Headline
Mangal Milan Meeting
BJP Mangal Milan Meeting: मांडविया ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां, UPA पर साधा निशाना
Amit Shah Big Statement
Amit Shah Big Statement: 7 साल में 36 देशों से लौटे 275 भगोड़े अपराधी, शाह ने गिनाईं उपलब्धियां
Lok Sabha
Lok Sabha: ध्वनिमत से पास हुआ विनियोग विधेयक 2026, विपक्ष ने चर्चा का किया बहिष्कार
Bypoll Results
Bypoll Results : उपचुनाव नतीजों पर BJP में मंथन, नितिन नवीन बोले- नई ऊर्जा और संकल्प के साथ जनता के बीच जाएंगे
Trump on Iran Talks
Trump on Iran Talks: ‘कल तक खुल सकता है होर्मुज स्ट्रेट’, ईरान वार्ता पर ट्रंप का बड़ा दावा
Morning Coffee Benefits
Morning Coffee Benefits: क्या सुबह की कॉफी लिवर को रख सकती है स्वस्थ? विशेषज्ञ की राय जानिए
Vastu Tips
Vastu Tips: घर में हाथी का जोड़ा रखना चाहिए या नहीं? जानिए वास्तु शास्त्र की मान्यता और नियम
Manjalpur Bypoll Result
Manjalpur Bypoll Result: BJP की बड़ी जीत, सतीश पटेल ने 30 हजार+ वोटों से मारी बाजी
RSS Gen Z Outreach
RSS Gen Z Outreach: 100+ शहरों में युवाओं से संवाद करेंगे मोहन भागवत, बड़ा अभियान तैयार

 Odisha News : फिर शर्मसार हुई व्यवस्था, झारसुगुड़ा में पत्नी का शव बाइक पर लाया पति, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

Odisha News

 Odisha News :  ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले से एक बेहद दुखद और व्यवस्था को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जिले के लाइकेरा ब्लॉक के उडियापाली गांव के निवासी नरेश छत्रिया को अपनी पत्नी जमुना का शव बाइक पर लादकर घर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। घटना 4 जुलाई की है, जब नरेश अपनी बीमार पत्नी को मुंद्राजोर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले गया था, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

आरोप है कि अस्पताल प्रशासन द्वारा शव वाहन उपलब्ध न कराए जाने के कारण नरेश को अपने पड़ोसी की बाइक का सहारा लेना पड़ा। मुंद्राजोर CHC से उडियापाली गांव की दूरी लगभग पांच किलोमीटर है, जिसे नरेश ने पत्नी के शव के साथ बाइक पर तय किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

पोस्टमार्टम के डर और सामाजिक रीति-रिवाजों का रहस्य

इस मामले के सामने आने के बाद कुछ मीडिया रिपोर्टों में एक चौंकाने वाला दावा किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नरेश छत्रिया ने एंबुलेंस का इंतजार ही नहीं किया, क्योंकि उसे डर था कि अस्पताल में पत्नी का पोस्टमार्टम कर दिया जाएगा। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यदि शव का पोस्टमार्टम होता है, तो परिवार को सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ सकता है और पूरे समाज को एक बड़ा भोज देना अनिवार्य हो जाता है। इसी आर्थिक और सामाजिक दबाव के भय से नरेश ने आनन-फानन में पत्नी के शव को चादर से ढका और बिना किसी सरकारी वाहन के घर की ओर निकल पड़ा। यह दावा स्वास्थ्य सेवाओं की विफलता के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त कुप्रथाओं की ओर भी इशारा करता है।

स्वास्थ्य विभाग की सफाई: परिवार ने खुद लिया फैसला

झारसुगुड़ा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CDMO) डॉ. शक्ति प्रसाद पाधी ने मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मुंद्राजोर CHC में कोई स्थायी शव वाहन उपलब्ध नहीं है। उन्होंने सफाई दी कि प्रशासन दूसरी जगह से वाहन का इंतजाम कर रहा था, लेकिन परिजन पोस्टमार्टम से बचने के लिए लिखित अंडरटेकिंग (अस्वीकृति पत्र) देकर शव को अपने साथ ले गए। स्वास्थ्य विभाग ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। डॉ. पाधी ने आश्वासन दिया है कि यदि इस मामले में किसी भी डॉक्टर या कर्मचारी की लापरवाही पाई गई, तो उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

दाना माझी की दर्दनाक यादें और प्रशासनिक विफलता

इस घटना की तुलना अगस्त 2016 की उस शर्मनाक घटना से की जा रही है, जब कालाहांडी के दाना माझी को अपनी पत्नी का शव कंधे पर उठाकर 10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा था। उस समय वह दृश्य पूरे देश के लिए स्तब्ध कर देने वाला था, जिसने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को वैश्विक स्तर पर उजागर किया था। उस घटना के बाद ओडिशा सरकार ने ‘महाप्रयाण योजना’ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की थीं, जिसके तहत मुफ्त शव वाहन सेवा का वादा किया गया था।

आज, 10 साल बाद झारसुगुड़ा की यह घटना यह दर्शाती है कि सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई अभी भी कितनी गहरी है। क्या सरकारें वाकई उन गरीब परिवारों तक पहुंच पा रही हैं, जिन्हें अंतिम समय में अपनों को सम्मान के साथ विदा करने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है? यह सवाल अब एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था के सामने खड़ा हो गया है।

Read More :  Benjamin Netanyahu : जेडी वेंस के बयान पर नेतन्याहू का पलटवार, इजराइल-भारत संबंधों को लेकर बढ़ी नई राजनीतिक बहस

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
ग्रीन साड़ी में रॉयल और ट्रेंडी दिखने के लिए अपनाएं ये तरीके पिंपल्स वाली स्किन के लिए मेकअप के आसान टिप्स पहले सावन सोमवार की पूजा ऐसे करें सफल कहां से आया फ्रेंडशिप डे का विचार? तवे पर बार-बार चिपक रहा डोसा?