World War 3 Alert: मध्य पूर्व में युद्ध के बादल गहराते जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई सीधी सैन्य धमकी के बाद ईरान ने भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। ईरान की सैन्य कमान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है और किसी भी दुस्साहस का जवाब ‘विनाशकारी’ तरीके से दिया जाएगा।
World War 3 Alert: ईरान की जवाबी चेतावनी: नागरिक ठिकानों पर हमला पड़ा भारी
ईरान की केंद्रीय सैन्य कमान (खतम अल-अंबिया) ने सोमवार को एक कड़ा संदेश जारी करते हुए अमेरिका और इजरायल को आगाह किया है। ईरानी सेना के प्रवक्ता ने टेलीग्राम पर साझा किए गए एक आधिकारिक बयान में कहा कि यदि अमेरिका या इजरायल ने ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे या रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने की हिमाकत की, तो ईरान की जवाबी कार्रवाई “अत्यंत विनाशकारी और व्यापक” होगी। ईरानी सरकारी ब्रॉडकास्टर (IRIB) द्वारा रिपोर्ट किए गए इस बयान ने वैश्विक मंच पर तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।
World War 3 Alert: ट्रंप का अल्टीमेटम: “शांति समझौता करो या तबाही के लिए तैयार रहो”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी चिर-परिचित आक्रामक शैली में ईरान को अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक उनकी समय सीमा समाप्त होने से पहले ईरानी सरकार शांति समझौते की शर्तों को स्वीकार नहीं करती है, तो अमेरिका ‘पूरे ईरान को उड़ा सकता है’। ट्रंप की मुख्य मांग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए फिर से खोलने और अमेरिकी शर्तों पर नई परमाणु व सामरिक डील करने की है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और 48 घंटे की समय सीमा
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक्सियोस और फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा कि अगले 48 घंटे ईरान के भविष्य के लिए निर्णायक होंगे। उन्होंने कहा, “अगर वे समझौता नहीं करते हैं, तो मैं वहां सब कुछ नष्ट कर दूंगा।” ट्रंप का तर्क है कि ईरान आर्थिक और सामरिक रूप से पहले ही टूट चुका है और अब उसके पास झुकने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की स्थिति हर बीतते दिन के साथ बदतर होती जा रही है।
ईरानी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की योजना
एबीसी न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमलों को सही ठहराने की कोशिश की। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि ईरान को हर दिन नए पुल, बिजली संयंत्र और अन्य महत्वपूर्ण संस्थान बनाने की जरूरत पड़ रही है क्योंकि अमेरिका की मार इतनी भीषण है। ट्रंप का मानना है कि इस तरह के हमलों से ईरान की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी और वह अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे घुटने टेकने पर मजबूर हो जाएगा।
नागरिक क्षति की चिंता को ट्रंप ने किया खारिज
जब राष्ट्रपति ट्रंप से नागरिक जीवन के भारी नुकसान और मानवाधिकारों के उल्लंघन पर सवाल किया गया, तो उन्होंने इन चिंताओं को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उनका तर्क है कि ईरानी जनता खुद अपनी वर्तमान सरकार के विरोध में है और वे शासन को कमजोर करने वाले किसी भी विदेशी हस्तक्षेप का समर्थन करेंगे। ट्रंप ने एक्सियोस से कहा कि ईरानी लोग डर के साये में जी रहे हैं, लेकिन अमेरिका अपने मिशन को बीच में नहीं छोड़ेगा।
क्या युद्ध की ओर बढ़ रहा है विश्व?
ईरान का “झुकेंगे नहीं” वाला रुख और ट्रंप की “सब कुछ उड़ा देने” की धमकी ने कूटनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। यदि अगले 24 से 48 घंटों में दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कोई कोशिश सफल नहीं होती है, तो होर्मुज की खाड़ी और मध्य पूर्व का एक बड़ा हिस्सा भीषण सैन्य टकराव की चपेट में आ सकता है। विश्व समुदाय की नजरें अब मंगलवार की उस समय सीमा पर टिकी हैं, जो इस क्षेत्र का भविष्य तय करेगी।
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