INR vs USD : भारतीय मुद्रा बाजार से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अपने सर्वकालिक रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसल गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा लगातार पूंजी बाहर निकाले जाने और वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती ने रुपए पर चौतरफा दबाव बना दिया है। वर्ष 2026 में रुपया पूरे एशिया महाद्वीप में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी बन गया है। इस ताजा गिरावट के बाद रुपया कारोबार के दौरान 96.60 के ऐतिहासिक इंट्राडे निचले स्तर तक गोता लगा गया। आंकड़ों के मुताबिक, केवल इस महीने में भारतीय करेंसी में 1.5 प्रतिशत और पूरे साल के दौरान 7 फीसदी से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की जा चुकी है।
कारोबार के दौरान 32 पैसे लुढ़का रुपया, 96.52 पर हुआ बंद
इंटरबैंक फॉरेन करेंसी मार्केट (अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार) में मंगलवार को रुपए की शुरुआत ही बेहद कमजोर रही। डॉलर के मुकाबले रुपया 96.38 के स्तर पर खुला था, लेकिन बाजार के नकारात्मक रुख के कारण यह और नीचे गिरकर 96.60 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, सत्र के अंत में मामूली सुधार के साथ रुपया 96.52 (अस्थायी) के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले 32 पैसे की बड़ी गिरावट को दर्शाता है। इससे पहले सोमवार को भी रुपया 96.20 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और मजबूत डॉलर के चलते रुपए में आगे भी नकारात्मक रुझान बना रह सकता है, जिसे रोकने के लिए केवल आरबीआई (RBI) का हस्तक्षेप ही सहारा दे सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल: मजबूत होता डॉलर और कच्चे तेल का दबाव
वैश्विक मोर्चे पर छह प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को मापने वाला ‘डॉलर इंडेक्स’ 99.24 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जिसमें ईरान संकट के चलते 0.05 प्रतिशत की तेजी देखी गई। वहीं दूसरी ओर, वैश्विक तेल बेंचमार्क माना जाने वाला ‘ब्रेंट क्रूड’ फ्यूचर्स ट्रेड में 1.92 प्रतिशत की गिरावट के साथ 109.95 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की यह ऊंची कीमत भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए बड़ा सिरदर्द बनी हुई है। घरेलू शेयर बाजार की बात करें तो शेयर बाजार में भी गिरावट का रुख रहा, जहां सेंसेक्स 114.19 अंक गिरकर 75,200.85 पर और निफ्टी 31.95 अंक की कमजोरी के साथ 23,618 के स्तर पर बंद हुआ।
भू-राजनीतिक मोर्चे पर बड़ी हलचल: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर रोके हमले
मुद्रा बाजार के ट्रेडर्स वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी पैनी नजर बनाए हुए हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े बयान ने दुनिया का ध्यान खींचा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने खुलासा किया है कि उन्होंने कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे खाड़ी देशों के विशेष अनुरोध पर ईरान के खिलाफ होने वाले नए सैन्य हमलों को फिलहाल टाल दिया है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि इस समय तेहरान (ईरान) के साथ बेहद गंभीर और रणनीतिक बातचीत चल रही है, जिससे एक ऐसी स्वीकार्य डील होने की पूरी संभावना है जो दोनों पक्षों के हित में हो।
खाड़ी देशों की मध्यस्थता से बातचीत की उम्मीद, टला बड़ा संकट
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कूटनीतिक घटनाक्रम की जानकारी साझा करते हुए बताया कि सऊदी अरब, कतर और यूएई ने अमेरिकी प्रशासन से संपर्क किया था। इन देशों ने अमेरिका से पूछा था कि क्या वे ईरान पर होने वाली सैन्य कार्रवाई को अगले दो या तीन दिनों के लिए टाल सकते हैं, क्योंकि खाड़ी देशों को ऐसा लगता है कि वे ईरान के साथ एक शांतिपूर्ण और टिकाऊ समझौता करने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। इस भू-राजनीतिक नरमी से वैश्विक तेल बाजार को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे आने वाले दिनों में भारतीय रुपए की स्थिति में भी सुधार देखा जा सकता है।
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