पर्युषण पर्व जैन धर्म का सबसे पवित्र और आत्मशुद्धि पर केंद्रित पर्व है, जिसे श्वेतांबर और दिगंबर संप्रदाय अलग-अलग विधियों से मनाते हैं। यह पर्व आत्मनिरीक्षण, क्षमा, संयम और तपस्या का प्रतीक है। पर्युषण के दौरान उपवास, प्रतिक्रमण और आगम वाचन जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। दिगंबर संप्रदाय इसे ‘दशलक्षण धर्म’ के रूप में […]
