Canada Hospital Ants Attack : कनाडा के मैनिटोबा प्रांत से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां कार्मन मेमोरियल अस्पताल इन दिनों एक विचित्र और बेहद गंभीर संकट से जूझ रहा है। अस्पताल के सबसे संवेदनशील हिस्से, यानी ऑपरेशन थिएटर (OT), गलियारों और दरवाजों के नीचे अचानक चींटियों का भारी जमावड़ा देखा गया है। स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण के कड़े मानकों को देखते हुए, अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की सुरक्षा के मद्देनजर एक बड़ा फैसला लिया है। संक्रमण के डर से कई महत्वपूर्ण सर्जरी को तत्काल प्रभाव से अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है। इस घटना ने न केवल चिकित्सा जगत को चौंका दिया है, बल्कि अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच भारी चिंता पैदा कर दी है।
16 महत्वपूर्ण सर्जरी रद्द: मरीजों की सुरक्षा के लिए कठोर कदम
अस्पताल का प्रबंधन संभालने वाली संस्था ‘दक्षिणी स्वास्थ्य-सैंटे सुड’ ने आधिकारिक पुष्टि की है कि चींटियों के इस आक्रमण के कारण अब तक कम से कम 16 निर्धारित सर्जरी को रद्द करना पड़ा है। इनमें हर्निया और गॉलब्लैडर (पित्त की थैली) निकालने जैसे आवश्यक ऑपरेशन शामिल थे। स्वास्थ्य अधिकारियों का तर्क है कि ऑपरेशन थिएटर एक ऐसी जगह है जहां ‘जीरो इन्फेक्शन’ की नीति अपनाई जाती है। वहां किसी भी प्रकार के कीट या बाहरी गंदगी की मौजूदगी मरीजों की जान जोखिम में डाल सकती है। यही कारण है कि प्रशासन ने किसी भी प्रकार का समझौता न करते हुए ऑपरेशंस को रोकने का कठोर लेकिन जरूरी निर्णय लिया है।
आपातकालीन सेवाएं जारी: गंभीर मरीजों को किया जा रहा शिफ्ट
भले ही निर्धारित सर्जरी रोक दी गई हों, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन (इमरजेंसी) सेवाएं पूरी तरह से संचालित हो रही हैं। जिन मरीजों की स्थिति नाजुक है और जिन्हें तुरंत ऑपरेशन की आवश्यकता है, उन्हें सुरक्षा के लिहाज से पास के अन्य सुरक्षित अस्पतालों में स्थानांतरित किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन उन सभी प्रभावित मरीजों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर रहा है जिनकी सर्जरी रद्द हुई है। उन्हें नई तारीखों के साथ-साथ वैकल्पिक चिकित्सा व्यवस्थाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जा रही है ताकि उन्हें कम से कम असुविधा हो।
पुराना है चींटियों का नाता: बार-बार लौट रही है समस्या
दिलचस्प और चिंताजनक बात यह है कि कार्मन मेमोरियल अस्पताल के लिए यह समस्या नई नहीं है। इससे पहले अगस्त 2024 में भी इसी तरह चींटियों ने अस्पताल परिसर पर धावा बोला था। उस समय कीटनाशकों के प्रयोग से स्थिति पर काबू पा लिया गया था, लेकिन पिछले साल की गर्मियों में ये कीट एक बार फिर दिखाई देने लगे। कई बार पेस्ट कंट्रोल और कीटनाशक उपायों को अपनाने के बावजूद, इस साल इस मौसम में चींटियां फिर से लौट आई हैं। यह इस बात का संकेत है कि समस्या की जड़ें काफी गहरी हैं और केवल सतही सफाई से काम नहीं चलने वाला है।
खाने और ग्लूकोज की तलाश: अस्पताल की संरचना बनी बाधा
विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल की इमारत के नीचे या उसके आसपास चींटियों की एक विशाल कॉलोनी विकसित हो गई है। ये चींटियां मुख्य रूप से भोजन की तलाश में अंदर प्रवेश कर रही हैं। अस्पताल के स्टाफ रूम में रखा भोजन और मरीजों को दी जाने वाली ग्लूकोज जैसी मीठी दवाएं इन्हें तेजी से अपनी ओर खींचती हैं। स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, चींटियां दीवारों की दरारों और दरवाजों के निचले हिस्सों से ओटी में घुस रही हैं। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए अब नालियों की गहन सफाई, दीवारों को खोलकर जांच करना और अत्याधुनिक चिपचिपे जाल लगाने जैसे उपाय किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय: जड़ से खत्म करना एक बड़ी चुनौती
कीट विज्ञान के सेवानिवृत्त प्रोफेसर रॉब हिगिंस ने इस समस्या पर चिंता जताते हुए कहा है कि ऐसी चींटियों को पूरी तरह समाप्त करना एक बेहद जटिल कार्य है। ये छोटी चींटियां इमारत की नींव, पाइपलाइनों और संकरी दरारों के माध्यम से कहीं भी पहुंच सकती हैं। स्वास्थ्य मंत्री उजोमा असागवारा ने जनता को आश्वस्त किया है कि सरकार और विशेषज्ञ मिलकर इस पर काम कर रहे हैं। वर्तमान में कोशिश केवल इन चींटियों को हटाने की नहीं, बल्कि एक ऐसा दीर्घकालिक (Long-term) समाधान निकालने की है जिससे भविष्य में ऑपरेशन थिएटर जैसी संवेदनशील जगहों पर इस तरह का संकट दोबारा पैदा न हो।
