Bihar VIP Security Review : बिहार की राजनीति में इन दिनों एक नया ‘सुरक्षा वॉर’ छिड़ गया है, जिसने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट को चरम पर पहुंचा दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव द्वारा अपनी जेड-प्लस (Z+) सुरक्षा लौटाए जाने के बाद, अब उनके बेटे और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार के रवैये के विरोध में अपनी वाई-प्लस (Y+) श्रेणी की सुरक्षा को पूरी तरह से वापस कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने पटना के 1 पोलो रोड स्थित अपने सरकारी आवास पर तैनात सभी सुरक्षा गार्डों को तत्काल प्रभाव से हटाकर वापस भेज दिया है।
10 सर्कुलर रोड पर पसरा सन्नाटा
बिहार सरकार द्वारा लालू-राबड़ी की सुरक्षा में की गई इस भारी कटौती ने राज्य के सियासी पारे को अचानक बढ़ा दिया है। एक तरफ जहां राजद प्रमुख का परिवार पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित अपने सरकारी आवास को खाली नहीं करने के फैसले पर अड़ा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ शनिवार की सुबह इस बंगले के बाहर एक बेहद हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला। शनिवार सुबह से ही 10 सर्कुलर रोड आवास के बाहर तैनात रहने वाले सभी सरकारी सुरक्षाकर्मी नदारद दिखे। बंगले के मुख्य द्वार पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ था, क्योंकि लालू परिवार ने खुद ही सभी जवानों को बैरक में वापस लौटने का आदेश दे दिया था।
राजद का नीतीश सरकार पर हमला
लालू परिवार के इस कड़े कदम को आरजेडी ने सरकार की तानाशाही के खिलाफ एक साहसिक फैसला करार दिया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को जो भी सरकारी सुरक्षा मिली थी, उसे उन्होंने पूरी गरिमा के साथ वापस कर दिया है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि शुक्रवार को राज्य सरकार ने अपने ‘राजनीतिक आकाओं’ के इशारे पर इस लोकप्रिय नेता के परिवार की सुरक्षा में घोर कटौती की थी। शक्ति सिंह ने कहा कि मौजूदा शासन इस ऐतिहासिक राजनीतिक परिवार को नीचा दिखाना और अपमानित करना चाहता है, लेकिन लोकतंत्र में जनता ही असली मालिक है और जनता की अदालत में इसका फैसला होगा।
विपक्ष को खत्म करने की कोशिश
राजद प्रवक्ता ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्ता पक्ष किसी भी तरह विपक्ष की आवाज को दबाना और उसे समाप्त करना चाहता है। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कभी सरकारी मकान खाली करने का नोटिस भेजकर, तो कभी अचानक सुरक्षा में कटौती करके लालू परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की साजिश रची जा रही है। यह स्वस्थ राजनीति नहीं, बल्कि द्वेष भावना से की जा रही कार्रवाई है। शक्ति सिंह यादव ने अंदेशा जताया कि सरकार के इस बदले की राजनीति के विरोध में अब राष्ट्रीय जनता दल के सभी विधायक, सांसद और बड़े नेता अपनी सरकारी सुरक्षा वापस कर सकते हैं। उन्होंने साफ किया कि अब विपक्ष के नेता सरकारी पहरे के बजाय पूरी तरह जनता के भरोसे अपनी राजनीति चलाएंगे।
राज्य सुरक्षा समिति के फैसले से बदला समीकरण
गौरतलब है कि शुक्रवार को बिहार सरकार के गृह विभाग ने राज्य सुरक्षा समिति की उच्च स्तरीय बैठक के बाद वीआईपी सुरक्षा में बड़े बदलाव का आदेश जारी किया था। इसके तहत लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को सालों से मिल रही जेड-प्लस (Z+) श्रेणी की विशिष्ट सुरक्षा को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया था। इसके स्थान पर उन्हें विशेष सुरक्षा दल (SSG) की नई व्यवस्था दी गई थी, जिसमें बीसैप के जवान, सादे लिबास में महिला अंगरक्षक और पायलट-एस्कॉर्ट गाड़ियां शामिल थीं। लेकिन सरकार के इस वर्गीकरण को अपने नेता का अपमान मानते हुए लालू परिवार ने नई सुरक्षा व्यवस्था को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया और इस फैसले ने बिहार की राजनीति में एक नया भूचाल ला दिया है।
