Modi Cabinet Reshuffle : केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में जल्द ही एक बड़े कैबिनेट फेरबदल की संभावनाओं ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। अटकलें हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले रविवार (28 जून) या सोमवार (29 जून) को अपने मंत्रिपरिषद में बदलाव कर सकते हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन 23 जून को प्रधानमंत्री की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हुई मुलाकात के बाद इन चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। माना जा रहा है कि इस फेरबदल के जरिए सरकार न केवल अपने कामकाज को गति देने का प्रयास करेगी, बल्कि आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए एक नया संदेश भी देगी।
चुनावी रणनीति और संगठनात्मक बदलाव के संकेत
कैबिनेट में इस फेरबदल के पीछे कई महत्वपूर्ण राजनीतिक कारण बताए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी भविष्य की रणनीति को मजबूत करने में जुटी है। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले कुछ दिनों में वरिष्ठ नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों के साथ गहन बैठकें की हैं, जिससे मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चाओं को बल मिला है। चर्चाओं के अनुसार, कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बदलाव या फेरबदल की संभावना है। साथ ही, कुछ नेताओं को सरकार से हटाकर संगठन में नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं, ताकि पार्टी और सरकार के बीच बेहतर समन्वय बना रहे।
जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा और संवैधानिक बाध्यता
इस प्रस्तावित फेरबदल की पृष्ठभूमि में हाल ही में हुए एक इस्तीफे ने भी सबका ध्यान खींचा है। केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन ने 23 जून को अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उसी दिन स्वीकार कर लिया। उनके इस्तीफे का मुख्य कारण उनका राज्यसभा सदस्य न रहना था। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, संसद का सदस्य न होने के कारण उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा। केरल भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल 24 जून 2026 को समाप्त हुआ था। पार्टी ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि उन्हें दोबारा उच्च सदन में नहीं भेजा जाएगा।
जॉर्ज कुरियन का राजनीतिक सफर और योगदान
65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन भाजपा के उन चुनिंदा नेताओं में से रहे हैं, जो पार्टी के गठन (1980) के समय से ही इसके साथ जुड़े रहे हैं। कोट्टायम निवासी कुरियन को मोदी सरकार 3.0 में 9 जून 2024 को केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई थी। उन्हें अल्पसंख्यक मामलों के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी। कुरियन को केरल में भाजपा की ‘ईसाई आउटरीच’ रणनीति का एक प्रमुख चेहरा माना जाता था। हालांकि, केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कंजिराप्पल्ली सीट से चुनाव हारने के बाद, अब उनके इस्तीफे को पार्टी के आगामी संगठनात्मक बदलावों और नई नियुक्तियों की एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
