Bada Mangal 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ का महीना आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस महीने में आने वाले सभी मंगलवारों को ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ के नाम से पुकारा जाता है। आज ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल है, जो भगवान हनुमान की विशेष कृपा प्राप्त करने का स्वर्णिम […]
Jyeshtha Maas 2026: सूर्य उपासना और हनुमान भक्ति से चमकेगा भाग्य, जानें ज्येष्ठ मास के नियम
Jyeshtha Maas 2026: ज्येष्ठ का महीना हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना होता है, जो अपनी प्रचंड गर्मी और आध्यात्मिक गहराई के लिए विख्यात है। साल 2026 में इस पवित्र मास का आरंभ 2 मई से हो रहा है, जिसका समापन 29 जून को होगा। यह समय न केवल प्रकृति के कड़े तेवरों का है, बल्कि […]
Vaishakh Maas 2026: 3 अप्रैल से शुरू होगा पुण्यकारी वैशाख माह, जानें अक्षय तृतीया, व्रत-त्योहार की लिस्ट और दान के नियम
Vaishakh Maas 2026: सनातन धर्म के पंचांग के अनुसार, चैत्र मास की विदाई के साथ ही साल के दूसरे सबसे पवित्र महीने ‘वैशाख’ का आगमन होता है। वैशाख मास को भक्ति, पुण्य और दान-पुण्य के लिए सर्वोत्तम माना गया है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, यह समय अप्रैल और मई के बीच का होता है, जब […]
Chaitra Navratri 2026 : पालकी पर होगा मां दुर्गा का आगमन, हाथी पर विदाई के जानें मायने
Chaitra Navratri 2026: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है, क्योंकि यह न केवल शक्ति की उपासना का पर्व है, बल्कि इसी दिन से हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत) का शुभारंभ भी होता है। साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च, गुरुवार से हो रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस […]
Papmochani Ekadashi: 2026 में पापमोचिनी एकादशी पर बन रहा दुर्लभ संयोग, जानें पारण का सही समय।
Papmochani Ekadashi: सनातन धर्म में एकादशी व्रत को सभी व्रतों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। यह पवित्र दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित होता है। ऐसी मान्यता है कि जो भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ नारायण और धन की देवी मां लक्ष्मी की उपासना करते हैं, उनके घर में कभी सुख-समृद्धि […]
Chaitra Amavasya 2026: पितृ दोष से मुक्ति के लिए करें ये अचूक उपाय, जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Chaitra Amavasya 2026: हिंदू धर्म और सनातन संस्कृति में अमावस्या तिथि का विशेष स्थान है। पंचांग के अनुसार, प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को अमावस्या कहा जाता है। इस दिन चंद्रमा आकाश में पूरी तरह अदृश्य रहता है। आध्यात्मिक दृष्टिकोण से यह दिन पितरों की शांति, तर्पण, स्नान-दान और गहन साधना के लिए […]

