Khamenei Wife Death: ईरान से एक बेहद विचलित करने वाली खबर सामने आ रही है। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की पत्नी मंसूरेह खोजस्तेह बाघेरजादेह का इलाज के दौरान निधन हो गया है। ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दो दिन पहले अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए भीषण हवाई हमलों में मंसूरेह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। 1964 में खामेनेई के साथ वैवाहिक सूत्र में बंधने वाली मंसूरेह हमेशा से ही सार्वजनिक चकाचौंध से दूर रहती थीं। वे किसी भी सरकारी कार्यक्रम या राजनीतिक मंच पर बहुत कम दिखाई देती थीं, लेकिन पर्दे के पीछे उनका प्रभाव गहरा माना जाता था। उनकी मृत्यु के साथ ही खामेनेई युग के एक और अध्याय का अंत हो गया है।
Khamenei Wife Death: खामेनेई के कंपाउंड पर 30 मिसाइलों का प्रहार: 40 कमांडर्स की मौत
ईरान के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले सुप्रीम लीडर के कंपाउंड को निशाना बनाकर अमेरिका और इजराइल ने 30 मिसाइलों से हमला किया। इस भीषण बमबारी में न केवल अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हुई, बल्कि उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए। रिपोर्टों के अनुसार, हमलों में खामेनेई की बेटी, दामाद, बहू और पोती समेत कुल 40 वरिष्ठ कमांडर्स की जान चली गई है। ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता की मृत्यु पर 40 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च राजनीतिक और धार्मिक पद पर आसीन थे और उनके निधन से देश में नेतृत्व का बड़ा शून्य पैदा हो गया है।
Khamenei Wife Death: मंसूरेह का पारिवारिक इतिहास और रसूखदार पृष्ठभूमि
मंसूरेह खोजस्तेह एक बेहद प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखती थीं। उनके पिता, मोहम्मद इस्माइल खोजस्तेह बाघेरजादेह, मशहद के एक जाने-माने और सफल व्यवसायी थे। मंसूरेह के भाई हसन ने भी ईरान के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है; वे ईरान के सरकारी टीवी और रेडियो नेटवर्क (IRIB) के डिप्टी डायरेक्टर के पद पर रह चुके हैं। इस पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद मंसूरेह ने हमेशा सादगी को प्राथमिकता दी और एक पारंपरिक जीवनशैली अपनाई।
खामेनेई की छह संतानें: धर्म और राजनीति के बीच परिवार
अयातुल्ला अली खामेनेई और मंसूरेह के कुल छह बच्चे थे, जिनमें चार बेटे (मोस्तफा, मोजतबा, मसूद और मेयसाम) और दो बेटियां (बोशरा और होदा) शामिल हैं। उनके सबसे बड़े बेटे मोस्तफा एक सम्मानित धर्मगुरु हैं और उन्होंने ईरान-इराक युद्ध में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था। दूसरे बेटे मसूद ने प्रसिद्ध ईरानी नेता मोहसिन खराजी की बेटी से शादी की थी। हालांकि मसूद किसी आधिकारिक पद पर नहीं थे, लेकिन परिवार के भीतर उनका महत्व काफी अधिक था। खामेनेई के कई पोते-पोतियां हैं, जिनमें से केवल मोहम्मद बाघेर खामेनेई का नाम ही सार्वजनिक रूप से सामने आ पाया है।
खामेनेई के भाई-बहन और विदेशों में फैला कुनबा
खामेनेई के परिवार का विस्तार ईरान के बाहर भी था। उनके तीन भाई थे, जिनमें मोहम्मद और हादी खामेनेई प्रमुख हैं। उनकी चार बहनों में से एक, बदरी खामेनेई, 1980 के दशक में वैचारिक मतभेदों के कारण ईरान छोड़कर विदेश चली गई थीं। खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खामेनेई के कुछ भतीजे और पोते पेरिस सहित अन्य यूरोपीय शहरों में निवास करते हैं। जहाँ खामेनेई के बेटे-बेटियां ईरान में ही रहकर सत्ता और धर्म के करीब रहे, वहीं परिवार के कुछ सदस्यों ने निर्वासन का रास्ता चुना था। अब इस भीषण हमले के बाद खामेनेई वंश की अगली पीढ़ी और ईरान के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।
