Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शनिवार की दोपहर वेटलापलेम गांव में स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई (फायरक्रैकर यूनिट) में अचानक एक भीषण विस्फोट हो गया। यह धमाका इतना शक्तिशाली था कि पल भर में पूरी फैक्ट्री मलबे के ढेर में तब्दील हो गई और वहां काम कर रहे दर्जनों लोग इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 8 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इस घटना ने न केवल वेटलापलेम गांव, बल्कि पूरे राज्य को शोक की लहर में डुबो दिया है।
Andhra Pradesh: 5 किलोमीटर तक सुनी गई गूंज: चश्मदीदों ने बयां किया मंजर
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, दोपहर करीब 2 बजे एक जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज घटनास्थल से लगभग 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के घरों की खिड़कियां तक चटक गईं। जैसे ही विस्फोट हुआ, गांव के लोग बदहवास होकर घटनास्थल की ओर दौड़े। वहां का नजारा किसी डरावने सपने जैसा था; चारों तरफ काला धुआं और आग की लपटें थीं। ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मलबे से घायलों को निकालना शुरू किया और निजी वाहनों व एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुँचाया।
Andhra Pradesh: खेतों में बिखरी लाशें: डरावना और हृदयविदारक दृश्य
पुलिस अधिकारियों ने घटना की जो जानकारी दी है, वह रूह कंपा देने वाली है। धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों के शव उड़कर पास के धान के खेतों में जा गिरे। हरे-भरे खेतों के बीच बिखरे हुए शवों और मानव अंगों को देखकर बचाव दल के भी हाथ-पांव फूल गए। स्थानीय लोग खाद की बोरियों से बनी चादरों (बाराकालू) में लपेटकर क्षत-विक्षत शवों को ले जाते देखे गए। पुलिस ने खेतों में दूर-दूर तक बिखरे हुए शरीर के हिस्सों और लापता लोगों का पता लगाने के लिए आधुनिक ड्रोन कैमरों को तैनात किया है, ताकि कोई भी अवशेष पीछे न छूटे।
अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग: 100% तक झुलसे घायल
काकीनाडा गवर्नमेंट हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट ने घायलों की स्थिति पर चिंता जताते हुए बताया कि अस्पताल लाए गए अधिकांश लोग 90 से 100 प्रतिशत तक जल चुके हैं। उनकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम चौबीसों घंटे उनकी जान बचाने के प्रयास में जुटी है। जलने की गंभीरता को देखते हुए कुछ मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बड़े केंद्रों में रेफर करने की तैयारी भी की जा रही है। पीड़ित परिवारों का अस्पताल के बाहर जमावड़ा लगा हुआ है और हर तरफ चीख-पुकार सुनाई दे रही है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक जांच
इस भयावह हादसे ने एक बार फिर पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मुद्दे को गरमा दिया है। प्रारंभिक जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि विस्फोटक रसायनों के रखरखाव में लापरवाही या शॉर्ट सर्किट इस धमाके का कारण हो सकता है। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और यह जांच की जा रही है कि क्या इकाई के पास वैध लाइसेंस और अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा करने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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