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Iodine Deficiency : आयोडीन की कमी कैसे पूरी करें? डाइट में शामिल करें ये आयोडीन से भरपूर खाद्य पदार्थ

Iodine Deficiency

Iodine Deficiency : आयोडीन शरीर के लिए जरूरी मिनरल्स में शामिल है। इसकी मदद से थायरॉयड ग्लैंड हार्मोन का निर्माण करती है। ये हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म, तापमान, ऊर्जा के स्तर और सामान्य विकास को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बच्चों में दिमाग और शारीरिक विकास के लिए भी पर्याप्त आयोडीन जरूरी माना जाता है। इसकी कमी होने पर कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां सामने आ सकती हैं।

आयोडीन की कमी से हो सकती हैं ये समस्याएं

शरीर में आयोडीन की पर्याप्त मात्रा न होने पर घेंघा यानी थायरॉयड ग्लैंड के बढ़ने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा थायरॉयड से जुड़ी अन्य परेशानियां, थकान और वजन बढ़ने जैसी शिकायतें भी हो सकती हैं। बच्चों में लंबे समय तक आयोडीन की कमी उनके शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित कर सकती है। ग्लेनीगल्स के सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन डॉ. प्रसन्ना कार्तिक एस ने आयोडीन की जरूरत और इसके प्रमुख स्रोतों के बारे में जानकारी दी है।

आयोडीन युक्त नमक हो सकता है आसान विकल्प

आयोडीन की पर्याप्त मात्रा पाने के लिए आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल किया जा सकता है। सामान्य नमक की जगह आयोडीन वाला नमक लेने से रोजाना के भोजन के जरिए आयोडीन की जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि नमक का सेवन बढ़ा दिया जाए। अधिक नमक खाने से हाई ब्लड प्रेशर सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।

नमक को सही तरीके से रखना भी जरूरी

आयोडीन युक्त नमक को नमी, ज्यादा गर्मी और खुले वातावरण से बचाकर रखना चाहिए। इसे अच्छी तरह बंद डिब्बे में रखने से उसमें मौजूद आयोडीन को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिल सकती है। भोजन में नमक की मात्रा हमेशा संतुलित रखना जरूरी है।

दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स से मिल सकता है आयोडीन

दूध, दही और योगर्ट जैसे डेयरी उत्पाद भी आयोडीन के स्रोत हो सकते हैं। हालांकि, इनमें मौजूद आयोडीन की मात्रा अलग-अलग हो सकती है। अंडे, विशेष रूप से अंडे की जर्दी में भी आयोडीन पाया जाता है। इसलिए संतुलित डाइट में इन खाद्य पदार्थों को शामिल करना आयोडीन की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकता है।

मछली और सीफूड भी आयोडीन के स्रोत

मछली और सीफूड में भी आयोडीन की अच्छी मात्रा मिल सकती है। हालांकि, आयोडीन की मात्रा मछली के प्रकार और सेवन की मात्रा पर निर्भर करती है। वहीं बीन्स, अनाज और कुछ सब्जियों में भी अलग-अलग मात्रा में आयोडीन मौजूद हो सकता है। संतुलित भोजन से शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं।

ब्रोकली और पत्तागोभी को लेकर क्या सावधानी?

पत्तागोभी, फूलगोभी और ब्रोकली जैसी क्रूसीफेरस सब्जियों में गोइट्रोजन नामक यौगिक पाए जाते हैं। बहुत अधिक मात्रा में और खास परिस्थितियों में इनका सेवन आयोडीन के उपयोग को प्रभावित कर सकता है। थायरॉयड की बीमारी या आयोडीन की कमी वाले लोगों को अपनी डाइट में इन खाद्य पदार्थों की मात्रा को लेकर डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लेनी चाहिए।

सीवीड में आयोडीन की मात्रा हो सकती है बहुत ज्यादा

सीवीड आयोडीन का बेहद समृद्ध स्रोत है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन शरीर में जरूरत से ज्यादा आयोडीन पहुंचा सकता है। इससे थायरॉयड की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। इसलिए बिना सलाह के सीवीड या आयोडीन सप्लीमेंट का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए।

गर्भावस्था में रखें आयोडीन का खास ध्यान

गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान शरीर की आयोडीन जरूरत बढ़ सकती है। वहीं वीगन डाइट लेने वाले, डेयरी उत्पाद या सीफूड कम खाने वाले लोगों को अपने भोजन में आयोडीन के पर्याप्त स्रोतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। थायरॉयड की बीमारी से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना आयोडीन सप्लीमेंट नहीं लेना चाहिए, क्योंकि आयोडीन की कमी और अधिकता दोनों ही थायरॉयड पर असर डाल सकती हैं।

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