गरुड़ पुराण के अनुसार, वैतरणी नदी मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह नदी पाप और पुण्य का प्रतीक है, जिसे पार किए बिना आत्मा अगले लोक में नहीं जा सकती। इसे यमलोक की सीमा पर स्थित माना जाता है, जो जीवात्मा की परीक्षा लेती है। इस नदी का जल […]
