इस विषय पर पहले ही अपना स्पष्टीकरण दे चुका है। उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी मतदाता सूची में मृत व्यक्ति का नाम या डुप्लीकेट नाम दर्ज है, तो ऐसे नामों को हटाने की प्रक्रिया पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए।

SIR प्रक्रिया और BLO सत्यापन का किया उल्लेख

स्मृति ईरानी ने कहा कि चुनाव आयोग के अनुसार SIR प्रक्रिया के तहत जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया है, उनके घर बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO जाएंगे। अधिकारियों द्वारा जरूरी दस्तावेज जुटाए जाएंगे और इसके बाद संबंधित विवरण का सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने इसी प्रक्रिया का हवाला देते हुए कांग्रेस के लगातार सवाल उठाने पर आपत्ति जताई।

EC के स्पष्टीकरण के बाद सवालों पर उठाई आपत्ति

बीजेपी महासचिव ने कहा कि जब चुनाव आयोग पूरी प्रक्रिया को लेकर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट कर चुका है, तो कांग्रेस नेतृत्व बार-बार इसी मुद्दे को क्यों उठा रहा है। उन्होंने कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि मृत या डुप्लीकेट नामों की जांच और कार्रवाई को लेकर आपत्ति जताने का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए।

लाहौर कांग्रेस अधिवेशन के उल्लेख पर भी प्रतिक्रिया

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की ओर से लाहौर कांग्रेस अधिवेशन के उल्लेख पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस अपने इतिहास के पन्ने सामने रख रही है, तो उसे इतिहास के अन्य पहलुओं पर भी चर्चा करनी चाहिए।

ए ओ ह्यूम और कांग्रेस के गठन का ऐतिहासिक संदर्भ

स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के गठन से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए ए.ओ. ह्यूम की भूमिका पर बात की। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक दस्तावेजों में ए.ओ. ह्यूम और तत्कालीन वायसराय के बीच राजनीतिक संगठन के गठन को लेकर हुई चर्चाओं का उल्लेख मिलता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यदि इतिहास का संदर्भ देती है, तो ब्रिटिश शासन के दौर से जुड़े इन ऐतिहासिक पहलुओं को भी सार्वजनिक चर्चा में शामिल करना चाहिए।

Read More  :  MLC Election: BJP ने यूपी-बिहार के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की, यहां देखें पूरी लिस्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
रोज एक आंवला खाने से शरीर में क्या बदलाव आते हैं? ड्राई स्किन के लिए जोजोबा ऑयल क्यों है खास? किसे चाय से रहना चाहिए दूर? कुल्हड़ को दोबारा इस्तेमाल करने की गलती न करें, जानें एक्सपर्ट वाली वजह पहला शो कैसे मिला? मौनी रॉय की कहानी सुनकर रह जाएंगे हैरान