Headline
PM Modi France Visit
PM Modi France Visit : फ्रांस में मैक्रों संग मुलाकात और जी7 समिट, पीएम मोदी के एजेंडे में क्या?
US Iran Conflict
US Iran Conflict : डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों पर भड़का ईरान, अमेरिका पर लगाया भारतीय नाविकों की हत्या का आरोप
FIFA World Cup 2026
FIFA World Cup 2026 : अमेरिका ने पराग्वे को 4-1 से हराकर रचा नया फुटबॉल इतिहास
TMC Internal Conflict
TMC Internal Conflict : टीएमसी की अंदरूनी लड़ाई में नया मोड़, कल्याण बनर्जी के बयान से सब हैरान
Strong Bones Diet
Strong Bones Diet: क्या आपको पता है कैल्शियम का सबसे बड़ा शाकाहारी सोर्स? डॉक्टरों ने किया बड़ा खुलासा
Ramayana Mystery
Ramayana Mystery : महर्षि वाल्मीकि का अद्भुत गणित, रामायण के श्लोकों में कैसे बुना गायत्री मंत्र?
Shatrughan Sinha
Shatrughan Sinha: मेरी नेता केवल ममता बनर्जी, बगावत की खबरें अफवाह
Congress Merger
Congress Merger : ममता-पवार के कांग्रेस में विलय की चर्चा तेज, नाना पटोले और राउत के बयान से सियासत गरमाई
FIFA World Cup 2026
FIFA World Cup 2026 : साउथ कोरिया की दमदार वापसी, चेक रिपब्लिक को 2-1 से हराया

INDIA Alliance : क्या टूट जाएगा विपक्षी गठबंधन? बैठक से ठीक पहले माकपा ने बढ़ाई टेंशन

INDIA Alliance

INDIA Alliance : मुख्य विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की 8 जून को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले विपक्षी एकता के बीच एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। गठबंधन के एक प्रमुख घटक दल, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा है। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की पार्टी माकपा के वरिष्ठ नेता और पोलितब्यूरो सदस्य एमए बेबी ने कांग्रेस नेतृत्व को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस द्वारा वामपंथ पर लगाए गए गंभीर आरोपों पर कांग्रेस के शीर्ष आलाकमान से तत्काल और स्पष्ट जवाब की मांग की है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखा पत्र

इस राजनीतिक तनातनी के बीच माकपा नेता एमए बेबी ने सीधे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक कड़ा और आधिकारिक पत्र भेजा है। माकपा इस मुद्दे को लेकर कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस पत्र की प्रतिलिपियां (कॉपियां) ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल अन्य सभी विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं को भी भेजी गई हैं। माकपा का मानना है कि इस विषय पर पूरे गठबंधन के भीतर खुलकर चर्चा होनी चाहिए ताकि भविष्य में विपक्षी एकता के ताने-बाने को किसी भी तरह के आंतरिक अविश्वास से बचाया जा सके।

चुनावों के दौरान कांग्रेस ने चलाया सुनियोजित अभियान

माकपा नेता एमए बेबी ने हालिया विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए गए आक्रामक चुनावी अभियान पर गहरी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पूरी योजना के साथ एक दुष्प्रचार अभियान चलाया था। इस अभियान के तहत कांग्रेस के मंचों से लगातार यह भ्रामक दावा किया गया कि केरल और अन्य जगहों पर वामपंथ (लेफ्ट) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच एक गुप्त राजनीतिक समझौता या सांठगांठ हुई है। माकपा ने कहा कि इस तरह के बेबुनियाद आरोप ‘इंडिया’ गठबंधन की मूल आत्मा और एकजुटता की भावना के पूरी तरह विपरीत हैं।

राहुल, प्रियंका और खरगे के बयानों पर नाराजगी

गठबंधन के सूत्रों के अनुसार, माकपा ने अपने पत्र में तर्क दिया है कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाश्रा और खुद मल्लिकार्जुन खरगे जैसे कांग्रेस के सर्वोच्च और जिम्मेदार नेताओं द्वारा सार्वजनिक मंचों से बार-बार वामदलों पर भाजपा से मिलीभगत के जो आरोप लगाए गए, उन्हें केवल सामान्य चुनावी बयानबाजी मानकर खारिज नहीं किया जा सकता। माकपा का कहना है कि यह देश में सत्तारूढ़ भाजपा का मुकाबला करने के लिए बनाए गए मुख्य विपक्षी गठबंधन की बुनियाद पर ही प्रहार करने जैसा है, जिससे जनता के बीच गलत संदेश जाता है।

विपक्षी एकजुटता पर पड़ेगा गहरा असर

कांग्रेस के इन आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वामपंथी नेता ने साफ कहा कि लोकतंत्र और चुनावों के नाम पर भाजपा और वामपंथ के बीच अपवित्र गठबंधन के आरोपों को कोई भी दल हल्के में नहीं ले सकता। उन्होंने कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर जहां सभी दल एकजुट होने का नाटक कर रहे हैं, वहीं राज्यों में इस तरह के गंभीर आरोप लगाने से विपक्षी एकजुटता के भविष्य पर बेहद नकारात्मक और गहरा प्रभाव पड़ सकता है। इससे दलों के बीच आपसी विश्वास पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

8 जून की बैठक से पहले स्पष्टीकरण की मांग

पत्र के अंत में माकपा नेता एमए बेबी ने कांग्रेस आलाकमान के सामने अपनी मांग को बेहद कड़े शब्दों में दोहराया है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि 8 जून को आयोजित होने वाली ‘इंडिया’ गठबंधन की उच्च स्तरीय बैठक की शुरुआत होने से पहले ही कांग्रेस नेतृत्व को माकपा पर लगाए गए इन सभी आरोपों पर अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए। माकपा ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक कांग्रेस इन आरोपों पर देश के सामने लिखित या मौखिक स्पष्टीकरण नहीं देती, तब तक ‘इंडिया’ गठबंधन का वास्तविक उद्देश्य और इसकी विश्वसनीयता हमेशा बड़े सवालों के घेरे में बनी रहेगी।

Read More : LPG Price Hike: घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी, आम जनता पर बढ़ा बोझ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
कामाख्या मंदिर दर्शन के लिए बेहतरीन बजट ऑफर ढाबे जैसा पनीर पराठा घर पर कैसे बनाएं राजस्थान में आज भी राबड़ी है पहली पसंद गर्मी में Hot Coffee से मिलती है ठंडक? स्किन ऑयली है?