Delhi Dehradun Expressway : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026, मंगलवार को राष्ट्र को एक बड़ी सौगात देते हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का भव्य उद्घाटन किया। लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार यह छह लेन वाला कॉरिडोर 213 किलोमीटर लंबा है। इस आधुनिक एक्सप्रेसवे के चालू होने से देश की राजधानी दिल्ली और उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के बीच की दूरी सिमट जाएगी और यात्री अब केवल ढाई घंटे में अपना सफर तय कर सकेंगे। उद्घाटन समारोह से पहले पीएम मोदी ने देहरादून की सड़कों पर एक विशाल रोड शो किया, जहाँ स्थानीय जनता का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला।
Delhi Dehradun Expressway : रोड शो में उमड़ा जनसैलाब और पीएम की विनम्रता
देहरादून में आयोजित रोड शो के दौरान प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए सड़कों के दोनों ओर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। फूलों की वर्षा और नारों के बीच पीएम मोदी का काफिला धीरे-धीरे आगे बढ़ा। इस दौरान सुरक्षा घेरे के बावजूद लोगों का उत्साह इतना अधिक था कि 12 किलोमीटर के इस सफर को तय करने में उम्मीद से कहीं अधिक समय लग गया। जनता के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए पीएम मोदी ने कार्यक्रम में देरी होने पर खुले मन से माफी मांगी।
पीएम मोदी ने देरी के लिए क्यों मांगी जनता से माफी?
मंच पर पहुँचते ही प्रधानमंत्री ने सबसे पहले सभा में उपस्थित लोगों और उत्तर प्रदेश व दिल्ली से वर्चुअली जुड़े दर्शकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “मैं आप सभी से क्षमा चाहता हूँ। मुझे यहाँ पहुँचने में एक घंटे से अधिक की देरी हो गई, जिसके कारण आप लोगों को काफी इंतजार करना पड़ा।” देरी का कारण बताते हुए उन्होंने साझा किया कि वे समय पर ही निकले थे, लेकिन रोड शो के दौरान लोगों का प्यार और उत्साह इतना अधिक था कि तेज गति से गाड़ी चलाना संभव नहीं था। उन्होंने इसे जनता का आशीर्वाद बताते हुए देरी के लिए खेद व्यक्त किया।
उत्तराखंड के विकास में एक स्वर्णिम अध्याय
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को उत्तराखंड की प्रगति के लिए एक मील का पत्थर बताते हुए पीएम मोदी ने राज्य के उज्ज्वल भविष्य पर जोर दिया। उन्होंने याद दिलाया कि उत्तराखंड अब अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर 26वें वर्ष में कदम रख चुका है। पीएम ने बाबा केदारनाथ की अपनी पुरानी भविष्यवाणी को दोहराते हुए कहा कि इस शताब्दी का तीसरा दशक निश्चित रूप से उत्तराखंड का होगा। उन्होंने राज्य के ‘युवा स्वरूप’ की सराहना की और इसे विकास के नए आयामों से जोड़ने का संकल्प दोहराया।
डबल इंजन सरकार की नीतियों का परिणाम
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ‘डबल इंजन’ सरकार (केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार) के फायदों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की ठोस नीतियों और उत्तराखंड की जनता के कठिन परिश्रम का ही नतीजा है कि आज राज्य में इतने बड़े बुनियादी ढांचे का निर्माण संभव हो पाया है। उनके अनुसार, यह एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि यह इस युवा राज्य की प्रगति को एक नई और तीव्र गति प्रदान करने वाला इंजन है।
आर्थिक गलियारे से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर
पीएम मोदी ने इस परियोजना को केवल यातायात सुगम बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि एक इकोनॉमिक कॉरिडोर (आर्थिक गलियारा) करार दिया। उनके अनुसार, यह गलियारा प्रगति के नए द्वार खोलने वाला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी सड़कें अपने साथ व्यापार और कारोबार के अनगिनत अवसर लेकर आती हैं।
व्यापार और रोजगार के नए अवसरों का सृजन
प्रधानमंत्री ने विस्तार से समझाया कि यह इकोनॉमिक कॉरिडोर किस तरह क्षेत्र का कायाकल्प करेगा। उन्होंने कहा कि सड़क के किनारे नए गोदामों, लॉजिस्टिक पार्कों और फैक्ट्रियों के लिए एक मजबूत आधार तैयार होगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों में भारी उछाल आएगा, जो अंततः क्षेत्रीय और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।
