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Women Reservation Bill : पीएम मोदी की विपक्ष को दो टूक, ‘महिला आरक्षण पर साथ आएं या नुकसान झेलें’

Women Reservation Bill

Women Reservation Bill  : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन विधेयक’ पर चर्चा के दौरान अपने संबोधन में महिला आरक्षण के सफर को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के राजनीतिक इतिहास में जब-जब महिला आरक्षण की चर्चा हुई, तब-तब जिसने भी इस अधिकार का विरोध किया, देश की महिलाओं ने उन्हें कभी माफ नहीं किया। पीएम ने कहा कि पिछले चुनावों में विरोध करने वालों का हाल बेहद बुरा रहा है। हालांकि, उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि 2024 के इस दौर में यह बिल सर्वसम्मति से आगे बढ़ रहा है, क्योंकि अब राजनीतिक दलों को समझ आ गया है कि नारी शक्ति की उपेक्षा करना संभव नहीं है।

Women Reservation Bill  : विकसित भारत के संकल्प में 50 फीसदी आबादी की भागीदारी

पीएम मोदी ने विकसित भारत के अपने विजन को साझा करते हुए कहा कि विकास का अर्थ केवल आधुनिक रेलवे, सड़कें या आर्थिक विकास के आंकड़े नहीं हैं। उनके अनुसार, वास्तविक विकास तब है जब देश की नीति निर्धारण प्रक्रिया में समाज के हर वर्ग का साथ हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की 50 प्रतिशत जनसंख्या, यानी हमारी नारी शक्ति, जब तक निर्णय लेने वाली संस्थाओं का हिस्सा नहीं बनेगी, तब तक ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र पूर्ण नहीं होगा। 21वीं सदी का नया भारत आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और महिलाएं इस आत्मविश्वास का मुख्य आधार हैं।

Women Reservation Bill  : पिछड़े समाज से शीर्ष पद तक: संविधान की शक्ति का आभार

सदन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री भावुक भी हुए। उन्होंने कहा, “मैं एक अति पिछड़े समाज से आता हूँ। यह भारत के महान संविधान की ही ताकत है कि मेरे जैसे पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को देश ने इतना बड़ा दायित्व सौंपा है।” उन्होंने स्वयं को संविधान निर्माताओं और देश की जनता का ऋणी बताया। पीएम ने कहा कि जिस तरह संविधान ने उन्हें अवसर दिया, अब समय आ गया है कि वही संविधान देश की करोड़ों बेटियों को उनके राजनीतिक हक की गारंटी दे।

राजनीति के तराजू से ऊपर उठकर राष्ट्रहित का निर्णय

प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों से अपील की कि वे इस विधेयक को राजनीति के तराजू से न तौलें। उन्होंने कहा कि हमारी बेटियां हर क्षेत्र में कमाल कर रही हैं, ऐसे में उनकी हिस्सेदारी रोकना राष्ट्र की प्रगति को रोकने जैसा है। पीएम ने स्पष्ट किया कि सरकार महिलाओं को कोई ‘दान’ नहीं दे रही है, बल्कि उन्हें वह हक दे रही है जो कई दशकों से उनसे छीनकर रखा गया था। उन्होंने इसे दशकों की गलतियों का ‘प्रायश्चित’ करने का एक अवसर बताया।

श्रेय की राजनीति पर कटाक्ष: “क्रेडिट का ब्लैंक चेक देने को तैयार”

क्रेडिट लेने की होड़ पर तीखा प्रहार करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें इस बिल का कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक श्रेय नहीं चाहिए। उन्होंने विपक्ष को संबोधित करते हुए कहा, “मैं आपको क्रेडिट का ब्लैंक चेक देने के लिए तैयार हूँ। आप अपनी फोटो छपवा लीजिए, हम सरकारी खर्चे पर आपकी वाहवाही करवा देंगे, बस इस ऐतिहासिक कार्य में रोड़े मत अटकाइए।” उन्होंने कहा कि बिल में राज्यों के साथ कोई भेदभाव नहीं है और यह सामूहिक शक्ति का परिणाम होना चाहिए।

काला टीका और नजर लगने का रोचक संदर्भ

भाषण के अंत में पीएम मोदी ने चुटीले अंदाज में विपक्ष के विरोध पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब घर में कोई शुभ कार्य होता है, तो नजर न लगे इसके लिए ‘काला टीका’ लगाया जाता है। विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों और विरोध को उन्होंने इस शुभ अवसर पर ‘काले टीके’ के समान बताया और इसके लिए व्यंग्यात्मक रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने सभी सांसदों से आग्रह किया कि वे पुरानी मर्यादाओं और मतभेदों को पीछे छोड़कर सर्वसम्मति से इस बिल को पारित करें ताकि नारी शक्ति राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका सुनिश्चित कर सके।

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