Cardiac arrest symptoms: मशहूर म्यूजिक वीडियो ‘कांटा लगा’ से घर-घर में पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस और मॉडल शेफाली जरीवाला का 27 जून 2025 को अचानक निधन हो गया। शेफाली की उम्र महज 42 साल थी। इस खबर से पूरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री और उनके फैन्स सदमे में हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते शुक्रवार को शेफाली को उनके पति, अभिनेता पराग त्यागी और तीन अन्य लोग मुंबई के एक मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में लेकर पहुंचे थे। हालांकि अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि उन्हें अस्पताल लाने से पहले ही उनका निधन हो चुका था। डॉक्टर्स ने मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई है।
कार्डियक अरेस्ट (Cardiac arrest) एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है जिसमें दिल अचानक काम करना बंद कर देता है। इसके चलते शरीर में खून का प्रवाह रुक जाता है और कुछ ही मिनटों में जान जाने का खतरा रहता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, शेफाली को किसी भी तरह की पुरानी दिल की बीमारी की जानकारी सार्वजनिक नहीं थी, जिससे यह घटना और भी चौंकाने वाली बन गई है।
शेफाली जरीवाला ने अपने करियर में कई म्यूजिक वीडियोज, टीवी शोज और रियलिटी शोज में काम किया था। ‘बिग बॉस’ में भी उनकी मौजूदगी ने उन्हें नई पीढ़ी में भी लोकप्रिय बनाया। उनके अचानक निधन से न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर फैन्स और सेलेब्रिटीज उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
कार्डियक अरेस्ट: जानिए कारण, लक्षण और बचाव के महत्वपूर्ण बिंदु
कार्डियक अरेस्ट क्या है? (Cardiac arrest)
कार्डियक अरेस्ट एक ऐसी गंभीर स्थिति है जिसमें दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है। इससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों, जैसे दिमाग और फेफड़ों तक रक्त का प्रवाह रुक जाता है। कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक अलग-अलग स्थितियां हैं; हार्ट अटैक में दिल की धमनियों में रुकावट आती है, जबकि कार्डियक अरेस्ट में दिल की इलेक्ट्रिकल गतिविधि रुक जाती है। यह कुछ ही सेकंड में व्यक्ति को बेहोश कर सकता है और यदि तुरंत मेडिकल मदद न मिले तो जानलेवा साबित होता है। हर साल दुनियाभर में लाखों लोग कार्डियक अरेस्ट का शिकार होते हैं। इसकी गंभीरता को समझना और इसके लक्षणों के प्रति सजग रहना बेहद आवश्यक है।
कार्डियक अरेस्ट के मुख्य कारण
कार्डियक अरेस्ट (Cardiac arrest) का सबसे बड़ा कारण दिल की धड़कनों का असामान्य होना (Arrhythmia) होता है। इसके अलावा कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हार्ट फेलियर, दिल की जन्मजात बीमारियां, ज़्यादा शराब या ड्रग्स का सेवन, अत्यधिक थकान और इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन भी इस स्थिति को जन्म दे सकते हैं। खेलते समय अचानक गिर जाना भी कार्डियक अरेस्ट का संकेत हो सकता है। आजकल युवाओं में भी बढ़ते तनाव, खराब लाइफस्टाइल और अनियमित खानपान की वजह से कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ गया है। इसलिए इसे हल्के में न लें और समय-समय पर दिल की जांच कराएं।
कार्डियक अरेस्ट के लक्षण (Cardiac arrest symptoms)
कार्डियक अरेस्ट अक्सर अचानक होता है, लेकिन कभी-कभी कुछ संकेत पहले से मिलने लगते हैं जैसे – तेज धड़कन, चक्कर आना, अचानक बेहोशी, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ और अत्यधिक पसीना आना। कुछ मामलों में व्यक्ति के होश में रहते हुए भी दिल की धड़कन रुक सकती है। यदि किसी को अचानक गिरते या बेहोश होते देखें, तो तुरंत मेडिकल मदद लें और CPR (Cardiopulmonary resuscitation) दें, ताकि उसे जीवनदान मिल सके। लक्षणों को नजरअंदाज न करें, क्योंकि हर मिनट की देरी खतरनाक हो सकती है।
कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में अंतर
अक्सर लोग हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट (Cardiac arrest) को एक ही समझते हैं, लेकिन दोनों अलग हैं। हार्ट अटैक में दिल की धमनियों में रुकावट से दिल के एक हिस्से को खून नहीं मिलता, जिससे दर्द और सांस की दिक्कत होती है। जबकि कार्डियक अरेस्ट में दिल की इलेक्ट्रिकल गतिविधि अचानक रुक जाती है, जिससे दिल की पंपिंग बंद हो जाती है। हार्ट अटैक के दौरान भी कार्डियक अरेस्ट हो सकता है, लेकिन हर कार्डियक अरेस्ट हार्ट अटैक की वजह से नहीं होता। इस फर्क को समझकर समय पर इलाज लेना जरूरी है।
कार्डियक अरेस्ट से बचाव के उपाय
स्वस्थ जीवनशैली कार्डियक अरेस्ट के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है। संतुलित आहार लें, रोजाना व्यायाम करें, धूम्रपान और शराब से दूर रहें। तनाव कम करने के लिए ध्यान और योग का सहारा लें। समय-समय पर ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर की जांच कराएं। परिवार में दिल की बीमारी का इतिहास हो, तो डॉक्टर से नियमित चेकअप कराएं। अचानक थकान, सीने में दर्द या तेज धड़कन को नजरअंदाज न करें। अपने दिल को स्वस्थ रखना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
CPR का महत्व
कार्डियक अरेस्ट (Cardiac arrest) की स्थिति में सबसे अहम कदम होता है तुरंत CPR देना। CPR (Cardiopulmonary resuscitation) से दिल में ब्लड सर्कुलेशन बनाए रखा जाता है, जिससे मरीज को हॉस्पिटल पहुंचने तक समय मिल सकता है। इसके लिए छाती पर तेजी से और गहराई से दबाव देना होता है। आजकल कई संस्थानों में CPR ट्रेनिंग उपलब्ध है, जिसे सीखकर आप किसी की जान बचा सकते हैं। अपने परिवार और कर्मचारियों को भी CPR सिखाना चाहिए ताकि इमरजेंसी में घबराने के बजाय मदद की जा सके।
मानसिक स्वास्थ्य और दिल की सेहत
तनाव, चिंता और डिप्रेशन सीधे दिल की सेहत को प्रभावित करते हैं। लंबे समय तक मानसिक तनाव से दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है, जिससे कार्डियक अरेस्ट (Cardiac arrest) का खतरा बढ़ता है। रोजाना ध्यान और प्राणायाम करें, खुलकर हंसें, पर्याप्त नींद लें और दोस्तों व परिवार के साथ समय बिताएं। छोटी-छोटी खुशियों को महत्व दें। याद रखें, स्वस्थ दिल के लिए सिर्फ शारीरिक ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य का संतुलन भी बेहद जरूरी है।
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