Attack on Trump : वॉशिंगटन के प्रतिष्ठित हिल्टन होटल में आयोजित ‘व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर’ के दौरान हुई गोलीबारी की घटना ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। इस हमले के तुरंत बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कायराना कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की। पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी सभ्य समाज और लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा के लिए रत्ती भर भी स्थान नहीं होना चाहिए। इस संदेश के जरिए उन्होंने न केवल अमेरिका के साथ भारत की एकजुटता दिखाई, बल्कि राजनीतिक हिंसा के खिलाफ एक कड़ा वैश्विक संदेश भी दिया।
Attack on Trump : राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा पर पीएम मोदी ने व्यक्त की राहत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया और आधिकारिक माध्यमों से अपना बयान जारी करते हुए कहा कि उन्हें यह जानकर बेहद राहत मिली है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप पूरी तरह सुरक्षित हैं। पीएम मोदी ने कहा, “वॉशिंगटन डीसी में हुई घटना की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। मेरे मित्र राष्ट्रपति ट्रंप सुरक्षित हैं, यह जानकर मन को शांति मिली है। भारत इस कठिन समय में अपने सबसे पुराने रणनीतिक साझेदार अमेरिका के साथ मजबूती से खड़ा है।” मोदी का यह बयान दोनों नेताओं के बीच के व्यक्तिगत और पेशेवर तालमेल को भी दर्शाता है।
Attack on Trump : लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला
व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक संवाद का एक प्रतीक माना जाता है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजनों पर हमला सीधे तौर पर लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रहार है। उन्होंने कहा कि वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन अपनी बात मनवाने के लिए गोलियों का सहारा लेना लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करता है। उन्होंने विश्व समुदाय से आह्वान किया कि आतंक और हिंसा के खिलाफ सभी देशों को एकजुट होकर लड़ना होगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
घटना के समय हिल्टन होटल में मौजूद थे शीर्ष अमेरिकी नेता
जिस समय होटल के सार्वजनिक क्षेत्र में फायरिंग हुई, उस वक्त बॉलरूम के अंदर अमेरिका का शीर्ष नेतृत्व मौजूद था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सहित कई कैबिनेट मंत्री रात्रिभोज का आनंद ले रहे थे। पीएम मोदी ने इस बात पर चिंता जताई कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद हमलावर कार्यक्रम स्थल के इतने करीब पहुंचने में कैसे सफल रहा। भारतीय सुरक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि यह घटना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ है, विशेषकर उन कार्यक्रमों के लिए जहां राष्ट्राध्यक्ष मौजूद हों।
वैश्विक नेताओं ने भी की हमले की एक सुर में निंदा
प्रधानमंत्री मोदी के अलावा दुनिया भर के अन्य प्रमुख नेताओं ने भी इस हमले की आलोचना की है। हालांकि, भारत की प्रतिक्रिया सबसे त्वरित और प्रभावी रही। मोदी ने अपनी प्रार्थनाओं में उस घायल पुलिस अधिकारी का भी जिक्र किया जिसने अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रंप की सुरक्षा सुनिश्चित की। पीएम मोदी ने कहा कि सुरक्षा बलों का साहस और कर्तव्यनिष्ठा ही है जो अराजक तत्वों को सफल नहीं होने देती। भारत सरकार ने इस घटना के बाद अपनी सुरक्षा एजेंसियों को भी विदेशों में भारतीय राजनयिकों और कार्यक्रमों की सुरक्षा की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
शांति और अहिंसा का भारत का स्थायी संदेश
भारत हमेशा से ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और अहिंसा के मार्ग पर चलने वाला राष्ट्र रहा है। पीएम मोदी ने एक बार फिर महात्मा गांधी के सिद्धांतों को दोहराते हुए कहा कि हिंसा केवल विनाश लाती है और संवाद ही हर समस्या का समाधान है। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के शीघ्र पूर्ण स्वस्थ होने (मानसिक शांति के संदर्भ में) और अमेरिका में शांति बहाली की कामना की। इस निंदा प्रस्ताव के माध्यम से भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद और हिंसा के किसी भी स्वरूप के खिलाफ शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति रखता है, चाहे वह दुनिया के किसी भी कोने में हो।
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