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West Bengal News: ‘बंगाल में कश्मीर जैसी हरकतें बर्दाश्त नहीं…’, सीएम शुभेंदु अधिकारी क्यों हुए आगबबूला?

West Bengal News

West Bengal News: पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की कमान संभालते ही कानून-व्यवस्था को लेकर अपने कड़े तेवर साफ कर दिए हैं। हाल ही में राज्य के कुछ हिस्सों में भड़की हिंसा और उपद्रव की घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने उपद्रवियों को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी जारी की है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि जो लोग सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर पत्थर बरसाते हैं और देश की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, उनकी ऐसी हरकतों को अब पश्चिम बंगाल में बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य में पूरी तरह ‘जीरो टॉलरेंस’ यानी शून्य सहनशीलता की नीति का डंके की चोट पर ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में ऐसी हिंसक घटनाएं दोबारा दोहराई गईं, तो सूबे के गृह मंत्री के रूप में उनसे ज्यादा बुरा और सख्त इंसान दूसरा कोई नहीं होगा।

कोलकाता के पार्क सर्कस-तिलजाला में बुलडोजर कार्रवाई के बाद भड़की थी हिंसा

जम्मू-कश्मीर का विशेष तौर पर उदाहरण देते हुए, जहां कभी आम रही पत्थरबाजी की घटनाएं अब पूरी तरह से थम चुकी हैं, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की पावन धरती पर ‘कश्मीर वाली पुरानी हिंसक संस्कृति’ को पनपने नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री की यह कड़ी चेतावनी उस वक्त आई है जब कोलकाता के मुस्लिम बहुल पार्क सर्कस-तिलजाला इलाके में प्रशासन द्वारा अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए गए बुलडोजर अभियान का हिंसक विरोध किया गया। इस अवैध अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के विरोध में अचानक भीड़ उग्र हो गई और देखते ही देखते पूरे इलाके में भयानक हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए, जिसे काबू करने के लिए पुलिस और केंद्रीय बलों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

घायल जवानों से मिले मुख्यमंत्री, कहा- अब तक 40 उपद्रवी गिरफ्तार

रविवार को पार्क सर्कस इलाके में हुई इस भीषण हिंसा के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी स्वयं मैदान में उतरे। उन्होंने सीधे डिप्टी कमिश्नर पुलिस के दफ्तर का दौरा किया और हिंसा में घायल हुए जांबाज सुरक्षाकर्मियों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। घायल जवानों से मिलने के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए सीएम ने साफ किया कि इस हिंसा में कुल 6 पुलिसकर्मी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 2 जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कानून-व्यवस्था पर अपनी सरकार का कड़ा रुख जाहिर करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक इस मामले में 40 दंगाइयों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कोलकाता पुलिस कमिश्नर की सीधी निगरानी में आगे की कड़क जांच चल रही है।

गुंडागर्दी और राष्ट्रविरोधी ताकतों को कुचलने का दिया स्पष्ट संदेश

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया के माध्यम से उपद्रवियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा, “मैं आज बहुत स्पष्ट शब्दों में यह संदेश दे रहा हूं कि पश्चिम बंगाल में इस तरह की अशांति, सरेआम गुंडागर्दी, राष्ट्रविरोधी और समाज विरोधी हरकतों के लिए कोई जगह नहीं है। हमारी सरकार ऐसी देशविरोधी चीजों को राज्य में जारी रखने की इजाजत कतई नहीं देगी।” इसके साथ ही उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संयम बरतने के लिए पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि उपद्रवी भीड़ द्वारा लगातार उकसाए जाने के बावजूद हमारे जवानों ने बेहद सूझबूझ और धैर्य से काम लिया, जिससे एक बहुत बड़ी संभावित त्रासदी टल गई।

पिछली टीएमसी सरकार पर साधा निशाना, कहा- वातानुकूलित कमरों वाले दिन गए

इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कामकाज के तौर-तरीकों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने अपनी सरकार और पिछली सरकार के बीच का अंतर समझाते हुए कहा कि अब वह दौर पूरी तरह बीत चुका है जब सूबे के पुलिस मंत्री ठंडे वातानुकूलित (AC) कमरों में आराम से बैठे रहते थे और मैदान पर तैनात पुलिसकर्मी दंगाइयों के हाथों लहूलुहान होते रहते थे। उन्होंने बल देकर कहा, “पहले की सरकारों में पुलिस बल पर तमाम तरह के राजनीतिक प्रतिबंध थे, जिसके कारण वे खुलकर कार्रवाई नहीं कर पाते थे। लेकिन कोई भी अपराधी यह न सोचे कि पुराने नियम आज भी चल रहे हैं। अगर किसी को गलतफहमी है कि पुलिस के हाथ-पैर बंधे रहेंगे, तो वह अपनी भूल सुधार ले।”

भारतीय न्याय संहिता के तहत निडर होकर काम करे पुलिस बल

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बल के अधिकारियों और जवानों में जोश भरते हुए कहा कि वे नए कानूनों यानी भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत बिना किसी राजनीतिक दबाव या डर के पूरी तरह स्वतंत्र होकर काम करें। उन्होंने जवानों को आश्वस्त करते हुए कहा, “मैंने खुद सभी पुलिसकर्मियों से कहा है कि उनका मुख्यमंत्री और देश का गृह मंत्री हर परिस्थिति में उनके साथ चट्टान की तरह खड़ा है। पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में पूरा महकमा आपके पीछे है, इसलिए बिना डरे अपराधियों पर कानूनी हंटर चलाएं।”

धार्मिक नारों की आड़ में हिंसा और पत्थरबाजी बर्दाश्त नहीं

प्रदर्शनों के दौरान हुए पथराव का कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की सबको आजादी है। कोई भी राजनीतिक दल या धार्मिक संगठन पुलिस को पहले से सूचित कर अपनी मांगें रख सकता है, उनकी चिंताओं को सुना जाएगा। लेकिन, अगर कोई यह सोचता है कि वह धार्मिक नारों की आड़ लेकर अचानक पुलिस पर पत्थर बरसाना शुरू कर देगा, तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अंत में दोहराया कि जब अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर सुधर सकता है, तो अब कोलकाता और पूरे पश्चिम बंगाल से भी पत्थरबाजी की इस घटिया संस्कृति को हमेशा के लिए उखाड़ फेंकने का सही समय आ गया है।

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